हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी

हमने 4 जून को इसी कॉलम में पहली बार गल्फ ऑयल में निवेश की सलाह देते हुए कहा था, ‘बी ग्रुप के शेयरों में गल्फ ऑयल नई पारी खेलने की तैयारी में है। कंपनी बैंगलोर की अपनी जमीन को डेवलप करना शुरू कर चुकी है। जल्दी ही वह इसके बाद हैदराबाद का नंबर लगानेवाली है।’ तब उसका शेयर 97.20 रुपए पर था। अब सोमवार 19 जुलाई को वो 116.50 रुपए पर पहुंच चुका है। यानी करीब डेढ़औरऔर भी

अमेरिकी बाजार की हालत खराब, एशिया की हालत खराब, यूरोप की हालत खराब। फिर भी भारतीय बाजार ने आज अपने को टिकाए रखा। क्या इससे साबित होता है कि भारत की दुनिया से डीकपलिंग हो चुकी है, संधि-विच्छेद हो चुका है? यह सच नहीं है। हम कभी भी दुनिया के बाजारों से पूरी तरह जुदा नहीं हो सकते। बाजार में आज गिरावट नहीं आई, बल्कि निफ्टी तो शान से 5400 के पार चला गया। ऐसा इसलिए क्योंकिऔरऔर भी

तिमाही नतीजों का यह मौसम तो मानसून की तरह बीत जाएगा। किसी खास कंपनी से बाजार को किन नतीजों की अपेक्षा है, इसके पूरा होने या टूटने के हिसाब से वो प्रतिक्रिया दिखाएगा। इससे उस शेयर की सांस तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है और निवेशकों को उसे पाने का अच्छा मौका भी मिल सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है यह जानना कि शेयरों की दिशा क्या है, लक्ष्य क्या है? नए नतीजों के साथ नए ईपीएसऔरऔर भी

हाल-फिलहाल मुझे नहीं लगता कि बाजार बहुत तेजी से दौड़ लगाता हुआ निफ्टी में 5500 का स्तर हासिल कर लेगा। हालांकि 5400 और 5430 का स्तर जल्दी ही पाया जा सकता है। असल में यह सुदृढ़ीकरण या साफ शब्दों में कहें तो बाजार द्वारा खुद को दुरुस्त करने, जमाने का दौर है। बाजार आगे बढ़ने के बजाय जहां-तहां छूट गई खाली जगहों को भरकर अपने को सजो रहा है। अगले चार हफ्तों में अलग-अलग शेयरों में सक्रियताऔरऔर भी

अब लगभग यह पक्का हो गया है कि डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स अपनी आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स को अडानी समूह को बेचने जा रही है। इसके लिए उसने 30 करोड़ डॉलर का दाम लगाया है। दोनों के बीच बातचीत काफी आगे पहुंच चुकी है और सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। इस सीधा असर चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक कंपनी इंडिया सीमेट्स के शेयरों पर पड़ेगा क्योंकि इससे उसका मूल्यांकन बढ़ जाएगा। डेक्कनऔरऔर भी

बाजार में बहुत ज्यादा करेक्शन या गिरावट के आसार नहीं है क्योंकि रुझान खरीद का ही है जिससे बाजार ऊपर ही जाएगा। फिर भी हमारी सलाह है कि चुनिंदा खरीद ही करें। साथ-साथ दिमाग के किसी कोने में यह धारणा भी रखें कि बाजार गिर भी सकता है। मतलब निवेश करें, लेकिन पूरे चौकन्नेपन के साथ। जोखिम उठाएं, लेकिन नापतौल कर। वैसे भी शुक्रवार तक बाजार में तेज गति की उम्मीद न करें। गुरुवार को बाजार कमोबेशऔरऔर भी

निफ्टी में 14.5 अंक गिरावट आई और वह अब भी 5386.15 पर है। सेंसेक्स भी केवल 47.74 अंक गिरा और वह 17,938.16 पर टिका है। लेकिन बाजार में करेक्शन का सिलसिला चल निकला है क्योंकि अधिकांश खिलाड़ी सेंसेक्स के 18,000 के ऊपर पहुंचने पर मुनाफावसूली की राह पकड़ने का फैसला कर चुके हैं। मेरिल लिंच जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी ने तो ऑन रिकॉर्ड कह दिया है कि बाजार अभी काफी महंगा नजर आ  रहा है। इसलिए करेक्शन काऔरऔर भी

इनफोसिस के पहली तिमाही के नतीजे उत्साह बढ़ानेवाले नहीं थे। लेकिन इसने बाजार का मूड नहीं बिगाड़ा। वैश्विक फंड भारत के बारे में ज्यादा से ज्यादा तेजी की धारणा अपनाते जा रहे हैं। आज ही इनमें से कुछ ने समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए गए इंटरव्यू में अपनी यह सोच जाहिर की है। हम भी बराबर इसी सोच पर कायम है। कितने अफसोस की बात है कि निफ्टी जब 4800 पर था तब आप मंदड़ियों की सुनऔरऔर भी

मई का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) बाजार की उम्मीद से कम हैं। फिर भी बाजार में किसी करेक्शन/गिरावट का अंदेशा नहीं है। भरपूर बारिश, अच्छा कर संग्रह, खाद्यान्नों के उत्पादन में बढोतरी, ठोस राजकोषीय मजबूती, बाजार में शेयरों के मालिकाने का स्वरूप और ज्यादा से ज्यादा शेयरों की मात्रा को पचाने की क्षमता… ये सब ऐसे कारक हैं जो सेंसेक्स को 21,000 तक ले जा सकते हैं। आज यह सूचकांक 18,000 अंक के जादुई आंकड़े से ऊपरऔरऔर भी