दो साल पहले वर्ष 2008- 09 में दुनिया को हिलाकर रख देनी वाली आर्थिक मंदी के लिए आखिर कौन जिम्मेदार था, इसका पता लगाते हुए एक अमेरिकी समिति ने कहा है कि लोगों की कारगुजारी से लेकर नियामक विफलता और नीति निर्माता सभी इस संकट के लिए जिम्मेदार रहे हैं। वित्तीय संकट जांच आयोग की 500 से अधिक पृष्ठों की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। अमेरिकी संसद ने संकट के कारणों का पता लगाने केऔरऔर भी

कौशल या स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के 8.7 फीसदी सालाना की दर से बढ़ने की संभावना है और वर्ष 2020 तक यहां 3.75 करोड़ रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा। कंसल्टेंसी फर्म एक्सेंचर ने दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के समारोह में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी चार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का योगदान विश्व अर्थव्यवस्था में करीब 40 फीसदी के बराबरऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा सरकार को आदेश दिया है कि वह ब्रिटेन स्थित वेदांता समूह द्वारा पुरी में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए 6000 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण मामले में यथास्थिति बरकरार रखे। शुक्रवार को इस मामले में विभिन्न पक्षों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश डी के जैन और न्यायाधीश एच एल दत्तु की पीठ ने राज्य सरकार को यह आदेश दिया। इससे पहले, शीर्ष अदालत की दो अलग-अलग पीठ ने विभिन्न पक्षों की याचिकाओंऔरऔर भी

दवा कंपनी रेनबैक्सी लैबोरेटरीज के सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) ओमेश सेठी ने त्यागपत्र दे दिया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को गुरुवार को यह सूचना दे दी। कंपनी ने कहा है कि, ‘‘कंपनी के प्रेसिडेंट व सीएफओ ओमेश सेठी ने 25 जनवरी 2011 से कंपनी से इस्तीफा दे दिया है।’’ हालांकि कंपनी ने उनके इस्तीफे के कारणों का उल्लेख नहीं किया है। बता दें कि पिछले साल 19 अगस्त को ही कंपनी ने ओमेश सेठी को सीएफओऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) इंडोनेशिया के सेन्ट्रल कालिमंतम क्षेत्र में 30 लाख टन क्षमता का संयंत्र स्थापित करने में 15,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी से जुड़े एक सू़त्र ने बताया, ‘‘सेल ने इंडोनेशिया के सेंट्रल कालिमंतम क्षेत्र में 30 लाख टन सालाना क्षमता का संयंत्र लगाने की योजना बनाई है। इसके अलावा यहां पर कंपनी खनिज प्रसंस्करण फैक्टरी भी लगाना चाहती है।’’ उसने बताया कि इस संयंत्र की स्थापनाऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा है कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं और इससे महंगाई के दबाव से लड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही बैंकों से बाजार में काम धंधे के लिए कर्ज भी सुलभ बना रहेगा। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत बढा दी हैं। पर बैंकों पर लागू नकद आरक्षित अनुपातऔरऔर भी

बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए अल्पकालिक दरों में जो 0.25 फीसदी की वृद्धि की है, उससे होम, ऑटो और कंपनी ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल वृद्धि नहीं होगी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक एस सी कालिया ने कहा कि नीतिगत दर में वृद्धि ब्याज दरों में इजाफे का संकेत है लेकिन बैंक जल्दबाजी में दरों में कोई वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याजऔरऔर भी

दुनिया भर के करीब ढाई हजार नेता, उद्योगपति और आर्थिक विश्लेषक अगले पांच दिन (26 से 30 जनवरी) तक बर्फ से ढंके आल्प्स पहाड़ियों के बीच स्विटजरलैंड के दावोस रिजॉर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा करेंगे। सभी की चिंता इस बात को लेकर है कि खासकर अमीर राष्ट्रों में आर्थिक वृद्धि रोजगार के समुचित अवसर क्यों नहीं पैदा कर पा रही है। जिनेवा का वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) इन पांच दिनों के दौरान दुनिया कीऔरऔर भी

आनुवाशिंक रूप से संवर्धित फसलों की खेती पर सरकार द्वारा रोक के बाद जीएम लॉबी एक बार फिर से सक्रिय हो गई है। ये जीएम समर्थक समूह अब राज्यों में अपने पक्ष में राय जुटाने में लगे हैं  जिससे कि किसानों को जीएम फसलों की खेती की अनुमति मिल सके। एबल (एशोसिएशन आफ बायोटेक लेड इंटरप्राइज) के कार्यकारी निदेशक शिवरमैया शांताराम ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी फसलों की खेती के लाभों के बारे में उन्हें समझाने केऔरऔर भी

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि बीते सप्ताह मामूली सुधार के बाद 25 जनवरी को बहुप्रतीक्षित भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित होगी। रेपो व रिवर्स रेपो दर 0.25 फीसदी बढ़ सकती है, जबकि सीआरआर को 6 फीसदी पर यथावत रखे जाने की उम्मीद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 21 जनवरी को समाप्त सप्ताह में उतार-चढ़ाव का रूख दिखाई पड़ा और सप्ताहांत में यह 0.77औरऔर भी