इस साल जून तक के छह महीनों में देश में सोने की मांग 365 टन रही है जो पिछले साल की पहली छमाही की मांग 188.4 टन से 94 फीसदी अधिक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू साल 2010 की पहली छमाही में भारत में सोने के निवेश में 264 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि हुई है। साल 2009 में जून तक सोने में किया गया निवेश 25.4 टन था,औरऔर भी

दूसरे सरकारी नेताओं को तो छोड़िए, हमारे वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी तक दबी जुबान से कहते रहे हैं कि खाने-पीने की चीजों के महंगा हो जाने की एक वजह लोगों की बढ़ी हुई क्रयशक्ति है। खासकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी जैसी योजनाओं के चलते गरीब लोगों की तरफ से खाद्यान्नों की मांग बढ़ गई। वे पहले से ज्यादा खाने लगे हैं जिसका असर खाद्य मुद्रास्फीति के बढ़ने के रूप में सामने आया है। लेकिन रिजर्व बैंकऔरऔर भी

नाफेड के लिए 1200 करोड़ रुपए के राहत पैकेज को शायद अभी अमली जामा नहीं पहनाया जा सके क्योंकि कृषि मंत्रालय को इसके चेयरमैन पद पर बिजेंदर सिंह के बने रहने पर आपत्ति है। सिंह पर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप हैं। पहले तय हुआ था कि सरकार 51 फीसदी हिस्सेदारी के बदले नाफेड को 1200 करोड़ रुपए का राहत पैकेज दे सकती है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक सिंह को निजी फर्मों को 4000औरऔर भी

केंद्र सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने की डीईपीबी (ड्यूटी इनटाइटलमेंट पास बुक) समेत तमाम स्कीमों की अवधि छह महीने से लेकर एक साल तक आगे बढ़ा दी है। सोमवार को वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने चालू वित्त वर्ष 2010-11 की व्यापार नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं। इसलिए निर्यात संबंधी प्रोत्साहन को जारी रखना जरूरी है। सरकार के इस फैसले से उस पर इस साल 1052औरऔर भी

laxmi and begum

आपने भी देखा होगा। मैंने भी देखा है। सड़क के किनारे, गली के नुक्कड़ पर, बस अड्डों के पास, ट्रेन के डिब्बों में कभी-कभी एक आदमी नीचे बैठा ताश के छह पत्तों को उल्टी तरफ से दो-दो की जोडियों में खटाखट तीन सेट में रखता जाता है। आसपास कम से कम तीन लोग खड़े रहते हैं जो उसे घेरकर दांव लगाते हैं। दांव यह होता है कि जिसके बताए पत्ते के पलटने पर बेगम निकलेगी, उसके सौऔरऔर भी

अमेरिका में एच-1बी और एल-1 वीजा शुल्क में भारी वृद्धि का प्रस्ताव 14 अगस्त से प्रभावी हो गया है। इस वृद्धि से भारतीय आईटी कंपनियों पर सालाना 25 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अमेरिका के इस कदम का भारत ने विरोध किया है। भारत का कहना है कि सीमा सुरक्षा विधेयक के तहत वीजा शुल्क में की गयी यह वृद्धि उसकी कंपनियों के लिए भेदभावपूर्ण है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नेऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में पब्लिक या आम निवेशकों की भागीदारी लगातार घटती जा रही है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशक लगातार इस स्थिति में बने हुए हैं कि उनके अकेले की ताकत पब्लिक समेत तमाम भारतीय निवेशकों के लगभग बराबर बैठती है। रेलिगेयर कैपिटल मार्केट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों की शेयरधारिता में आम निवेशकों का हिस्सा जून 2008 में 9.24 फीसदी था, लेकिन जून 2010 तक यह घटकर 8.16 फीसदी रह गया। इस दौरानऔरऔर भी

हीरों की खदानें भले ही अफ्रीकी देशों, आस्ट्रेलिया, कनाडा और रूस में हों, लेकिन दुनिया के हर 11 हीरों में से नौ को तराशने और पॉलिश करने का काम सूरत में होता है। सूरत का हीरा उद्योग 65,000 करोड़ रुपए का है। वहां इसकी करीब 4500 इकाइयां हैं। दुनिया में रफ डायमंड की 70-80 सप्लाई डी बीयर्स, अलरोसा, रियो टिन्टो व बीएचपी बिलिटन जैसी अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनियां करती हैं। इसमें अकेले डी बीयर्स का हिस्सा 45-50 फीसदीऔरऔर भी

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की मैली चादर में अब छेद भी होने लगे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने इन खेलों की स्पांसरशिप के लिए पहले वादा किए गए 60 करोड़ रुपए में से बाकी बचे 40 करोड़ रुपए नहीं देने का फैसला किया है। दोनों कंपनियों के निदेशक बोर्ड ने अपनी-अपनी अलग बैठकों में बुधवार को यह निर्णय लिया। गौरतलब है कि 3 से 14 अक्टूबर तक होनेवालेऔरऔर भी

मानसून के समाप्त होने और त्यौहारी मौसम शुरू होने के साथ सीमेंट, रीयल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में आनेवाले दिनों में तेजी आने की उम्मीद है। सीएनआई रिसर्च के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक किशोर पी ओस्तवाल ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘‘मानसून के समाप्त होने और त्यौहारी मौसम शुरू होने के साथ सीमेंट, रीयल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों के प्रति निवेशकों की रूचि बढ़ेगी क्योंकि इन शेयरों सेऔरऔर भी