पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने बीमा कंपनियों के पूंजी बाजार में उतरने की राह खोल दी है। लेकिन उसके बोर्ड ने सोमवार को अपनी बैठक में कुछ ऐसी शर्तें तय कर दीं जिन्हें बीमा कंपनियों को अलग से पूरा करना होगा। साथ ही बोर्ड ने किसी भी आईपीओ (प्रारंभिक पब्लिक ऑफर) में रिटेल निवेशकों के लिए अब तक चली आ रही एक लाख रुपए निवेश की सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इसकेऔरऔर भी

हमारी दृढ़ धारणा नहीं बदल सकती। हमारा मानना था कि निफ्टी के 6200 के आपपास पहुंचने पर बिकवाली का थोड़ा दबाव आ सकता है और हमने लगभग दिन के सर्वोच्च स्तर 6178 पर मुनाफावसूली की। आपने पहली बार देखा होगा कि निफ्टी में पूरे सत्र के दौरान खरीद की कोई कॉल नहीं थी। हम कल का रुझान कल तय करेंगे। अभी तो हमारा मानना है कि इस सेटलमेंट में निफ्टी 6290 के ऊपर नहीं जाएगा। लेकिन वोऔरऔर भी

देश में कुल श्रमिकों की संख्या करीब 40 करोड़ है। इसका 91% हिस्सा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का है और केवल 3.5 करोड़ के आसपास मजदूर ही संगठित क्षेत्र में काम करते हैं। संगठित क्षेत्र के मजदूर भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से जुड़ी करीब 15 ट्रेड यूनियनों में बंटे हैं। सरकार से बातचीत करने के लिए इनका कोई शीर्ष निकाय नहीं है, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, जापान और यहां तक कि पाकिस्तान में भी ट्रेड यूनियनोंऔरऔर भी

अप्रैल 2012 से शुरू होने वाली 12वीं योजना के खाके को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) मार्च 2011 तक मंजूरी दे देगी। परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। योजना आयोग के सदस्य मिहिर शाह ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट से बातचीत में कहा कि 12वीं योजना के लिए एप्रोच पेपर तैयार करने की प्रक्रिया एनडीसी द्वारा मार्च 2011 तक मंजूरी के बाद पूरी हो जाएगी। यह अप्रोच पेपर एक प्रकार का रोडमैपऔरऔर भी

प्रमुख उद्योग संगठन, कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के एक सर्वे के अनुसार लघु व मध्यम उद्यम (एसएमई) अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में व्यापार परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं। सीआईआई ने कहा है कि मौजूदा तिमाही के लिए एसएमई का बिजनेस कांफिडेंस इंडेक्स (बीसीआई) 67 रहने का अनुमान है जो जुलाई सितंबर की तिमाही से 1.4 अंक अधिक है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी से निकल रहे क्षेत्र के लिए यह सकारात्मकऔरऔर भी

मैं कह चुका हूं कि इस समय रीयल्टी सेक्टर मेरा पसंदीदा निवेश लक्ष्य है। लेकिन रीयल्टी में भी कौन? नई या पुरानी कंपनियां? इंडिया बुल्स रीयल एस्टेट, एचसीसी, एचडीआईएल, ओबेरॉय, लोढ़ा, ऑरबिट व शोभा डेवलपर्स बेहतर हैं या सेंचुरी, मफतलाल, बॉम्बे डाईंग, गल्फ ऑयल, वालचंदनगर व बीएफ यूटिलिटीज जिनके पास पुश्तैनी जमीन ढेर सारी है। साफ कर दूं कि यूं तो पूरा रीयल्टी सेक्टर निवेश के लिए इस समय अच्छा है। लेकिन इसमें भी पुश्तैनी जमीन रखनवालीऔरऔर भी

जिंदल सॉ बीएसई के ए ग्रुप और बीएई-200 सूचकांक में शामिल है। इसलिए कैश सेगमेंट के साथ ही उसमें डेरिवेटिव सौदे (फ्यूचर एंड ऑप्शन) भी होते हैं। उसके अक्टूबर सीरीज के फ्यूचर्स में वोल्यूम एक करोड़ शेयरों के पार जा चुका है, जबकि नवंबर सीरीज के फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट एक ही सत्र में 103 फीसदी बढ़ गया है। इससे साफ पता चलता है कि इस स्टॉक में बड़े लोग घुस रहे हैं। शुक्रवार को कंपनी काऔरऔर भी

जिस तरह गाड़ी का पेट्रोल एक मंजिल तक ही पहुंचाता है, वैसे ही भावना किसी लक्ष्य तक पहुंचाने का आधार भर होती है। लक्ष्य पाने के बाद उसकी जगह नई भावना भरनी पड़ती है, तभी जाकर गाड़ी आगे बढ़ती है।और भीऔर भी