बाजार आज थोड़ा दबकर बंद हुआ। हालांकि मेरा अंदाज था कि एनएवी के चक्कर में खरीद ज्यादा होगी। मुझे लगता है कि ज्यादातर फंड मैनेजर अपने कामकाज व उपलब्धि से खुश हैं और आखिरी वक्त पर उन्हें एनएवी की खास पड़ी नहीं है। असल में यह वित्तीय साल म्यूचुअल फंडों के लिए जबरदस्त रहा है। वैसे, स्मॉल व मिड कैप शेयरों में सक्रियता बनी रही। फंडिंग की रुकावट दूर हो चुकी है और नई खरीद होने लगीऔरऔर भी

अगर आप सोने का डीमैट कारोबार करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास ज्यादा रकम नहीं है तो मायूस न हों। अब छोटे निवेशकों का ध्यान रखते हुए 1, 2 और 3 ग्राम सोने का डीमैट कारोबार भी शुरू हो गया है। फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड और नैफेड द्वारा प्रवर्तित नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) ने इसकी शुरुआत की है। दरअसल कीमत अधिक होने के कारण छोटे निवेशक सोने को अपने पोर्टफोलियो में शामिल नहीं कर पाते हैं। इसीऔरऔर भी

पहले कहां कौन बीमा कराता था? ऐसा नहीं कि तब अनिश्चितता का भय नहीं था, अनहोनी की आशंका नहीं थी। लेकिन लोग भगवान के आगे माथा नवाकर निश्चिंत हो जाते थे। भगवान तू ही सबका रखवाला है, रक्षा करना- इतना भर कह देने से लगता था कि आपको किसी भी आकस्मिक आफत से निपटने का सहारा मिल गया। फिर, अपने यहां एक-दो नहीं, 33 कोटि देवता हैं। गांव से बाहर निकलिए तो ग्राम देवता को प्रणाम करऔरऔर भी

मिहिर शर्मा एक नौकरीपेशा शख्स हैं। कुछ साल पहले तक महीने की तनख्वाह 35 हजार रुपये थी। अब यही कोई 65 हजार पाते हैं। पहले कैश सेगमेंट में सीधे कंपनी के शेयर खरीदते थे, डिलीवरी लेते थे। मौका पाने पर बेचकर हजार-दो हजार की कमाई कर लेते थे। जनवरी 2008 के बाद अपने ढाई लाख के निवेश पर करीब डेढ़ लाख का घाटा खाने के बाद उन्होंने रणनीति बदल दी है। अब वे सीधे कंपनी के शेयरोंऔरऔर भी

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सारे भ्रमों को दूर करते हुए केंद्र सरकार कल, बुधवार को एक दस्तावेज जारी करेगी। यह दस्तावेज वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा द्वारा जारी किया जाएगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस दस्तावेज में सरकार की एफडीआई नीति से संबंधित सारे पहलू एक साथ दिए जाएंगे। इनका अंदाज ऐसा होगा कि कोई भी इन्हें आसानी से समझ सकता है क्योंकि सभी नियम काफी सरल अंदाज में पेश किएऔरऔर भी

खाद्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस साल खाद्यान्न उत्पादन 160 लाख टन रहेगा जो 145.7 लाख टन के अनुमान से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। मेरी राय में यह खाद्य पदार्थों से उपजी मुद्रास्फीति को नीचे लाने के लिए पर्याप्त है। मुद्रास्फीति वैसे भी इस समय बहुत ज्वलंत मुद्दा बनी हुई है और खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का हर संकेत स्वागतयोग्य है। दूसरी तरफ इस तिमाही में कंपनियों की आय शानदार रहेगी। अमेरिकीऔरऔर भी

लेनदेन की अंतरराष्ट्रीय संस्था वीसा ने ग्राहकों के प्रीमियम के भुगतान के लिए देश की बीस प्रमुख कंपनियों से एक करार किया है जिसके तहत ग्राहक साधारण या जीवन बीमा प्रीमियम की अदायगी अपने वीसा कार्ड के जरिए कर सकते हैं। बता दें कि हमारे बैंकों के जितने भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड हैं उन्होंने दुनिया की दो प्रमुख भुगतान कंपनियों वीसा या मास्टर कार्ड से टाई-अप कर रखा है। इसलिए आप अपने कार्ड पर इनका लोगोऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) ने सस्ते या टीजर होम लोन की स्कीम 30 अप्रैल 2010 तक बढा दी है। पहले यह स्कीम 31 मार्च 2010 को खत्म होनी थी। इस स्कीम के तहत होम लोन लेनेवाले को पहले साल केवल 8 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होता है। अभी तक दूसरे व तीसरे साल ब्याज की दर 8.5 फीसदी रखी गई है। लेकिन 1 अप्रैल या उसके बाद होम लोनऔरऔर भी

भारतीय रुपया डॉलर और यूरो जैसी विदेशी मुद्राओं के खिलाफ मजबूत होता जा रहा है। पिछले साल मार्च में रुपए की विनिमय दर प्रति डॉलर 50 रुपए के आसपास थी। लेकिन अब यह 45 रुपए के नीचे जाती दिख रही है। यानी जहां पहले एक डॉलर में 50 रुपए मिलते थे, वहीं अब 45 रुपए ही मिलते हैं। इसने अपनी आय का बड़ा हिस्सा विदेश से हासिल करनेवाली आईटी कंपनियों को परेशान कर दिया है क्योंकि डॉलरऔरऔर भी

सरकार लिस्टेड कंपनियों में आम निवेशकों की शिरकत व हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बेचैन है। इस सिलसिले में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल जुलाई में ही बजट पेश करते वक्त ऐसी कंपनियों में आम निवेशकों या पब्लिक की शेयरधारिता कम से कम 25 फीसदी रखने का प्रस्ताव रखा था। इस पर अमल की तैयारियां तेज हो गई हैं। वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलात मंत्रालय के साथ के कानून मंत्रालय को भी हरकत में आना पड़ाऔरऔर भी