केंद्र सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने की डीईपीबी (ड्यूटी इनटाइटलमेंट पास बुक) समेत तमाम स्कीमों की अवधि छह महीने से लेकर एक साल तक आगे बढ़ा दी है। सोमवार को वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने चालू वित्त वर्ष 2010-11 की व्यापार नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं। इसलिए निर्यात संबंधी प्रोत्साहन को जारी रखना जरूरी है। सरकार के इस फैसले से उस पर इस साल 1052औरऔर भी

अमेरिका में एच-1बी और एल-1 वीजा शुल्क में भारी वृद्धि का प्रस्ताव 14 अगस्त से प्रभावी हो गया है। इस वृद्धि से भारतीय आईटी कंपनियों पर सालाना 25 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अमेरिका के इस कदम का भारत ने विरोध किया है। भारत का कहना है कि सीमा सुरक्षा विधेयक के तहत वीजा शुल्क में की गयी यह वृद्धि उसकी कंपनियों के लिए भेदभावपूर्ण है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नेऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में पब्लिक या आम निवेशकों की भागीदारी लगातार घटती जा रही है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशक लगातार इस स्थिति में बने हुए हैं कि उनके अकेले की ताकत पब्लिक समेत तमाम भारतीय निवेशकों के लगभग बराबर बैठती है। रेलिगेयर कैपिटल मार्केट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों की शेयरधारिता में आम निवेशकों का हिस्सा जून 2008 में 9.24 फीसदी था, लेकिन जून 2010 तक यह घटकर 8.16 फीसदी रह गया। इस दौरानऔरऔर भी

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की मैली चादर में अब छेद भी होने लगे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने इन खेलों की स्पांसरशिप के लिए पहले वादा किए गए 60 करोड़ रुपए में से बाकी बचे 40 करोड़ रुपए नहीं देने का फैसला किया है। दोनों कंपनियों के निदेशक बोर्ड ने अपनी-अपनी अलग बैठकों में बुधवार को यह निर्णय लिया। गौरतलब है कि 3 से 14 अक्टूबर तक होनेवालेऔरऔर भी

मानसून के समाप्त होने और त्यौहारी मौसम शुरू होने के साथ सीमेंट, रीयल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में आनेवाले दिनों में तेजी आने की उम्मीद है। सीएनआई रिसर्च के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक किशोर पी ओस्तवाल ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘‘मानसून के समाप्त होने और त्यौहारी मौसम शुरू होने के साथ सीमेंट, रीयल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों के प्रति निवेशकों की रूचि बढ़ेगी क्योंकि इन शेयरों सेऔरऔर भी

सरकार ने चीनी मिलों से खरीदे जानेवाले इथेनॉल की अंतरिम कीमत 27 रुपए प्रति लीटर तय की है। यह अभी तक 21.50 रुपए प्रति लीटर थी। चीनी मिलों से यह इथेनॉल पेट्रोलियम तेल कंपनियां खरीदेंगी और इसे पेट्रोल के साथ मिलाकर बेचेगी। इस समय तेल कंपनियों के लिए पेट्रोल में 5 फीसदी इथेनॉल मिलाना अनिवार्य है, जिसे बढ़ाकर 10 फीसदी करने पर विचार किया जा रहा है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने सोमवार को इथेनॉल कीऔरऔर भी

निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियों में रिलायंस लाइफ ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सबसे अधिक रफ्तार से पॉलिसियां बेची हैं। अनिल अंबानी समूह की इस कंपनी ने अप्रैल-जून 2010 की तिमाही में 4.93 लाख पॉलिसियां बेची हैं। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस लाइफ ने बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4.06 लाख पॉलिसियां बेची थीं। इस तरह से उसने इस बार पहले की अपेक्षा 21 फीसदी अधिकऔरऔर भी

सरकार रिजर्व बैंक के साथ इस मसले पर बातचीत कर रही है कि होम लोम को कैसे प्राकृतिक आपदाओं से होनेवाले नुकसान से बचाने के बीमा के साथ जोड़ा जा सकता है। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनाराणन ने बुधवार को दिल्ली में फिक्की द्वारा आयोजित सेमिनार में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, “हम अब भी प्राकृतिक आपदाओं से व्यक्ति को बीमा देने का तरीका तलाशने में लगे हैं, लेकिन ऐसा कोई इकलौताऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी संभवतः अगले हफ्ते बुधवार, 18 अगस्त को माल व सेवा कर (जीएसटी) के लिए तैयार किए जा रहे संविधान संशोधन के नए मसौदे पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकारप्राप्त समिति के साथ बैठक करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि संशोधित मसौदे में जीएसटी परिषद का ढांचा बदल दिया जाएगा। पिछले मसौदे को देखने के बाद राज्यों ने आपत्ति जताई दी थी कि इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री को कराधान केऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को असंगिठत क्षेत्र के मजदूरों के पेंशन से जुड़ी स्वावलंबन योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का संचालन पीएफआरडीए (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबन के तहत नई पेंशन स्कीम में सरकार अपनी तरफ से चार सालों में, 2013-14 तक 1000 करोड़ रुपए डालेगी। अगर स्कीम के सब्सक्राइबरों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो यह रकम बढ़ाई भी जा सकती है। सरकार ने पीएफआरडीए को अगले चारऔरऔर भी