बड़ों में स्थिर भाव, छोटों में चपलता
जब लार्जकैप या बड़ी कंपनियों में जमकर खरीद हो चुकी होती है तो उनमें कुछ दिनों के लिए मुनाफावसूली चल निकलती है। ठीक इसी वक्त मिडकैप स्टॉक्स में खरीद बढ़ने लगती है और वे फटाफट उढ़ने लगते हैं। फिलहाल बाज़ार का यही हाल है। लेकिन जैसे ही कोई बुरी खबर आएगी, यही मिडकैप स्टॉक्स बड़ी तेज़ी से गिरेंगे, जबकि लॉर्जकैप या तो संभले रहेंगे या गिरेंगे तो बहुत थोड़ा। इस सावधानी के साथ अब नज़र आज पर…औरऔर भी
बाज़ार के भाव और भावना को समझें
दीर्घकालिक निवेश और अल्पकालिक ट्रेडिंग के नीति-नियम अलग-अलग हैं। निवेश को लेकर वॉरेन बफेट का कहना है कि जब बाज़ार में औरों पर लालच हावी हो तो आप डर-डरकर कदम उठाएं और जब औरों पर डर छाया हो तो आप लालची हो जाएं। लेकिन ट्रेडिंग में न्यूनतम रिस्क की नीति कहती है कि जब बाज़ार लालच से पागल हो उठा हो तब आप कभी भी बेचकर या शॉर्ट से कमाने की न सोचें। अब बुधवार का बाज़ार…औरऔर भी
थोक भाव पर खरीदो, रिटेल पर बेचो
सरकार और ज्यादातर कंपनियों का वित्त वर्ष अप्रैल से। किसानों का नया साल मार्च-अप्रैल के बीच चैत्र से। लेकिन व्यापारियों का नव वर्ष दीवाली के बाद से शुरू होता है। सभी का अपना-अपना जीवन-चक्र। शेयर बाज़ार के ट्रेडर भी एक तरह के व्यापारी हैं। रणनीति होनी चाहिए कि थोक में खरीदो, रिटेल में बेचो। पर ज्यादातर ट्रेडर रिटेल के भाव खरीदते हैं और घबराकर थोक के भाव पर निकल जाते हैं। करते हैं संवत 2070 की शुरुआत…औरऔर भी
सेंसेक्स की दीवाली, बहुतों का दीवाला
शेयर बाज़ार के मूड का पैमाना बीएसई सेंसेक्स 10 जनवरी 2008 के शिखर 21,206.77 को भेदकर 21,293.88 की नई ऊंचाई हासिल कर चुका है। एक तो महंगाई की औसत दर को 10 फीसदी भी मानें तो सेंसेक्स का असल स्तर 12,251.16 पर है। दूसरे, इसमें शामिल 30 कंपनियों से अलग बीएसई-500 पर नज़र डालें तो मात्र 133 शेयर ही नए शिखर पर हैं। बाकी 367 अब भी पस्त हैं। पेश है इन्हीं में से एक शानदार शेयर…औरऔर भी






