वर्धमान एक्रिलिक्स बीएसई में नहीं, एनएसई में लिस्टेड है। शुक्रवार को इसका 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 5.22 फीसदी की बढ़त के साथ 14.10 रुपए पर बंद हुआ है और इसमें अच्छा-खासा वोल्यूम हुआ है। 9.46 लाख शेयरों के सौदे हुए, जबकि इससे पिछले दिन 8 जुलाई को सौदों की मात्रा 3.46 लाख थी। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 16.25 और न्यूनतम स्तर 8.45 रुपए का है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 270.48 करोड़औरऔर भी

आरईआई एग्रो के निदेशक बोर्ड ने एक प्रस्ताव पास किया है कि कंपनी में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) निवेश कुल चुकता पूंजी के 75 फीसदी हिस्से तक हो सकता है।  कंपनी से यह सूचना मिलने के बाद रिजर्व बैंक के इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कंपनी जिस उद्योग में है उसमें एफआईआई निवेश की सीमा तय करने का अधिकार कंपनी के निदेशक बोर्ड का होता है। इस अधिसूचना के बाद एफआईआई इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरोंऔरऔर भी

नहीं पता कि इस कंपनी का शेयर घटेगा कि बढ़ेगा, और बढ़ेगा तो कब और कितना। लेकिन इतना पता है कि खरीदारी और लेनदेन के तेजी से बदलते इस दौर में हैदराबाद की यह कंपनी जरूर बढ़ती जाएगी। बॉरट्रॉनिक्स छोटे-बड़े सामानों से लेकर तमाम तरह के कार्डों में वो चुम्बकीय पट्टी लगाने के सोल्यूशंस उपलब्ध कराती है जिनसे मशीन के संपर्क में आते ही सारी छिपी जानकारियां सामने आ जाती हैं। मॉल बढ़ेगे, संगठित रिटेल का दायराऔरऔर भी

पिछले तीन महीनों में वीसा स्टील का शेयर 45 रुपए से करीब 15% घटकर 38 रुपए के आसपास आ गया है। 7 अप्रैल 2010 को यह ऊपर में 45.80 और नीचे में 43.70 तक जाने के बाद 44.15 रुपए पर बंद हुआ था। कल 7 जुलाई 2010 को इसका बंद भाव बीएसई में 38.55 और एनएसई में 38.40 रुपए रहा है। सवाल उठता है कि क्या ढलान पर लुढकते इस शेयर से पैसा बनाया सकता है? जानकारऔरऔर भी

एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) का बड़ा सीधा-सा हिसाब-किताब है। देश की सबसे बड़ी खनन कंपनी है। 90 फीसदी पूंजी सरकार की लगी है। एलआईसी ने 5 फीसदी लगा रखा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने केवल 0.15 फीसदी लगा रखा है। बाकी अन्य निवेश संस्थाओं और जनता-जनार्दन के पास है। लेकिन इस जनता-जनार्दन के पास इसके केवल 1.18 फीसदी शेयर हैं। यानी, पब्लिक की कंपनी में पब्लिक ही नदारद है! आपको याद होगा कि इस सालऔरऔर भी

डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स के 1,79,911 शेयर (0.07 फीसदी इक्विटी) एलआईसी ने 26 अप्रैल 2010 को खरीदे थे। उस दिन बीएसई में इसका बंद भाव 153.50 रुपए था। उसके बाद से बीते शुक्रवार 2 जुलाई 2010 तक यह 20 फीसदी गिरकर 122.40 रुपए पर आ चुका है। जाहिर-सी बात है कि एलआईसी दूरगामी संभावनाओं के आधार पर निवेश करता है और अगर उसे डेक्कन क्रॉनिकल में 153.50 पर संभावना दिख रही थी तो हमारे लिए 122.40 रुपए केऔरऔर भी

रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज (आरएनआरएल) के शेयरधारकों को उनके हर चार शेयर पर रिलायंस पावर का एक शेयर दिया जाएगा। अनिल अंबानी समूह की इन दोनों कंपनियों ने निदेशक बोर्ड ने रविवार को अपनी बैठक में यह प्रस्ताव पास कर दिया। इससे आरएनआरएल के शेयरधारकों को रिलायंस पावर के कुल 7150 करोड़ रुपए के शेयर मिलेंगे जिसमें से 54.84 फीसदी हिस्सेदारी के कारण प्रवर्तक परिवार को करीब 3900 करोड़ के शेयर मिलेंगे। लेकिन शुक्रवार के बंद भाव कोऔरऔर भी

रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (आरएनआरएल) का विलय रिलायंस पावर में होगा। अनिल अंबानी समूह की इन दोनों कंपनियों की तरफ से शेयर बाजार बंद होने के बाद जारी बयान में बताया गया है कि इस सिलसिले में उनके निदेशक बोर्डों की अलग-अलग बैठक रविवार, 4 जुलाई को होगी। इसमें आरएनआरएल के रिलायंस पावर में विलय को मंजूरी दी जाएगी। लेकिन बाजार में इसकी सुगबुगाहट पहले ही शुरू हो गई थी। इसके चलते रिलायंस पावर के शेयर मेंऔरऔर भी

कल गुरुवार को हमारी शॉपिंग लिस्ट में शामिल दो कंपनियों ने बोनस देने की घोषणा कर दी। सेरा सैनिटरीवेयर ने घोषित किया कि कंपनी का निदेशक बोर्ड 16 जुलाई को अपनी बैठक करेगा, जिसमें एक एजेंडा शेयरधारकों को बोनस शेयर देने का भी है। इसी तरह गिलैंडर्स आर्बुथनॉट ने एलान किया है कि उसका निदेशक बोर्ड 15 जुलाई की बैठक में शेयरधारकों को बोनस देने पर विचार करेगा। दोनों में किसी ने यह नहीं बताया कि वेऔरऔर भी

अगर आपने घर की वायरिंग के लिए बिजली के केबल खरीदें होंगे तो कंगारू के नीचे वी-गार्ड लिखे हुए ब्रांड को शायद जरूर पहचानते होंगे। वी-गार्ड इंडस्ट्रीज दक्षिण भारत की कंपनी है। उसकी पुरानी फैक्टरी केरल में है। लेकिन उसने साल भर पहले ही उत्तराखंड में नई फैक्टरी लगाई है। वह वोल्टेज स्टैबलाइजर से लेकर मोटर पंप, इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर/गीज़र, सोलर वॉटर हीटर, पीवीसी वायरिंग केबल, एलटी व कंट्रोल केबल, यूपीएस और सीलिंग फैन जैसे कई विद्युतऔरऔर भी