शेयर बाजार की महत्ता हम लोग नहीं समझते। लेकिन पिछले आठ सालों में शेयर बाजार में सौदों की मात्रा में जबरदस्त इजाफा हुआ है। 2002-03 में यहां साल भर में हुई कुल ट्रेडिंग देश के सकल घेरलू उत्पाद (जीडीपी) का 57.28% थी। लेकिन 2010-11 में यह आंकड़ा 517.30% का हो गया। यानी, हमारी अर्थव्यवस्था का जो आकार है, उसकी पांच गुना से ज्यादा ट्रेडिंग शेयर बाजार में होने लगी है। वैसे इसमें से 445.91% ट्रेडिंग ऑप्शंस वऔरऔर भी

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई का मुख्य धंधा शेयरों, डिबेंचरों व अन्य प्रतिभूतियों की ट्रेडिंग कराना है। लेकिन उसकी आमदनी का बड़ा हिस्सा निवेश व डिपॉजिट से आता है। बुधवार को घोषित नतीजों के अनुसार 31 मार्च 2011 को समाप्त वित्त वर्ष में बीएसई की कुल आमदनी 538.03 करोड़ रही है। इसमें से 227.39 करोड़ रुपए यानी 42.26 फीसदी हिस्सा निवेश व डिपॉजिट से आया है। प्रतिभूति सेवाओं से हुई उसकी आय 179.73 करोड़ रुपएऔरऔर भी

अच्छे उत्पादन के चलते भारत का मक्का निर्यात अक्तूबर को समाप्त होने वाले 2010-11 के विपणन वर्ष में 33 फीसदी बढ़कर 24 लाख टन रहने की उम्मीद है। इस दौरान रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन की संभावना है। अमेरिकी खाद्यान्न परिषद (यूएसजीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2009-10 के विपणन वर्ष (नवंबर से अक्तूबर) में 18 लाख टन मक्के का निर्यात किया था। यूएसजीसी के भारत स्थित प्रतिनिधि अमित सचदेव ने बताया कि भारत का मक्का निर्यातऔरऔर भी

ठीक साल भर पहले जब पिरामल हेल्थकेयर ने अपनी फार्मा बिजनेस एबॉट लैब्स को बेची थी तो पिरामल समूह के चेयरमैन अजय पिरामल ने बड़े भावुक अंदाज में कहा था कि उन्हें लग रहा है जैसे वे पाल-पोसकर बड़ी की गई बेटी को ससुराल भेज रहे हों। अब उसी तरह की बात इनफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कही है। उन्होंने कहा है कि इनफोसिस छोड़ना बिल्कुल उसी तरह है जैसे मां-बाप अपनी बेटी कीऔरऔर भी

कोल इंडिया (सीआईएल) ने बाजार पूंजीकरण के लिहाज से ओएनजीसी को पीछे छोड़ते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। वैसे, निजी क्षेत्र को मिला दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी इस लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। कोल इंडिया का शेयर सोमवार को एनएसई में 8.70 रुपए बढ़कर 397.60 रुपए पर बंद हुआ है। उसने आज ही 400.90 रुपए पर अब तक का उच्चतम स्तर भी बनाया है। इसी के साथऔरऔर भी

सरकारी रवैये से किसी कंपनी का क्या हश्र हो सकता है इसका एक और उदाहरण सामने आया है। कानूनी बाधाओं के कारण दूरसंचार मंत्रालय पिछले करीब दो साल से सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में वित्त निदेशक की नियुक्त नहीं कर सका है। कंपनी का कारोबार 30,000 करोड़ रुपए सालाना से अधिक है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। दूरसंचार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे मेंऔरऔर भी

सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को कृष्णा गोदावरी बेसिन स्थित उसके डी-6 ब्लॉक में गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले महीने तक दो और कुएं खोदने का आदेश दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उससे संबद्ध हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के आग्रह को दरकिनार करते हुए कंपनी को जून अंत तक इस ब्लॉक में दो कुएं और वित्त वर्ष के अंत तक नौ कुएं खोदने को कहा है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वालीऔरऔर भी

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत के सबसे बड़े बैंक का शुद्ध लाभ मात्र मात्र 20.88 करोड़ रुपए हो सकता है। लेकिन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ ऐसा ही हुआ है। सोमवार को घोषित नजीतों के अनुसार मार्च 2011 की तिमाही में एसबीआई ने 1922.73 करोड़ रुपए का कर-पूर्व लाभ कमाया है। लेकिन 1901.85 करोड़ रुपए का टैक्स चुकाने के बाद उसका कर-बाद लाभ 20.88 करोड़ रुपए रहा है, जबकि साल भर पहले इसीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की इजाजत के बगैर काम कर रही एक प्लांटेशन कंपनी और उसके दो निदेशकों पर दिल्ली की एक अदालत ने जुर्माना लगाया है। हालांकि जुर्माने की रकम महज 2.25 लाख रुपए है। लेकिन सांकेतिक रूप से इसका काफी महत्व है। योजना एग्रो फॉरेस्ट्री नाम की यह कंपनी लंबे-चौड़े रिटर्न का झांसा देकर लोगों से धन इकट्ठा कर रही थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पवन कुमार जैन ने कंपनी के खिलाफ सेबी कीऔरऔर भी

वेदांत समूह द्वारा केयर्न एनर्जी को अधिग्रहण करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी, जबकि इस सौदे को पूरा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 20 मई को समाप्त हो रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी जिसमें केयर्न एनर्जी द्वारा केयर्न इंडिया में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वेदांत समूह को बेचने पर चर्चाऔरऔर भी