देश के इक्विटी बाजार में उतरनेवाला नया स्टॉक एक्सचेंज, एमसीएक्स एसएक्स पूरी तैयारी कर चुका है और बहुत मुमकिन है कि 13 नवंबर को दीवाली के मंगल अवसर पर या इससे पहले ही एक्सचेंज में ट्रेडिंग शुरू कर दे। एक्सचेंज के उप-चेयरमैन जिग्नेश शाह ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया, “नौ साल पहले 18 नवंबर को हमने अपने कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स की शुरुआत की थी। हमारी कोशिश एमसीएक्स एसएक्स की शुरुआत भी नवंबरऔरऔर भी

यह कोई विज्ञापन या झूठा दावा नहीं, बल्कि सच है। इसमें आप खुद अपनी मदद कर सकते हैं और बहुत सारी दवाओं को 80 फीसदी तक कम दाम पर खरीद सकते हैं। यह सुविधा उपलब्ध कराई है एक वेबसाइट ने। पता है medguideindia.com या मेडगाइडइंडिया डॉट कॉम। यह साइट वैसे तो पांच साल पहले शुरू की गई थी। लेकिन अब धीरे-धीरे यह लोकप्रिय होती जा रही है। इस साइट को विनोद कुमार मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफऔरऔर भी

मान्यता है कि शेयर बाजार लंबे समय में फायदा ही देता है। लेकिन यह कोई निरपेक्ष सच नहीं है। इसकी सच्चाई का फैसला ‘कहां और कैसे’ से तय होता है। मसलन, जापान का निक्केई सूचकांक बीस साल पहले अक्टूबर 1992 में 16767 अंक पर था। अगस्त 1993 में 21,027 और जून 2006 में 22,757 तक चला गया। लेकिन फिर गिरने का सिलसिला शुरू हुआ तो अभी अक्टूबर 2012 में 8596 अंक पर आ चुका है। बीस सालऔरऔर भी

लगता है कि सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वड्रा पूरी सरकार व कांग्रेस पार्टी के दामाद बन गए हैं। वड्रा और रीयल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ के बीच लेनदेन की जांच से इनकार करते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि जब तक साफ तौर पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप सामने नहीं आते, तब तक सरकार निजी सौदों की जांच नहीं कर सकती। सोमवार को राजधानी दिल्ली में आर्थिक संपादकों के सम्मेलन का उद्घाटनऔरऔर भी

आम निवेशक ज़रा-सा मौका मिलते ही म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों से तौबा कर ले रहे हैं। अभी बीते सितंबर महीने में उन्होंने इन इक्विटी स्कीमों से 3306 करोड़ रुपए निकाले हैं। यह जानकारी म्यूचुअल फंडों के साझा मंच, एम्फी की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों में दी गई। ये आंकड़े तैयार तो शुक्रवार, 5 अक्टूबर को ही कर लिए गए थे। लेकिन जारी इन्हें सोमवार को किया गया। किसी भी एक महीने में म्यूचुअल फंडों कीऔरऔर भी

वोकहार्ट का स्टॉक/शेयर सोमवार, 8 अक्टूबर से बीएसई के मिड कैप सूचकांक से बाहर निकाल दिया जाएगा। इस खबर के आने के बाद यह थोड़ा-सा गिरकर बीएसई (कोड – 532300) में 1277.80 रुपए और एनएसई (कोड – WOCKPHARMA) में 1275.95 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन इससे न तो इस स्टॉक और न ही कंपनी पर कोई फर्क पड़ता है। किसे पता था कि इसी साल 6 जनवरी 2012 को पांच रुपए अंकित मूल्य का जो शेयरऔरऔर भी

इस साल देश से अगस्त महीने में 22.33 अरब डॉलर के सामान का निर्यात हुआ है। यह पिछले अगस्त में हुए 24.74 अरब डॉलर के निर्यात से 9.74 फीसदी कम है। हालांकि अगर रुपए में आंका जाए तो यह पिछले अगस्त के मुकाबले 10.76 फीसदी ज्यादा है। कारण, अगस्त 2011 में एक डॉलर का मूल्य 44 रुपए के आसपास था, जबकि इस साल अगस्त में यह 55.50 रुपए के आसपास रहा। इस तरह रुपया डॉलर के सापेक्षऔरऔर भी

आम भारतीय, खासकर किसान सोने को कभी अपने से जुदा नहीं करता। वह उसे लक्ष्मी का रूप मानता है। लेकिन अब फसल खराब होने और आय का दूसरा साधन न होने के कारण किसान कर्जौं को उतारने और खाद व बीज का दाम चुकाने के लिए सोना बेच रहे हैं। इस साल देश के कई भागों पर पड़े सूखे या कम बारिश से उनका ये हाल हुआ है। बॉम्बे बुलियन एसोसिएशन का अनुमान है कि किसानों केऔरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में कृषि, वानिकी व मत्स्य-पालन का योगदान घटकर 14% से नीचे आ गया है। मैन्यूफैक्चरिंग व खनन का सम्मिलित हिस्सा 17% के आसपास है। बाकी करीब-करीब 69% भाग सेवा क्षेत्र के हवाले है। सेवा क्षेत्र में सबसे बड़ा हिस्सा व्यापार, होटल, ट्रांसपोर्ट व संचार का है। इसके बाद फाइनेंसिंग, बीमा, रीयल एस्टेट व बिजनेस सेवाओं का है। फिर नंबर सामुदायिक, सामाजिक व वैयक्तिक सेवाओं का है। इसके बाद कंस्ट्रक्शन और आखिर में बिजली,औरऔर भी

देश की बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनारायण को निजी बीमा कंपनियों के तौर-तरीकों पर सख्त एतराज है, खास उनके वितरण के मौजूदा ढर्रे पर। उनका कहना है कि निजी बीमा कंपनियों के वितरण खर्च का करीब 75 फीसदी हिस्सा ऑनबोर्डिंग यानी लिखत-पढ़त व कागज़ी खानापूरी में चला जाता है। कंपनियां इरडा द्वारा तय मैनेजमेंट लागत की सीमा तो पार कर गई है, लेकिन कमीशन के मामले में यह सीमा तय मानक से कमऔरऔर भी