निफ्टी आज 5130 अंक के उस चौराहे से होकर गुजरा, जहां से एक तरफ तेजी की राह और दूसरी तरफ मंदी की राह निकलती है। 5140 या 5150 के ऊपर गया तो यह 5500 की मंजिल पकड़ लेगा। हालांकि मंदड़िये अब भी अड़े हुए हैं और शॉर्ट सौदों से बाज नहीं आ रहे। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बी ग्रुप के शेयर बहुत-बहुत तेजी से बढ़ेंगे। आप अपनी मर्जी से जब चाहें, इन्हें खरीद सकते हैं। लेकिनऔरऔर भी

कविवर बिहारी का यह दोहा आपको भी याद होगा कि रे गंधि! मतिअंध तू, अतरि दिखावत काहि, कर अंजुरि को आचमन, मीठो कहत सराहि। सुगंध बेचनेवाले तू इन लोगों को इत्र दिखाने की मूर्खता क्यों कर रहा है। ये लोग तो इत्र को अंजुरी में लेकर चखेंगे और कहेंगे कि वाह, कितनी मीठी है। लेकिन कभी-कभी मूर्खता दिखाने में भी फायदा होता है। कैसे? तो… आपको एक कहानी सुनाता हूं। एक समय की बात है। उज्जैनी राज्यऔरऔर भी

जी, हां। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) का सच यही है। उसकी चुकता पूंजी महज 5 करोड़ रुपए है। लेकिन उसकी संपत्ति के एक अंश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई के सबसे पॉश इलाकों फोर्ट (कोलाबा) और चर्चगेट में हर दूसरी-तीसरी बिल्डिंग उसी की नजर आती है। पूरे देश में एलआईसी के पास जबरदस्त प्रॉपर्टी है। वह इस समय करीब 10 लाख करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

असम में इस बार चाय की फसल खराब रही है। पैदावार लगभग 25 फीसदी घट गई है। ऐसे में चाय की कीमतें बढ़ सकती हैं जिसका सकारात्मक असर चाय कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है। इसलिए अभी चाय कंपनियों पर खास नजर रखने की जरूरत है। मैकलियॉड रसेल के शेयरों में सुबह से ही बढ़त का सिलसिला दिख रहा है। बीएसई में यह शेयर अभी तक 2.45 फीसदी बढ़कर 175.55 रुपए पर कारोबार कर रहा है।औरऔर भी

कबीर की उलटबांसियों पहले आध्यात्म्य की अबूझ पहेलियां लगती थीं। अब दुनिया का असली सच लगती हैं। जैसे, गतिशीलता ही स्थाई है और जिसे हम स्थाई समझते हैं वो तो बराबर गतिशील है।और भीऔर भी

टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) टाटा समूह की कंपनी है। देश में टिन कोटेड व टिन फ्री स्टील शीट की सबसे बड़ी उत्पादक है। घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी 35-40 फीसदी है। कंपनी अपना 20-25 फीसदी उत्पादन निर्यात करती है। कोलकाता में इसका मुख्यालय है। फैक्ट्री जमशेदपुर में है। 85 साल पुरानी नामी कंपनी है। कल बीएसई में इसके शेयरों में जबरदस्त कारोबार हुआ 8.35 लाख शेयरों का, जबकि पिछले दो हफ्ते में औसत कारोबार 1.37औरऔर भी

देश में शेयर ट्रेडिंग के लिए जरूरी डीमैट खातों की संख्या अभी भले ही 1.69 करोड़ तक सीमित हो, लेकिन इनका दायरा देश के 80 फीसदी पिनकोड पतों तक फैल चुका है। यह दावा है देश की प्रमुख डिपॉजिटरी संस्था एनएसडीएल (नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) का। एनएसडीएल में डीमैट खातों की संख्या अभी 1.02 करोड़ है, जबकि दूसरी डिपॉजिटरी संस्था सीडीएसएल (सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड) में इस समय कुल 67.06 लाख डीमैट खाते हैं। इनमें बंदऔरऔर भी

ट्रेडरों से लेकर निवेशक तक सभी यूरो, हंगरी, ग्रीस और पिग्स (पुर्तगाल, आयरलैंड, ग्रीस व स्पेन का संक्षिप्त नाम) का हल्ला मचा रहे थे। लेकिन बाजार ने उन्हें ठेंगा दिखा दिया, गलत साबित कर दिया। लेहमान के समय यही लोग कार्ड घोटाले की बात कर रहे थे। उसके बाद इन पर मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का भूत सवार हो गया। लेकिन क्या आज सचमुच कोई मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की बात कर रहा है? बाजार को डरानेऔरऔर भी

केंद्रीय कैबिनेट ने कोल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश का फैसला टाल लिया है। इसकी मुख्य वजह राजनीतिक सहमति न बन पाना बताया जा रहा है। खासकर, रेल मंत्री ममता बनर्जी कोल इंडिया के विनिवेश का विरोध कर रही हैं। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद खान मंत्री बी के हांडिक ने मीडिया को यह जानकारी दी। लेकिन उन्होंने विनिवेश का फैसला टालने की कोई वजह अपनी तरफ से नहीं बताई। बता दें कि जहांऔरऔर भी

कल हमने सूत्रों के हवाले से आपको बताया कि श्राडेर डंकन की विदेशी प्रवर्तक अमेरिकी कंपनी श्राडेर ब्रिजपोर्ट इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय प्रवर्तक व चेयरमैन जे पी गोयनका की पूरी 24.50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। वह इसके लिए प्रति शेयर मूल्य 324 रुपए देने को तैयार है। असल में इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाने के पीछे अमेरिका की कंपनी गेट्स का नाम आ रहा है। आज बीएसई में यह शेयर शुरुआती कारोबार में 149.85 रुपए परऔरऔर भी