आज नहीं आशा कल की, निवेशक मस्त
भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत यकीनन अच्छी नहीं है। लेकिन चूंकि उसके बढ़ने की रफ्तार चीन से ज्यादा है और अंतर्निहित संभावना काफी ज्यादा हैं तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक इस साल मार्च से लेकर अब तक शेयर बाज़ार में बराबर निवेश बढ़ाते जा रहे हैं। उन्होंने 25 मई तक इसमें 54,372 करोड़ रुपए डाले हैं। देश के आम निवेशक भी बाज़ार में सीधे तो नहीं, लेकिन म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों में भरपूर बचत लगा रहे हैं।औरऔर भी
