कैम्फर एंड एलायड प्रोडक्ट्स का शेयर केवल बीएसई में लिस्टेड है। शुक्रवार को यह 12.18 फीसदी बढ़कर 128.95 रुपए पर बंद हुआ और इसमें कारोबार भी औसत से बहुत ज्यादा हुआ। जहां पिछले दो हफ्तों का औसत 33,000 शेयरों का रहा है, वहीं शुक्रवार को इसमें 2.33 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। इसके पीछे की वजह यह है कि कंपनी के बारे में कोई बड़ी खबर आने को है। जानकार बताते हैं कि इस शेयर में अभीऔरऔर भी

हफ्ते भर में कभी फुरसत ही नहीं मिलती कि आपसे कोई सीधी बात हो सके। तीन महीने बीत गए, चौथा बीतने जा रहा है। देखिए, एक बात तो तय मानिए कि हमारा रिश्ता लंबा होने जा रहा है। अर्थकाम को धीरे-धीरे ऐसा बना देना है कि वह हमारी-आपकी दुनिया की देखभाल में सक्षम हो जाए। मेरे एक अभिन्न मित्र ने शुरुआत के वक्त कहा कि चलिए आप अर्थ-काम देखिए, हम धर्म-मोक्ष संभाल लेते हैं। बात मुझे अचानकऔरऔर भी

सुबह लिखते समय हमें भी इतनी उम्मीद नहीं थी। लेकिन दोपहर के करीब 1 बजे थे और ऋद्धि सिद्धि ग्लूको बिऑल्स का शेयर 20 फीसदी बढ़कर जैसे ही 338.75 रुपए पर पहुंचा, उस पर सर्किट ब्रेकर लग गया और इसमें बाकी दिन के लिए कारोबार रुक गया। लेकिन तब तक उसमें 6.34 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हो चुकी थी, जबकि पिछले दो हफ्तों का औसत कारोबार 90,000 शेयरों का ही रहा है। ऐसा क्या हो गया तोऔरऔर भी

ऋद्धि सिद्धि ग्लूको बिऑल्स देश में स्टार्च और उस पर आधारित उत्पाद बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनी है। वह लगभग 35 उत्पाद बनाती है जिसमें तरल ग्लूकोज, डेक्सट्रोज, मोनोहाइड्रेट और मक्के का स्टार्च पाउडर शामिल हैं। उसने हिंदुस्तान लीवर और ग्लैक्सो तक की कॉर्न प्रोसेसिंग इकाइयां अतीत में खरीदी हैं। अहमदाबाद में इसका मुख्यालय है और इसकी उत्पादन इकाइयां गोकाक (कर्नाटक), पंतनगर (उत्तराखंड) और वीरमगाम (गुजरात) में हैं। इसमें फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी रोके फ्रेरे (Roquette Freres)  नेऔरऔर भी

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज (एफआईएल) का शेयर हफ्ते भर पहले ही 14 जुलाई को 95.90 रुपए पर 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है। अभी यह 89.65 रुपए पर चल रहा है जो 2009-10 के ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 10.67 रुपए से 8.41 गुना है। इसी की जैसी अन्य कंपनियों में जैन इरिगेशन का पी/ई अनुपात 33.31 और सिंटेक्स इंडस्ट्रीज का पी/ई अनुपात 16.84 है। फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज के शेयर की बुक वैल्यू 47.23 रुपए है। इस तरह उसकेऔरऔर भी

मारुति सुजुकी का नाम ही काफी है। कंपनी पहली तिमाही के नतीजे इसी हफ्ते शनिवार 24 जुलाई को घोषित करने जा रही है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 29,629 करोड़ रुपए की आय पर 2497.62 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसके पास 31 मार्च 2010 तक 11,690.6 करोड़ रुपए के रिजर्व थे। कंपनी की इक्विटी 144.46 करोड़ रुपए है। इसका 54.21 फीसदी हिस्सा जापानी कंपनी सुजुकी के पास और बाकी 45.79 फीसदी हिस्सा पब्लिक केऔरऔर भी

शासुन केमिकल्स एंड ड्रग्स (एससीडीएल) दुनिया में इबुप्रोफेन और गाबापेंटिन बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। वह रैनिटिडाइन व नाइजैटिडाइन जैसी दवाओं की प्रमुख निर्माता है। उसने 2006 में ब्रिटेन में एक अधिग्रहण के बाद शासुन फार्मा सोल्यूशंस (एसपीएस) नाम की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सडियरी बना रखी है। 2009 से वह बायोटेक क्षेत्र में भी उतर चुकी है। उसके पास चेन्नई में अपनी आर एंड डी सुविधाएं हैं। वह अमेरिकी कंपनी वरटेक्स फार्मा को वीएस-950औरऔर भी

रमेश दामाणी बड़े ब्रोकर हैं। बाजार के उस्ताद हैं, खिलाड़ी हैं। 13 अप्रैल को एक चैट में उनसे पूछा गया कि सागर सीमेंट क्या 1-2 साल के लिए मल्टीबैगर (कई गुना रिटर्न देनेवाला) स्टॉक हो सकता है तो उन्होंने यह कहते इसमें खरीद की सलाह थी कि यह बहुत अच्छी तरह चलाई जा रही कंपनी है और इसके पीछे अच्छे उद्यमी हैं। उस दिन इसका बंद भाव बीएसई में 187.65 रुपए था। उसके बाद 26 अप्रैल कोऔरऔर भी

केआरबीएल दो भाइयों खुशी राम व बिहारी लाल द्वारा 1889 में ल्यानपुर (अब फैसलाबाद, पाकिस्तान) में बनाई गई कंपनी है। इंडिया गेट बासमती चावल आपने दुकानों में देखा होगा। वो इसी का ब्रांड है। कंपनी खुद को दुनिया का सबसे बड़ी राइस मिलर और बासमती चावल की सबसे बड़ी निर्यातक बताती है। क्रिसिल रिसर्च ने करीब डेढ़ महीने पहले अपनी रिपोर्ट में केआरबीएल का उचित मूल्य 34 रुपए बताया था। लेकिन वह तब भी 24 रुपए परऔरऔर भी

अफवाहें तो उड़ती हैं, उड़ाई जाती हैं। लेकिन बाजार के लिए रत्ती-रत्ती खबर भी कीमती होती है। कंपनी के अंदर की खबर बाहर निकले तो सबको एक साथ पता चले ताकि बाजार में कोई भेदभाव न हो सके। इसीलिए इनसाइडर ट्रेडिंग का नियम बना हुआ है। जाहिर है अंदर की बातें निकालकर ट्रेड करना बाजार के स्वस्थ विकास के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में अपने निवेश के जोखिम को कम करने का सबसे सही तरीका हैऔरऔर भी