आज दो अच्छी खबरें हैं जो कल बाज़ार बंद होने के बाद सामने आईं। एक तो यह कि लगातार दो महीने तक सिकुड़ने के बाद देश का औद्योगिक उत्पादन जुलाई महीने में 2.6% बढ़ा है। दूसरी खबर यह कि अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर घटकर 9.52% पर आ गई है, जबकि जुलाई में यह 9.64% थी। चलिए, देखते हैं कि आज शेयर बाज़ार पर इन खबरों का क्या असर होता है…औरऔर भी

शेयर के भाव और खबरों का क्या रिश्ता है, इसे टाटा पावर के उदाहरण से समझा जा सकता है। मंगलवार को स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने इसे डाउनग्रेड कर दिया। कहा कि अगले बारह महीनों में ऋणों की देनदारी के चलते इसका कैश-फ्लो कमज़ोर रहेगा। लेकिन कल, बुधवार को इसका शेयर 4.07% बढ़ गया। सच यह है कि छोटी अवधि में खबरों के आगे-पीछे बहुतेरी शक्तियां काम करती हैं जिन्हें हम देख नहीं पाते। अब हाल बाज़ार का…औरऔर भी

ट्रेडिंग का वास्ता इससे नहीं कि आप कितने सही/सटीक हैं, बल्कि इससे है कि आपने नोट बनाए कि नहीं। फर्क इससे नहीं पड़ता कि आप कितना सारा जानते हैं, बल्कि इससे पड़ता है कि आप जो भी जानते हैं, उसे कितना जानते हैं। इंटरनेट का अथाह समुद्र एक क्लिक पर सूचनाओं के झाग उगलने लगता है। पर इसमें कितना है काम का? सौ से ज्यादा कैंडल। काम की केवल सात-आठ! इसलिए जितना जानो, गहरा जानो। अब आगे…औरऔर भी

शुक्रवार को एनएसई में 1240 शेयरों में ट्रेडिंग, जिनमें 696 बढ़े, 476 घटे और 68 जहां थे, वहीं पड़े रहे। बढ़नेवाले शेयरों में कम से कम दस शेयर 3% से ज्यादा बढ़े तो गिरनेवालों में कम से कम दस ऐसे जो 1% से ज्यादा गिरे। टिप्स इन्हीं सैकड़ों शेयरों में से एक-दो शेयर छांटकर आपका काम थोड़ा आसान कर देती है। लेकिन कमाई इससे नहीं होती। वो होती है आपकी अपनी तैयारी और धन-प्रबंधन से। अब आगे…औरऔर भी