सरकार की योजना है कि डाकखानों का इस्तेमाल उन इलाकों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की है, जो अभी तक इससे वंचित हैं। नए साल में इस योजना को अमली जामा पहनाए जाने की उम्मीद है। संचार मंत्रालय ने इस आशय का प्रस्ताव मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है। इस योजना के तहत 1.55 लाख डाकखानों से बैंकों का काम लेने का भी प्रस्ताव है ताकि ग्रामीण इलाकों में सरकार के वित्तीय समावेशऔरऔर भी

दिसंबर के दूसरे पखवाड़े (16 दिसंबर से 30 दिसंबर) के दौरान देश में आयातित कच्चे तेल की लागत करीब एक फीसदी बढ़ चुकी है। तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी 388 करोड़ रुपए प्रतिदिन हो चुकी है। लेकिन सरकार राजनीतिक वजहों से इन कंपनियों को पेट्रोल के मूल्य तक बढ़ाने की इजाजत नहीं दे रही है। वैसे तो पेट्रोल के मूल्य से सरकारी नियंत्रण जून 2010 से ही हटाया जा चुका है। लेकिन सबसे बड़ी शेयरधारक होने के नातेऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय कोई न कोई स्कीम चलाकर निवेशकों से सामूहिक रूप से धन जुटानेवाली कंपनियों पर नियंत्रण रखने के लिए अलग नियामक संस्था बनाने पर विचार कर रहा है। इसके दायरे में स्पीक एशिया जैसी कंपनियां भी आ जाएंगी जो किसी न किसी बहाने आम लोगों को लुभाती हैं और कानूनी कमियों को फायदा उठाकर उनका धन लेकर चंपत हो जाती है। ऐसा होने जाने पर सहारा समूह भी पहले की तरफ लोगों से धन नहीं जुटाऔरऔर भी

वर्ष 2011-12 की खरीफ फसल में 164 लाख टन से अधिक धान की खरीद की गई है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, 2 जनवरी 2012 तक विभिन्‍न सरकारी एजेंसियों द्वारा 164,84,195 टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें पंजाब ने सबसे अधिक 76,60,745 टन धान की खरीदारी की जबकि छत्‍तीसगढ़ 21,25,475 टन धान की खरीद करके उससे बहुत नीचे दूसरे नंबर पर रहा। हरियाणा ने 19,66,167 और उत्‍तर प्रदेश ने 14,30,184 टन धान खरीदा।और भीऔर भी

हमारा वाणिज्य मंत्रालय बताने और छिपाने दोनों में माहिर है। हालांकि निर्यात आंकड़ों में पूरे 9 अरब डॉलर की ‘त्रुटि’ सामने आने के बाद वो थोड़ा चौकन्ना हो गया है। लेकिन बताने और छिपाने की उस्तादी अब भी जारी है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने 9 दिसंबर को ही बता दिया था कि चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से नवंबर तक देश का निर्यात 33.2 फीसदी बढ़कर 192.7 करोड़ डॉलर रहा है। सोमवार, 2 जनवरी कोऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने संकेत दिया है कि अब वह मौद्रिक नीति में नरमी ला सकता है। दूसरे शब्दों में ब्याज दरों में कमी कर सकता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव ने बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, “यहां से हम मौद्रिक नीति को कड़ा करने की प्रक्रिया के पलटने की उम्मीद कर सकते हैं।” बता दें कि रिजर्व बैंक मार्च 2010 के बाद से मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए 13 बार ब्याजऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2012-13 का रेल बजट 5 मार्च को पेश किया जाएगा, जबकि आम बजट 6 मार्च को संसद में रखा जाएगा। आर्थिक समीक्षा रेल बजट के साथ सोमवार, 5 मार्च को ही पेश कर दी जाएगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को साफ कर दिया कि आम बजट इस बार पांच राज्यों  में घोषित विधानसभा चुनाव खत्म होने पर पेश किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी तारीख अभी तय नहीं है। लेकिन 3औरऔर भी

उधर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नए साल के संदेश में कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम तर्कसंगत होने चाहिए, इधर सरकारी तेल कंपनियों ने नए साल के पहले कामकाजी दिन सोमवार से पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 2.10 रुपए से 2.13 रुपए बढ़ाने की तैयारी कर ली है। कंपनियों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से कच्चा तेल महंगा हो गया है। इसलिए पेट्रोल के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी है। इसीऔरऔर भी

इकनॉनिक टाइम्स एकमात्र दिल्ली से छपनेवाला अपना हिंदी संस्करण बंद करने जा रहा है। आज, गुरुवार को उसकी टीम आखिरी बार अखबार का काम करेगी और कल शुक्रवार को उसका आखिरी अंक आएगा। फिर पटाक्षेप। तीन साल दस महीने दस दिन पहले 19 फरवरी 2008 को जब यह अखबार शुरू हुआ था तो प्रबंधन की तरफ से बड़े-बड़े वादे किए गए थे। हिंदी समाज को भी इससे बड़ी अपेक्षाएं थीं। लेकिन कम से कम लागत में ज्यादाऔरऔर भी