देश के 23 जिंस एक्सचेंजो का कारोबार अक्टूबर माह में 54.31 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 9.89 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के मुताबिक सर्राफा कारोबार में बढ़ोतरी के कारण एक्सचेंजों के कारोबार में तेजी आई। पिछले साल के इसी माह में जिंस एक्सचेंजों का कारोबार 6.40 लाख करोड़ रुपये रहा था। अक्टूबर माह के दौरान देश के चार प्रमुख एक्सचेंजों में से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) का कारोबार 57.46 फीसदी कीऔरऔर भी

कर्ज में डूबी आयरलैंड सरकार ने यूरोपीय संघ द्वारा हाल में गठित विशेष संकट कोष से मदद की पेशकश को दूसरी बार ठुकरा दिया है जिससे यूरो मुद्रा वाले देशों के सामने फिर ऋण संकट खड़ा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि अभी छह माह पहले ही यूरो क्षेत्र का देश पुतर्गाल (यूनान) दिवालिएपन की स्थिति में पहुंच गया था। उसके बाद यूरोपीय संघ ने ऐसी स्थिति में सदस्य देशों की मदद के लिए 750 अरब यूरोऔरऔर भी

जिस वित्तीय सेवा कंपनी को वल्लभ भंसाली में 1984 में अपने बड़े भाई (स्वर्गीय) मानेक भंसाली और दो दोस्तों नेमिश शाह व जगदीश मास्टर के साथ मिलकर बनाया था, उसे अब उन्होंने निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक, एक्सिस बैंक को बेचने का फैसला कर लिया है। बुधवार को ईल-उल-जुहा के दिन एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा और एनम सिक्यूरिटीज के चेयरमैन वल्लभ भंसाली ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। वल्लभ भंसाली नेऔरऔर भी

डाबर इंडिया का शेयर है कि बढ़ता ही नहीं। 16 जून को 94.03 रुपए पर बंद हुआ था और पांच महीने बाद कल 16 नवंबर को भी कमोबेश उसी स्तर 93.30 पर बंद हुआ है। वह भी तब, जब कंपनी ने कल ही घोषणा की है कि उसकी अमेरिकी इकाई डर्मोविवा स्किन एसेंसियल्स अमेरिका की ही परसनल केयर कंपनी नमस्ते लैबोरेटरीज का अधिग्रहण 10 करोड़ डॉलर में कर रही है। इससे डाबर समूह को नमस्ते लैब्स कीऔरऔर भी

हम घरों के कोने-अँतरों में छोटी-बड़ी तमाम चीजों को बचाकर रखने के आदी हो गए हैं। सोचते हैं कि क्या पता, कभी काम आ जाए, जबकि सोचना चाहिए कि क्या इसके बिना हमारा काम चल सकता है।और भीऔर भी