डायबिटीज के मरीजों की संख्या में तीव्र वृद्धि के बीच दुनिया भर की कंपनियां इसके इलाज और इसकी रोकथाम के लिए नई दवाओं के विकास पर जोर दे रही हैं। दो साल के भीतर नई विकसित की जा रही दवाओं की संख्या करीब ढाई गुना हो गई है। अमेरिका की अग्रणी दवा अनुसंधान और जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों के संघ, फार्मास्यूटिकल रिसर्च एंड मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (पीएचआरएमए) के मुताबिक 2010 में उसकी सदस्य कंपनियों द्वारा डायबिटीज या मधुमेह कीऔरऔर भी

पिछले दो साल में भवन निर्माण की लागत 18 फीसदी बढ़ गई है। यह कहना है रीयल एस्टेट क्षेत्र पर नजर रखने वाली ऑनलाइन डाटा व विश्लेषण फर्म प्रॉपइक्विटी का। इससे रीयल एस्टेट के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। प्रोपइक्विटी के एक अध्ययन मुताबिक 2009 से 2011 के बीच सीमेंट, स्टील, मजदूरी और ईंट जैसी चार प्रमुख चीजों के महंगा होने से निर्माण लागत में कुल 18 फीसदी वृद्धि हो गई है। इस तरह लागत बढ़ जानेऔरऔर भी

ब्रिटेन में मौजूदगी रखने वाली भारतीय कंपनियां और भारत में मौजूद ब्रिटिश कंपनियां एक सख्त ब्रिटिश कानून के दायरे में आ गई हैं। यह कानून घूसखोरी को रोकने के लिए बनाया गया है। ब्रिटेन का घूसखोरी अधिनियम-2010 शुक्रवार, 1 जुलाई से प्रभाव में आ गया। इस कानून के तहत घूसखोरी अथवा भ्रष्टाचार में लिप्त पाए लोगों को 10 साल तक की जेल हो सकती है और उनके खिलाफ असीमित जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी पाई गईऔरऔर भी

वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (डब्ल्यूएसए) के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देशों में भारत को पीछे छोड़कर अमेरिका तीसरे नंबर पर आ गया है। साल 2010 की स्थिति के मुताबिक भारत 683 लाख टन की क्षमता के साथ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश है, जबकि अमेरिका का स्टील उत्पादन इससे ज्यादा 805 लाख टन रहा है। रूस 669 लाख टन के साथ दुनिया का पांचवां बड़ा स्टील उत्पादक है। 2009 तक अमेरिका भारतऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सिंगूर पुनर्वास व विकास कानून, 2011 को चुनौती देने वाली टाटा मोटर्स की याचिका के संदर्भ में पश्चिम बंगाल सरकार को 8 जुलाई तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को न्यायाधीश सौमित्र पाल ने सरकार को याचिका के विरोध में अपना हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और टाटा मोटर्स से इस पर 12 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि सिंगूर कानून को चुनौती देने वाली मुख्यऔरऔर भी

सरकारी कंपनी एनटीपीसी उत्तर प्रदेश में कानपुर के पास बिल्हौर में कोयला आधारित बिजली परियोजना लगाएगी। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के चुनाव-क्षेत्र में पड़नेवाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 6600 करोड़ रुपए है। इस पर जनवरी 2012 से काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी सूत्रों के मुताबिक इस ताप बिजली परियोजना की क्षमता 3120 मेगावॉट होगी। इस पर अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते से काम शुरू हो जाएगा। हालांकि संयंत्र को कोयला आपूर्तिऔरऔर भी

इंटरनेट के इस दौर ने जहां डाक पर लोगों की निर्भरता कम की है, वहीं डाक कर्मियों को शिकायत है कि अब उन्हें काम करने में न तो लोगों से पहले जैसी आत्मीयता मिलती है और न ही किसी तरह का आनंद। सब कुछ यंत्रवत हो गया है। पिछले 21 साल से डाक बांटने वाले पोस्टमैन रघुनंदन गुप्ता ने बताया ‘‘पहले की बात और थी। लोगों को अपनी चिट्ठी का इंतजार रहता था। हम डाक लेकर जातेऔरऔर भी

स्पेक्ट्रम की भारी किल्लत को देखते हुए सरकार नयी दूरसंचार नीति में दो या अधिक सेवा प्रदाताओं के बीच स्पेक्ट्रम के साझा इस्तेमाल की अनुमति दे सकती है। नयी दूरसंचार नीति, 2011 की रूपरेखा तैयार करने में लगे अधिकारियों ने कहा, ‘‘यद्यपि ट्राई (टीआरएआई) ने स्पेक्ट्रम के साझा इस्तेमाल की सिफारिश की है, लेकिन इसके खरीद-फरोख्त की कभी भी सिफारिश नहीं की गई।’’ अधिकारियों ने 2जी स्पेक्ट्रम में खरीद-फरोख्त से इनकार किया है क्योंकि इसकी नीलामी नहींऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने टाटा मोटर्स को राहत देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगूर की जमीन फिलहाल किसानों को वापस नहीं लौटाने का निर्देश दिया है। इस जमीन का अधिग्रहण टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना  के लिए किया गया था। बुधवार को न्यायाधीश पी. सतशिवम और न्यायाधीश ए.के. पटनायक ने कहा, “अंतरिम आदेश के तहत हम राज्य सरकार को यह निर्देश देते हैं कि कलकत्ता हाईकोर्ट के अगले आदेश तक वह किसानों को जमीन वापस नहींऔरऔर भी

उड़ीसा के जगतसिंह पुर जिले में दक्षिण कोरियाई कंपनी पोस्को की प्रस्तावित इस्पात परियोजना का हश्र पश्चिम बंगाल में टाटा की सिंगूर परियोजना जैसा होता दिखाई दे रहा है। अपनी भूमि दे चुके किसानों को उचित मुआवजा देने और अन्य शर्तो को पूरा करने की मांग पर अड़े स्थानीय निवासियों ने सड़क व रेलमार्ग रोक दिया है। इससे मंगलवार को तीसरे दिन भी पोस्को परियोजना का काम-काज बंद रहा। उधर कोलकाता से मिली खबर के अनुसार माओवादियोंऔरऔर भी