सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा समूह की यह दलील खारिज कर दी कि उसकी जिन दो कंपनियों – सहारा इडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पब्लिक से धन जुटाने से रोका है, उस पर सेबी का कोई अधिकार नहीं बनता और वे कंपनी रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, “हम यहऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पश्चिम बंगाल की कंपनी रोज़ वैली रीयल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन को लोगों से किसी भी रूप में धन जुटाने से रोक दिया है। सेबी का आरोप है कि कंपनी एक सामूहिक निवेश स्कीम (सीआईएस) चला रही है, लेकिन इसके लिए उसने नियामक संस्था की इजाजत नहीं ली है। सेबी ने मंगलवार को जारी आदेश में रोज़ वैली से कड़े शब्दों में कहा है, “वह निवेशकों से कोई धन इकट्ठा न करे,औरऔर भी

आयकर अपीली न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने नया आदेश जारी कर बोफोर्स के भूत को फिर से जिंदा कर दिया है। लेकिन समझ में नहीं आता कि 24 साल पुराना यह मामला जा कहां रहा है। आईटीएटी के बाद अब यह मसला बॉम्बे हाईकोर्ट में जाएगा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में। तब तक रिश्वतखोरी के इस कांड से जुड़े सभी लोग स्वर्ग सिधार चुके होंगे। विन चड्ढा तो पहले ही दिवंगत हो चुके हैं। फिलहाल अहम सवाल यहऔरऔर भी

कंपनियों के बीच अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल और लोगों के तेजी से स्मार्ट फोन अपनाने के साथ इस साल साइबर अपराधी और आक्रामक ढंग से हमला बोलने की तैयारी में हैं। इंटरनेट सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी ट्रेंड माइक्रो के ताजा अध्ययन के मुताबिक 80 फीसदी से ज्यादा साइबर अपराधी स्पैम मेल भेजने के लिए वेब का इस्तेमाल करते हैं। इस समय हर सेकंड पर 3.5 नए वायरस पैदा किए जा रहे हैं। अध्ययनऔरऔर भी

सीबीआई ने दो दशक से अधिक पुराने बोफोर्स मामले में इतालवी व्यवसायी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ कार्यवाही वापस लेने का यह कहते हुए बचाव किया है कि उसे आयकर अपीली न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के आदेश के मद्देनजर सरकार से कोई ताजा निर्देश नहीं मिला है। बता दें कि क्वात्रोच्चि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद यादव के समक्ष जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताऔरऔर भी

अमित जी का शुक्रिया जो उन्होंने टीसीआई फाइनेंस पर अपनी रिपोर्ट हमें भेजी है। तो, हम भी उनकी संस्तुति को जस का तस हिंदी में तर्जुमा कर प्रस्तुत किए दे रहे हैं। अमित जी लिखते हैं: टीसीआई फाइनेंस एक ऐसा स्टॉक है जिसमें बड़ा मूल्य छिपा है लेकिन जिसे बाजार अभी तक नजरअंदाज किए हुए है। यह कंपनी गति समूह से ताल्लुक रखती है और इस समूह की एनबीएफसी इनवेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी है। टीसीआई फाइनेंस ने कईऔरऔर भी

चींटी अगर घड़े पर भी चले तो उसे लगता है कि वह सीधी रेखा में चल रही है। हमारे साथ भी यही होता है। लेकिन इस सृष्टि में सब कुछ वक्र है। विशाल वक्र का छोटा हिस्सा हमें सीधा दिखता है, पर होता नहीं।और भीऔर भी

बोफोर्स का भूत एक बार फिर कांग्रेस के पीछे पड़ गया लगता है। एक आयकर ट्राइब्यूनल ने कहा है कि होवित्जर तोप सौदे में दिवंगत विन चड्ढा और इटली के व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि को 41 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई थी और ऐसी आमदनी पर भारत में उन पर कर देनदारी बनती है। आयकर अपीली ट्राइब्यूनल ने 98 पृष्ठों के आदेश में कहा कि इस संबंध में निष्क्रियता से यह अनचाही धारणा बन सकती है किऔरऔर भी

मुद्रास्फीति की ऊंची दरों के चलते अब डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला अगले वित्त वर्ष तक टाला जा सकता है। यह कहना है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन का। उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया कि, “शायद मार्च 2011 तक अगर मुद्रास्फीति की दर 6 फीसदी के आसपास आ जाती है तो उस वक्त संभवतः डीजल के मूल्यों को बढ़ाया जा सकता है।” पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर वित्त मंत्रीऔरऔर भी

सिटी बैंक में 300 करोड़ रुपए की अनुमानित धोखाधड़ी का मुख्य अभियुक्त शिवराज पुरी लोगों व कंपनियों से जुटाई गई ज्यादातर रकम शेयर बाजार के डेरिवेटिव सौदों में लगाता था। गुड़गांव पहुंची सेबी की दो सदस्यीय टीम ने पुरी के निवेश के पैटर्न को जांचने के बाद यह पता लगाया है। इस बीच सोमवार को इस मामले में पुलिस ने हीरो समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। हीरो समूह की इकाई हीरोऔरऔर भी