कल के 3 इडियट्स ने अच्छा रंग दिखाया। ले लिया हो तो रखे रहिए। बाद में देखिएगा। आज दो खास शेयरों की बात, जिनसे जुड़ी हुई हैं काफी सकारात्मक खबरें। इनमें से एक है एक्वा लॉजिस्टिक्स। यह जल्दी ही हांगकांग में किए गए तीन अधिग्रहण सौदे पूरे करने जा रही है। इसकी आधिकारिक घोषणा पहले ही हो चुकी है। लेकिन पहले करार हुआ था। अब इसे अंजाम दिया जा रहा है। कंपनी के शेयर का भाव सोमवारऔरऔर भी

हमने अपनी-अपनी खोली, अपने-अपने कोटर बना रखे हैं और उसी को सारी दुनिया माने बैठे रहते हैं। लेकिन दुनिया तो बहुत व्यापक और विविधत है। हमारे ऊपर है कि हम उसके कितने हिस्से को आत्मसात कर पाते हैं।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी हर दिन एकाध कंसेंट ऑर्डर तो पास ही कर देती है। यह प्रतिभूति कानून को तोड़नेवाले पक्ष के खिलाफ प्रशासनिक या दीवानी कार्यवाही को निपटाने का आदेश होता है। इसमें कानून तोड़ने के दोष का निर्धारण किया भी जा सकता है और नहीं भी। संसद ने सेबी एक्ट 1992 के अनुच्छेद 15टी(2) के अंतर्गत सेबी को कंसेंट ऑर्डर पास करने का अधिकार दे रखा है। यह असल में आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंटऔरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने साल 2003 से 2005 के दौरान हुए आईपीओ घोटाले में ब्रोकर फर्म व डीपी (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज को एक कंसेंट ऑर्डर के तहत बरी कर दिया है। यह कंसेंट ऑर्डर पारित तो 6 मई को हुआ था, लेकिन इसे सार्वजनिक सोमवार 10 मई को किया गया। मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज के खिलाफ सेबी की कार्यवाही अप्रैल 2006 से ही चल रही थी। लेकिन जनवरी 2010 में ब्रोकर फर्म नेऔरऔर भी

यूरोप में ग्रीस, पुर्तगाल, इटली, आयरलैंड व स्पेन जैसे देशों की सरकारों को दीवालिया होने से बचाने के लिए यूरोपीय संघ ने नई पहल की है। इसके तहत करीब 750 अरब यूरो का राहत पैकेज तैयार किया गया है। लेकिन इसके साथ शर्त रखी गई है कि इस सरकारों को अपने खर्चों में कटौती करनी होगी, मितव्ययी बनना होगा। इस पैकेज में 60 अरब यूरो का योगदान यूरोपीय आयोग की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा आईएमएफऔरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों को अब अपने यहां सभी लिस्टेड कंपनियों की सालाना रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। और, इसकी शुरुआत बीते वर्ष 2009-10 की सालाना रिपोर्ट से करनी होगी। सेबी ने शुक्रवार, 7 मई को एक सर्कुलर जारी कर स्टॉक एक्सचेंजों के प्रशासन को यह हिदायत दी है। अभी तक कंपनियां लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सालाना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक डाटा फाइलिंग एंड रिट्रीवल (ईडीआईएफएआर) सिस्टम के जरिए सेबी द्वारा संचालित एक वेबसाइट (http://sebiedifar.nic.in/)औरऔर भी

घरेलू अर्थव्यस्था के साथ ही देश का विदेशी व्यापार भी अब ढर्रे पर आ गया लगता है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार मार्च 2010 में हमारा निर्यात डॉलर में 54.1 फीसदी और रुपए में 36.9 फीसदी बढ़ा है। मार्च 2009 में भारत का निर्यात 1291.6 करोड़ डॉलर (66,169 करोड़ रुपए) था, जबकि मार्च 2010 में यह 1990.8 करोड़ डॉलर (90573 करोड़ रुपए) रहा है। लेकिन अगर पूरे वित्त वर्ष की तुलना करेंऔरऔर भी

अब मैं अपने मुंह से क्या कहूं? सारी दुनिया समझ गई है कि जब ग्रीस को ऋण संकट में मदद देनी की बात यूरोपीय संघ ने मंजूर कर ली थी, तब बाजार में इस तरह की गिरावट का कोई तुक नहीं था। मैंने आपको बता दिया था कि रविवार को ऐसा हो जाएगा। मैंने यह भी कहा था कि यूरोपीय संघ के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं है। चाहे कुछ भी हो जाए, यूरो डूब नहींऔरऔर भी

लगता है पूरी सरकार यह समझाने में लग गई है कि यूरोप के ऋण संकट, खासकर ग्रीस के संकट का कोई खास असर भारत पर नहीं पड़ेगा। रविवार को सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा था कि अगर यूरोप में कई देशों के ऋण संकट को मौजूदा स्तर पर थाम लिया गया तो यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए फायदेमंद होगा। आज वित्त सचिव अशोक चावला ने दिल्ली में बयान दिया कि ग्रीस केऔरऔर भी

संकट में धैर्य ही काम आता है। घबराने पर भगवान भी हमसे किनारा कर लेता है क्योंकि वो तो और कुछ नहीं, हमारे अंदर की ही छाया है। और… अशांत जल में कभी भी साफ छाया नहीं बनती।और भीऔर भी