सरकार में डीजल के दाम तय करने को लेकर मतभेद बुधवार को उभर कर सामने आ गए, जब योजना आयोग ने डीजल के दाम को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का पक्ष लिया, जबकि भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने सरकार के सामाजिक दायित्व को देखते हुए डीजल पर सब्सिडी जारी रखने का समर्थन किया। राजधानी दिल्ली में सियाम (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स) के सालाना समारोह को संबोधित करते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंहऔरऔर भी

ऑनलाइन मीडिया कंपनी याहू ने अपनी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैरोल बार्त्ज को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। कैरोल को दो साल पहले कंपनी की स्थिति मजबूत करने के लिए लाया गया था। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) टिमोठी मोर्स अंतरिम मुख्य कार्यकारी के रूप में काम करेंगे। लेकिन माना जा रहा है कि नेतृत्व में तब्दीली से याहू की मुश्किलें हल नहीं होने जा रही हैं। उसे दोबारा इंटरनेट की दुनिया में खुद कोऔरऔर भी

सरकार ने कहा है कि स्विटजरलैंड समेत दस देश अपने यहां भारतीयों द्वारा जमा कराए गए काले धन के बारे में जानकारी देने को तैयार हैं। वित्त राज्यमंत्री एस एस पलानी मणिक्कम ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार सूचना के प्रभावी आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत और स्विटजरलैंड ने दोहरा कराधान निषेध संधि को संशोधित करने वाले प्रोटोकॉल परऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने नेफेड और एनसीसीएफ (नेशनल कंज्यूमर्स को-ऑपरेटिव फेडरेशन) से कहा है कि वे प्‍याज की कीमतों को नि‍यंत्रि‍त करने के लि‍ए फौरन बाजार में हस्‍तक्षेप करें। खाद्य राज्यमंत्री के वी थॉमस का निर्देश है कि दोनों एजेंसि‍यों के बि‍क्री केंद्र 20 रुपए कि‍लो की दर से प्याज बेचेंगे। राज्‍य सरकारों से भी आग्रह कि‍या गया है कि‍ वे अपनी एजेंसि‍यों के माध्‍यम से बाजार में इसी तरह के कदम उठाएं। लेकिन मंत्री महोदय को शायदऔरऔर भी

बैंकों के लिए अपनी जमा का इतना बड़ा हिस्सा सरकारी बांडों में लगाना क्यों जरूरी है? यह मुद्दा उछाल दिया है खुद रिजर्व बैंक के गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव ने। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड के एक समारोह में कहा कि बैंकों द्वारा सरकारी बांडों में निवेश करने के लिए तय न्यूनतम जमा का अनिवार्य अनुपात धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए। जानकारों को लगता है कि ऐसा हो गया तो बाजार में सरकारीऔरऔर भी

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) को चलाना केंद्र, राज्‍य व संघीय क्षेत्रों की सरकारों की संयुक्‍त जिम्‍मेदारी है। लेकिन खुद केंद्र सरकार का कोई इरादा उचित दर की दुकानें खोलने का नहीं है। यह कहना है कि उपभोक्‍ता मामलात, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के राज्‍यमंत्री के वी थॉमस का। उन्होंने सोमवार को राज्‍यसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया कि टीपीडीएस को उचित दरों की दुकानों के माध्‍यम से चलाया जाता है। उचित दर कीऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दोहा दौर की बातचीत को विफल नहीं होने दिया जाएगा। यह दावा किया है कि वाणि‍ज्‍य, उद्योग व कपड़ा मंत्री आनन्‍द शर्मा ने। उन्होंने सोमवार को राजधानी दिल्ली में रीजनल ट्रेड पॉलि‍सी कोर्स 2011 के उद्घाटन समारोह में यह बात कही। उन्‍होंने वार्ताओं के इस इस दौर के वि‍कासपरक पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि‍ बातचीत की शर्तों को बदला नहीं जा सकता। भारत वि‍कासशील देशों के लोगों के क्षमता नि‍र्माण के लि‍एऔरऔर भी

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस अब स्वास्थ्य बीमा के धंधे में भी उतर गई है। कंपनी ने हॉस्पिटल कैश स्कीम पेश की है जिसमें पालिसीधारकों को अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान प्रतिदिन एक निश्चित भत्ता मिलेगा। एसबीआई लाइफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हास्पिटल कैश योजना पालिसीधारकों को अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी कुल बचत को निकालने से बचाती है। अस्पताल का बिल कितना भी हो, पर इस योजना के तहतऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौमित्र सेन के इस्तीफे के बाद लोकसभा ने उनके खिलाफ पहले से निर्धारित महाभियोग की कार्यवाही रोक दी है। इस तरह न्यायमूर्ति सेन इस कार्यवाही से बचने वाले पहले न्यायाधीश बनने से बन गए हैं। सोमवार को उनके खिलाफ लोकसभा में महाभियोग की कार्यवाही नहीं हुई। लोकसभा की कार्यवाही सोमवार अपराह्न दो बजे शुरू होने के बाद कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने सदन को बताया कि न्यायमूर्ति सेन ने अपने पद से इस्तीफाऔरऔर भी

भारतीय डाक ने वि‍‍भि‍न्‍न देशों के लि‍ए वी़ज़ा सम्‍बन्‍धी सुवि‍धाएं डाकघरों के जरि‍ए उपलब्‍ध कराने के लि‍ए वीएफएस ग्‍लोबल नाम की वैश्विक फर्म के साथ सहमति‍ पत्र पर हस्‍ताक्षर ‍कि‍ए हैं। यह हस्‍ताक्ष्‍ार इसी हफ्ते मंगलवार, 30 अगस्‍त को डाक वि‍भाग के सचि‍व व अधि‍कारि‍यों और वीएफएस ग्‍लोबल के अधि‍कारि‍यों की मौजूदगी में ‍कि‍या गया। सहमति पत्र के अनुसार उन डाकघरों के जरिए दूरदराज के उन इलाकों में वीज़ा सम्‍बन्‍धी सुवि‍धाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी जहां ये सुवि‍धाएंऔरऔर भी