सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को विदेश में खनन की परियोजनाओं के लिए त्वरित गति से मंजूरी देने पर विचार कर रही है। इससे विदेश में तेल, कोयला व खानों में निवेश के लिए प्रस्तावों को मंत्रिमंडल में बिना भेजे मंजूरी मिल सकेगी। सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव भास्कर चटर्जी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को प्राकृतिक संसाधनों के खनन प्रस्तावों पर निवेश के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी कीऔरऔर भी

विभिन्न घोटालों को लेकर सरकार पर चारों ओर से हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा है कि यह सुशासन की जड़ों को खोखला करता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल करता है और अपने लोगों के आगे हमें शर्मिंदा करता है। शुक्रवार को दिल्ली में राज्यों के मुख्य सचिवों की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह एक चुनौती है जिसका मुकाबला हमेंऔरऔर भी

प्याज के साथ-साथ अब फाइबर, खनिज, पेट्रोल, एलपीजी और डीजल भी महंगाई में पलीता लगाने लग गए हैं। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 जनवरी 2011 को समाप्त सप्ताह में प्याज की थोक कीमतें साल भर पहले की तुलना में जहां 130.41 फीसदी बढ़ी हैं, वहीं फाइबर 47.13 फीसदी, खनिज 16.70 फीसदी, पेट्रोल 30.75 फीसदी, एलपीजी 14.99 फीसदी और डीजल के दाम 14.71 फीसदी बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर 22 जनवरी को खत्म हफ्ते में खाद्यऔरऔर भी

सरकार पश्चिम एशिया, विशेषकर मिस्र की घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई तेजी पर नजर रखे हुए है और उसे विश्वास है कि वह तेल बाजार में उछाल से उत्पन्न स्थिति संभाल लेगी। यह आश्वासन दिया है वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने। बुधवार को वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम स्थिति को संभाल लेंगे। पहले भी जब कच्चे तेल के दाम काफी बढ़करऔरऔर भी

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के वितरण तंत्र को दुरूस्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘लीकेज’ को दूर करने और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक बेहतर साधन हो सकता है । प्रधानमंत्री ने मनरेगा के तहत काम करने वाले सभी मजदूरों का बायोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करने और इसका इस्तेमाल हाजिरी और मजदूरी के भुगतान जैसे कामों में किये जाने केऔरऔर भी

पशु प्रेमियों की अपील को ध्यान में रखते हुए लिप्टन ब्रांड की चाय बनानेवाली कंपनी बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिलीवर ने चाय पर शोध के लिए जानवरों पर प्रयोगात्मक परीक्षण बंद करने की घोषणा की है। भारत में यह ब्रांड उसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) बेचती है। पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल (पेटा) और ब्रिटेन, भारत तथा जर्मनी में उसके 40,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने कंपनी से चाय शोध के लिए सूअर और खरगोश जैसे जानवरों परऔरऔर भी

वैज्ञानिकों ने उन दो ‘कवक’ या फंगल प्रोटीन के तत्वों की पहचान की है जो ऑक्सीजन रेडिकल कणों के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इन दोनों ‘कवक’ प्रोटीनों की पौधों की वृद्धि व सहजीविता में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज’ नामक पत्रिका में प्रकाशित शोध के अनुसार मैसी यूनिवर्सिटी की अगुवाई में वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने अपने शोध में पाया कि एक दूसरेऔरऔर भी

वैश्विक वित्तीय फर्म सिटी ने कहा है कि कर से बचने के लिए विदेश में अवैध रूप से पैसा जमा करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार को अभी बहुत कुछ करना होगा। इसके अनुसार सरकार ने हाल ही में जो कदम उठाए, उनका कुछ असर जरूर हुआ है। सिटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘सरकारी प्रयासों के कुछ परिणाम आ रहे हैं। लेकिन विदेश में काले धन के जमा होने सेऔरऔर भी

पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को लंबे समय से लटकी चली आ रही पॉस्को की स्टील परियोजना को सशर्त मंजूरी दे दी। यह परियोजना उड़ीसा के जगतसिंहपुर जिले में लगाई जानी है। इसकी प्रस्तावित सालाना क्षमता 120 लाख टन है। पॉस्को दक्षिण कोरिया की कंपनी है और उसका प्रस्ताव इस स्टील परियोजना में 52,000 करोड़ रुपए का निवेश करना है। यह देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। परियोजना के लिए कुल 1621औरऔर भी

वर्ष 2001-2008 के दौरान मोबाइल फोन सेवा कंपनियों को 2जी सेवाओं के लिए रेडियो स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शिवराज वी पाटिल समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। न्यायमूर्ति पाटिल ने कहा कि उन्होंने आवंटन प्रक्रिया में कुछ खामियां पाई हैं और उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है, पर उन्होंने संवाददाताओं को खुद इसका विवरण देने से मना कर दिया। पाटिल नेऔरऔर भी