व्यक्तिगत जीवन में गड़े मुर्दे उखाड़ने का कोई मतलब नहीं होता। लेकिन देश के जीवन में इतिहास और उससे जुड़े ‘महात्माओं’ का निर्मम मूल्यांकन जरूरी होता है, उन्हें कब्र तक से खोदकर निकालना पड़ता है।और भीऔर भी

ज़िंदगी को संवारने में बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस बीच थकने-हारने पर रोना आए तो रो लेना चाहिए जी भर। आखिर रोने में क्या बुराई! रोने से मन हल्का होता है और हल्का मन उड़ने लगता है, हल्के-हल्के।और भीऔर भी

ठगों से भरी बस्ती में किसी पर विश्वास करना घातक है। तो क्यों न बस्ती ही बदल दी जाए? ऐसा संभव है क्योंकि सहज विश्वास मूल मानव स्वभाव है, जबकि ठगी समाज की देन है। और, समाज को बदला जा सकता है।और भीऔर भी

हम सांप को रस्सी न समझें, जो चीज जिस रूप में है, उसे उसी रूप में देखें – यह अवस्था हासिल करना ध्येय है हमारा। नहीं तो अपने पूर्वाग्रहों के चलते हम सच को नहीं देख पाएंगे और हकीकत हमें मुंह चिढ़ाती रहेगी।और भीऔर भी

कुछ न जानने पर भी काम तो चल ही जाता है। लेकिन जानने से जिंदगी आसान हो जाती है। मानव समाज के अब तक के संघर्षों से हासिल लाभ हमें मिल जाता है और हम तमाम फालतू परेशानियों से बच जाते हैं।और भीऔर भी

जब आप किसी काम के इश्क में पड़ जाते हो तो कोई भी बाधा या विफलता आपको नहीं रोक पाती। दिल से ठान लेना ही आधी से ज्यादा सफलता की गारंटी है। बाकी तो गंगा अपने बहने की राह खुद खोज लेती है।और भीऔर भी

आप प्रतिकूलताओं से घिरे हैं तो भाग्यशाली हैं क्योंकि इनके बीच ही हमारी सोई शक्तियां जगती हैं। सब ठीक हो तो नई अनुभूति नहीं मिलती। और, अनुभूति ही तो पूंजी है। बाकी तो सभी को विदा खाली हाथ ही होना है।और भीऔर भी

आईने में अपनी छवि से लड़ती गौरैया को देखा है! हम भी इसी तरह अक्सर दूसरों में अपनी छवि से ही लड़ते रहते हैं। लड़ने के बाद भी समझ में आ जाता तो भला होता। पर हम तो अपनी तरफ ताकते तक नहीं।और भीऔर भी

जब अकेला नेता सपने देखता है और लोग उसे हासिल करने में मदद करते हैं तो हिटलरशाही पैदा होने का खतरा रहता है। जब लोग सपने देखते हैं और नेता उसे हासिल करने में मदद करता है तो लोकशाही आती है।और भीऔर भी

झटपट कुछ नहीं मिलता। दही को कुछ समय तक मथने के बाद ही मक्खन निकलता है। कम से कम आधे घंटे की कसरत के बाद ही हमारे मस्तिष्क से तनाव को दूर करने वाले रसायन एन्डोर्फिन का रिसाव होता है।और भीऔर भी