अप्रैल माह के अंत तक देश में मोबाइल फोनधारकों की संख्या 60.12 करोड़ हो गई है। टीआरएआई (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अनुसार अप्रैल में 1.69 करोड़ नए मोबाइल कनेक्शन लिए गए हैं। इस तरह मोबाइल फोनधारकों की संख्या मार्च 2010 के 58.43 करोड़ से 2.89 फीसदी बढ़ गई है। उधर प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार और ज्ञान आयोग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कहा कि दो सालऔरऔर भी

शिकागो के ग्लोबल फूडबैंकिंग नेटवर्क (जीएफएन) ने भारत में फूड बैंक खोलने का फैसला किया है। जीएफएन एक एनजीओ है और खुद को गैर-लाभकारी संगठन बताता है। इसने दुनिया के करीब तीस देशों में फूड बैंक बना रखे हैं, जिनके जरिए गरीब व जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष सलाहकार सैम पित्रोदा जीएफएन के बोर्ड में है। पित्रोदा ने राजधानी दिल्ली में एक समारोह के दौरान जानकारी दी कि जीएफएनऔरऔर भी

शुक्रवार को पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से कहा कि वे कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद 12 कंपनियों को ट्रेड फॉर ट्रेड सेटलमेंट (टीएफटीएस) से निकालकर सामान्य रोलिंग सेटलमेंट में ला सकते हैं। ये कंपनियां हैं – ओसवाल ओवरसीज, यूनिटेक इंटरनेशनल, वीएसएफ प्रोजेक्ट्स, विकल्प सिक्यूरिटीज, न्यू मार्केट्स एडवाइजरी, ग्लोबल सिक्यूरिटीज, रणविजय ट्रेडिंग कंपनी, केएमसी स्पेशियलिटी, उपासना फाइनेंस, लालफुल इनवेस्टमेंट्स, डीएसजे स्टॉक एंड शेयर्स और तिरुपति लिंक्स। असल में टीएफटी सेटलमेंट बहुत सारेऔरऔर भी

सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति दर 15 मई को खत्म हफ्ते में 16.23 फीसदी रही है। इससे ठीक पहले के हफ्ते में यह 16. 49 फीसदी थी। इस गिरावट की मुख्य वजह मसूर, फल व सब्जियों के थोक भाव में आई कमी है। जहां मसूर के भाव में 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, वहीं फल व सब्जियों के भाव में 2 फीसदी और अनाज व दाल की कीमत मेंऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 11 सरकारी चीनी मिलों के निजाकरण के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। लेकिन साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 जून को इन 11 चीनी मिलों की नीलामी के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर सकती है। लेकिन अंतिम नतीजा इस बात से तय होगा कि खंडपीठ आखिर में क्या फैसला सुनाती है। असल में पत्रकार राजीव कुमार मिश्रा ने चीनी मिलोंऔरऔर भी

जिन भारतीयों ने अपना काला धन स्विस बैंकों में रखा था, उन्होंने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए नया तरीका ईजाद कर लिया है। वे इन गुप्त खातों से धन निकाल कर दुबई या सिंगापुर के फ्री ट्रेड ज़ोन की किसी कंपनी में लगाते हैं जहां उनसे धन का स्रोत नहीं पूछा जाता। कंपनी अपना कमीशन काटकर कुछ समय बाद स्विस बैंक में नया खाता खोलकर वही रकम कॉरपोरेट डिपॉजिट के रूप में डाल देती है औरऔरऔर भी

केंद्र सरकार के पास उन 50 बड़े कर चोरों की सूची है जिन्होंने जर्मनी के लीचटेंस्टाइन शहर के एलजीटी बैंक में अपना काला धन रखा हुआ है। जर्मन सरकार ने पिछले साल अप्रैल में भी यह सूची भारत सरकार को दे दी है। सरकार चाहें तो इस सूची में शामिल नाम सार्वजनिक कर सकती है, लेकिन कर नहीं रही है। अमेरिकी सरकार भी अपने नागरिकों की ऐसी सूची जर्मनी से हासिल कर चुकी है और दोषी कर-चोरोंऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 में बैकों व अन्य वित्तीय संस्साओं ने देश के 4.56 करोड़ किसानों को कर्ज दिया था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2010-11 में यह संख्या 5.50 करोड़ तक पहुंच जानी चाहिए। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन उमेश चंद्र सारंगी ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में यह जानकारी दी है। सारंगी का कहना है कि इस साल के लिए निर्धारित कृषि ऋण 3.75 लाख करोड़ रुपए का है औरऔरऔर भी

देश के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब तक पहुंच जाने की अकुलाहट के बीच सुकून की खबर यह है कि मानसून अनुमान से दो दिन पहले ही दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के बादल 30 मई को केरल में प्रवेश कर जाएंगे। पुणे स्थित राष्ट्रीय जलवायु केंद्र के निदेशक डी शिवानंज पई का कहना है कि यूं तो केरल में बारिश शुरू हो चुकी है। लेकिन मानसून सेऔरऔर भी

सिस्टम में तरलता की कमी का जरा-सा संकेत मिलते ही रिजर्व बैंक मैदान में उतर आया है। उसने तय किया है कि बैंक चल निधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत कभी भी रिजर्व बैंक से अपनी कुल जमा का 0.5 फीसदी हिस्सा उधार ले सकते हैं। साथ ही एलएएफ सुविधा बैंकों को अब दिन में एक के बजाय दो बार दी जाएगी। रिजर्व बैंक का ताजा फैसला शुक्रवार 28 मई, 2010 से लागू हो जाएगा। लेकिन उसनेऔरऔर भी