दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मशीन से मशीन और व्‍यक्ति से मशीन तक संदेश भेजने की प्रतिदिन प्रति सिम 200 एसएमएस की सीमा में बुधवार को छूट दे दी। ट्राई द्वारा एक दिसंबर 2010 को जारी दूरसंचार व्‍यवासायिक संचार उपभोक्‍ता प्राथमिकता अधिनियम 27 सितंबर 2011 को लागू किया गया था। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी भी एक्‍सेस प्रोवाइडर को प्रतिदिन प्रति सिम 200 से ज्‍यादा एसएमएस भेजने की इजाजत नहीं है। दूरसंचार मंत्रालय की कहनाऔरऔर भी

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग के लिए 31 दिसंबर 2011 तक 9005 लाइसेंस जारी कर चुका है, जबकि चांदी के आभूषणों के लिए भी 528 लाइसेंस जारी किए गए है। सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने का प्रयास जारी है। छोटे सुनारों की सुविधा के लिए बीआईएस ने देश भर में 170 हॉलमार्किंग केन्द्रों की पहचान की है। बीआईएस विभिन्न क्षेत्रों में अपने क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा हॉलमार्किंग के बारे मेंऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में बड़ा अजीबोगरीब घटता रहता है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने सोमवार को दिसंबर 2011 की तिमाही के नतीजे घोषित किए। बताया कि इस दौरान उसकी बिक्री साल भर पहले की अपेक्षा 17.24 फीसदी घटकर 7717.87 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 63.62 फीसदी घटकर 205.62 करोड़ रुपए पर आ गया है। इसकी वजह देश-विदेश की कमजोर आर्थिक हालत, कंपनी के मानेसर संयंत्र में चली मजदूर हड़ताल, ऊंची ब्याज दरऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में जिस कंपनी की पैरवी देश के पूर्व सोलिसिटर जनरल हरीश साल्वे और कांग्रेस के प्रवक्ता व जानेमाने वकील अभिषेक मनु सिंघवी कर रहे हों, उसका जीतना कोई मुश्किल नहीं था। वह भी तब, जब मामला किसी विदेशी कंपनी का हो और हमारी सरकारी विदेशी निवेश को खींचने के लिए बेताब हो। इन दोनों प्रख्यात वकीलों की तगड़ी पैरवी की बदौलत वोडाफोन ने सुप्रीम कोर्ट में वह मामला जीत लिया जिसमें उसे पहले बॉम्बे हाईकोर्टऔरऔर भी

देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के दिसंबर तिमाही के नतीजों का अंदाज लगाने में विश्लेषकों व बाजार ने कोई गच्चा नहीं खाया। बल्कि, शुद्ध लाभ उनके अनुमान से भी बदतर रहा है। अधिकांश विश्लेषकों का अनुमान था कि कंपनी का शुद्ध लाभ 4500 से 4800 करोड़ रुपए रहेगा। लेकिन हकीकत में कंपनी का शुद्ध लाभ 4440 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले की दिसंबर तिमाही में हुएऔरऔर भी

टेक्सटाइल देश में कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोज़गार देनेवाला क्षेत्र है। यह 3 करोड़ 50 लाख से ज्‍यादा लोगों को सीधे रोज़गार देता है। देश के कुल औद्योगिक उत्‍पादन में इसका योगदान 14 फीसदी, सकल घरेलू उत्‍पादन में 4 फीसदी और निर्यात से होने वाली आय में इसका योगदान 10.63 फीसदी है। 11वीं पंचवर्षीय योजना में 40 एकीकृत टेक्‍सटाइल पार्को को मंजूरी दी गई और इसके लिए 1400 करोड़ रुपए की राशि दी गई। राष्‍ट्रीय वस्‍त्रऔरऔर भी

19वीं सदी में जॉर्ज ईस्टमैन द्वारा बनाई और दुनिया भर में कैमरों के लिए मशहूर अमेरिकी कंपनी कोडक अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। उसने अमेरिकी प्रशासन से खुद को दीवालिया घोषित किए जाने की फरियाद की है। वैसे, कोडक की भारतीय शाखा कोडक इंडिया ने कहा है कि मूल कंपनी की दीवालियेपन की अपील से उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर अमेरिकी कंपनी की फरियाद मान ली गई तो उसे लेनदारों का बकाया चुकानेऔरऔर भी

सरकार ने सोने व चांदी की मात्रा के बजाय मूल्य पर आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है। अभी तक 10 ग्राम सोने पर 300 रुपए और एक किलो चांदी पर 1500 रुपए का आयात शुल्क लगा करता था। लेकिन ताजा अधिसूचना के मुताबिक अब सोने के मूल्य का दो फीसदी और चांदी के मूल्य का 6 फीसदी आयात शुल्क लिया जाएगा। हीरे पर भी अब दो फीसदी आयात शुल्क लगेगा। सरकार को नए प्रावधान से इसऔरऔर भी

बहुत दिनों से चल रही अटकलबाजी को नए नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह की पहल पर औपचारिक जामा पहना दिया गया है। मंगलवार को मंत्रियों के समूह ने अपनी बैठक में घरेलू एयरलाइन कंपनियों में विदेशी एयरलाइंस को 49 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि इस समय भी घरेलू एयरलाइंस में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत है। लेकिन इस 49 फीसदी में अनिवासी भारतीय (एनआरआई) व दूसरे विदेशीऔरऔर भी

सस्ते टैबलेट लैपटॉप ‘आकाश’ के लिए कनाडा की कंपनी डाटाविंड के साथ करार जारी रहेगा। कंपनी पहली खेप के लिए निर्धारित एक लाख में से बाकी बचे सत्तर हजार टैबलेट के अपग्रेडेड वर्जन उपबल्ध कराएगी। अपग्रेडेड वर्जन ‘आकाश-दो’ अप्रैल महीने तक उपलब्ध होगा। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल सोमवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आकाश की मांग बहुत अधिक है। हम सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में छात्रों तक उसकी उपलब्धताऔरऔर भी