आदित्य बिड़ला केमिकल्स लगातार पांच सालों से डिविडेंट (लाभांश) देनेवाली कंपनी है। पिछले तीन सालों में 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयर उसने 1.5 रुपए यानी 15 फीसदी का लाभांश दिया है। कंपनी का शेयर इसी साल 8 जनवरी 2010 को 102.55 रुपए के शिखर पर पहुचा था, जबकि साल भर पहले 8 अप्रैल 2009 को वह 39.15 रुपए के न्यूनतम भाव पर था। इस 8 अप्रैल को बीएसई में उसका शेयर 1.81 फीसदी घटकर 86.60 रुपएऔरऔर भी

इस समय देश भर में जीएसटी (माल व सेवा कर) लागू करने की तैयारियां चल रही हैं। अगले साल 1 अप्रैल 2011 से इसे अपनाने की घोषणा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी इस साल के आम बजट में कर चुके हैं। कर की समान दरों के बारे में तरह-तरह के प्रस्ताव आ रहे हैं। कोई कहता है कि इसे 12 फीसदी होना चाहिए। ऐसे में हमें एक बार अपने भारतीय मनीषी कौटिल्य की तरफ भी देख लेने कीऔरऔर भी

जो बाहर है, वही तो अंदर है। प्रकृति ही बाहर है और भीतर भी। इसलिए किसी के सामने झुककर आपके अंदर की शक्ति नहीं जगती। इसके लिए तो अंदर की इंजीनियरिंग और सर्जरी जरूरी है।और भीऔर भी

निवेशक खुद सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाने की बजाय म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों से ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। यह बात साबित होती है पिछले एक साल में ऐसी स्कीमों द्वारा दिए गए रिटर्न से। पिछले एक साल में बीएसई का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स जहां करीब 70 फीसदी बढ़ा है, वहीं म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों का एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य0 152 फीसदी तक बढ़ा है। म्यूचुअल फंड के आंकड़े और शोध से जुड़ी संस्थाऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा करनेवाली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरेगा में धन के वितरण की कोई समान नीति नहीं है। बुधवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि इस योजना में भारी-भरकम रकम डाली गई है। लेकिन यह रकम या तो सही लाभार्थियों तक न पहुंचकर गलत हाथों में चली जाती है याऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि इस सीजन में खरीदे जानेवाले लगभग 263 लाख टन गेहूं का 20 फीसदी हिस्सा खुले में रखना पड़ेगा क्योंकि देश में इसके भंडारण की उचित सुविधाएं नहीं हैं। पिछले साल गेहूं की सरकारी खरीद 254 लाख टन रही थी जो इस साल 9 लाख टन ज्यादा रहेगी। बता दें कि इस बार पंजाब व हरियाणा में गेहूं की बंपर फसल हुई है। सरकारी संस्था भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) केऔरऔर भी

मुम्बईकरों को पानी की परेशानी के बीच सूचना के अधिकार से एक हैरतअंगेज सूचना निकली है कि बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा कम से कम 18 पानी कंपनियों को उनकी मुनाफाखोरी के लिए लाखों लीटर पानी दिया जा रहा है। एक तरफ जहां शहर के निवासियों के सामने पानी का घनघोर संकट छाया हुआ है वहीं दूसरी तरफ इन 18 कंपनियों को हर रोज 8,10,000 लीटर पानी दिया जा रहा है और बदले में उनसे पूरे सालऔरऔर भी

शेयर बाजार में सर्किट का खेला हर दिन चलता है। जैसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 7 अप्रैल को 356 शेयरों पर सर्किट ब्रेकर लगा था, जिसमें से 274 पर अपर सर्किट और 82 पर लोअर सर्किट लगा हुआ था। सोमवार को शिवालिक बाईमेटल पर अपर सर्किट लगा तो बुधवार को कावेरी टेलिकॉम पर। शेयर कहीं ज्यादा उछल-कूद न मचाएं, इसके लिए हमारी पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने सर्किट लगाने का नियम बना रखा है। यहऔरऔर भी

देश के अनुसूचित वाणिज्यक बैंकों ने बीते वित्त वर्ष 2009-10 के आखिरी पखवाड़े में 1,15,549 करोड़ रुपए का ज्यादा कर्ज दिया है। यह पूरे वित्त वर्ष में बैंक कर्ज में हुई कुल 4,64,850 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी का 24.85 फीसदी है। रिजर्व बैंक की तरफ से बुधवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 26 मार्च 2010 को बैंकों द्वारा दिए गए कुल कर्ज की मात्रा 32,40,399 करोड़ रुपए है, जबकि 12 मार्च 2010 को खत्म हुए पखवाड़ेऔरऔर भी

कावेरी टेलिकॉम प्रोडक्ट्स में इस समय आग-सी लगी हुई है। बुधवार को सुबह नौ बजे के आसपास इसमें खरीद की सलाह आई और सीधे खुला ही पिछले बंद भाव 90.60 रुपए से 2.40 रुपए बढ़कर 93 रुपए पर। फिर पौने दस नहीं बजे थे कि यह 4.50 रुपये की बढ़त के साथ 52 हफ्तों के शिखर 95.10 रुपए पर जा पहुंचा। चूंकि यह बढ़त पिछले बंद भाव से 4.97 फीसदी अधिक है तो 5 फीसदी सर्किट ब्रेकरऔरऔर भी