बड़ी आम-सी बात हो गई है कि जब दुनिया के बाजार बढ़ते हैं तो हमारे बाजार में करेक्शन आ जाता है। भारतीय शेयर बाजार कल काफी बढ़े। लेकिन आज जब दुनिया के बाजार बढ़त पर थे तब हम कमोबेश ठंडे पड़े रहे। यह काफी समय से हो रहा है। हो सकता है कि यह इंट्रा-डे ट्रेडरों को छकाने की चाल हो। व्यापक तौर पर माना जा रहा है कि निफ्टी का 5500 के ऊपर जाना बेहद मुश्किलऔरऔर भी

मुझे पहले से आभास था और अब मैं सुन भी रहा हूं कि रिलांयस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) अपने 4 करोड़ ट्रेजरी शेयर (बगैर वोटिंग अधिकार वाले शेयर) 1098 रुपए के भाव से बेचेगी और हो सकता है कि ऐसा कल सुबह ही हो जाए। इससे बाजार में चहक बनी रह सकती है। बाजार अब गति पकड़ रहा है क्योंकि पहली तिमाही के लगभग सारे नतीजे जा चुके हैं और बस पूंछ बाकी रह गई है। अगला आवेग यहऔरऔर भी

नए सेटलमेंट का पहला ही दिन। और, एचसीसी ने सबको चौंका कर रख दिया। अभी एचसीसी में और भी चौंकानेवाली खबरें आनेवाली हैं। सोचिए इस स्टॉक को हमने तब उठाया, जब कहीं इसकी चर्चा ही नहीं थी। अब कंपनी ने अच्छे नतीजों के साथ-साथ एक पर एक बोनस शेयर देने की घोषणा भी कर दी है। वैसे, आपकी उम्मीद यही थम सकती है। लेकिन हमारे लिए यह अगले पांच महीनों तक आकर्षण का केंद्र बना रहेगा क्योंकिऔरऔर भी

आज के स्टार परफॉर्मर रहे आईएफसीआई व टीटीएमएल (टाटा टेली महाराष्ट्र लिमिटेड) और इन दोनों के बारे में हम काफी समय से लिख रहे हैं। बैंकिंग शेयरों ने भी अच्छी गति पकड़ी। फ्यूचर सौदों में फिजिकल सेटलमेंट न होने के कुछ शिकार नजर आ रहे हैं। जेएसडब्ल्यू होल्डिंग्स 1750 रुपए तक हिट रहा, हालांकि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। इसी तरह एचसीसी 128 रुपए तक मार करता रहा और उसने तमाम स्टॉप लॉस और मार्क टू मार्केटऔरऔर भी

बाजार में गिरावट आई तो इसकी मुख्य वजह यह है कि डेरिवेटिव सौदों के रोलओवर ज्यादा नहीं हो रहे हैं। कारोबारियों को चिंता है कि निफ्टी 5450 के स्तर को कायम नहीं रख पा रहा है। लेकिन यह तात्कालिक असर है। हम बाजार में इस तरह की पस्ती व घबराहट एक दिन और देख सकते हैं। गिरावट से ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप और ज्यादा करेक्शन/गिरावट के अंदेशे में शॉर्ट सौदे करऔरऔर भी

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से ज्यादा उम्मीद करने जैसा कुछ था ही नहीं। रेपो दर में चौथाई फीसदी की वृद्धि बाजार की लय को नहीं तोड़ सकती थी। बाजार अब तेजी के दौर में जा पहुंचा है। मजाक बहुत हो चुका है। अभी तक ऑपरेटरों ने रिटेल निवेशकों पर सवारी गांठी है और शेयर भावों को अपने हिसाब से तोड़ा-मरोड़ा है। पहले भारती एयरटेल को डाउनग्रेड किया गया और फिर अपग्रेड। अब मारुति को डाउनग्रेड कियाऔरऔर भी

बाजार खुला तो बढ़कर, लेकिन कल आनेवाली क्रेडिट पॉलिसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों और डेरिवेटिव (फ्यूचर्स व ऑप्शंस) की एक्सपायरी से जुड़ी चिंताओं ने उसे बांध रखा है। ट्रेडरों ने काफी शॉर्ट सौदे कर रखे हैं। बाजार को कल रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों में वृद्धि और रिलायंस के उतने अच्छे नहीं आने की उम्मीद है। शॉर्ट सौदों की खास वजह यही है। मेरा अपना मानना है कि बाजार तेजी के एक नए चक्र मेंऔरऔर भी

कल माइक्रोसॉफ्ट के अच्छे नतीजों ने अमेरिकी बाजार को टॉप गियर में पहुंचा दिया। लेकिन आज सुबह से ही ईमेल आने शुरू हो गए कि स्पेन के 18 बैंक स्ट्रेस टेस्ट (प्रतिकूल हालात से निपटने की क्षमता की परीक्षा) में फेल हो गए हैं। चेतावनी दी गई कि मेटल सेक्टर गिरनेवाला है। ऐसी तमाम सारी हाय-हाय मचाई गई। आप अच्छी तरह समझ लें कि ये सब मंदड़ियों की कुंठा व हताशा है जो इस तरह की खबरोंऔरऔर भी

एलआईसी की तरफ से अक्सर होनेवाली बिकवाली का वो सिलसिला अब रुक गया है जो बीएएसई सेंसेक्स को 18,000 के शुभ अंक को पार करने से रोक रहा था। होता यह था कि इधर जब भी सेंसेक्स 18,000 के पार जाने को हुआ, एलआईसी की बिक्री ने उसे रोक दिया। लेकिन आखिरकार लगता है कि एलआईसी को सीधे नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) से हिदायत मिल गई है। अब तेजी के इस नए दौर की अगुआई रिलांयस इंडस्ट्रीजऔरऔर भी

रोलओवर शुरू हो चुका है और उम्मीद के अनुरूप बाजार बढ़त पर है। फिलहाल किसी खास गिरावट के आसार नहीं हैं। लेकिन हमें यह बात दिमाग के किसी कोने में बैठाकर रखनी पड़ेगी कि निफ्टी के 5300 अंक तक करेक्शन आ सकता है। ऊपर की दिशा में 5440 का स्तर नजर आ रहा है। भले ही खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति थोड़ी घट रही हो, लेकिन रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वैसे, रिजर्व बैंक इधर चौंकानेऔरऔर भी