शेयर बाज़ार को दूर से जाननेवाले लोग इसे शुद्ध सट्टा बाज़ार मानते हैं। जो इसके नजदीक आते हैं, वे उछल पड़ते हैं कि यहां तो एक ही दिन में कोई-कोई शेयर 10-20% छलांग जाते हैं। वाह-वाह! इससे तो 20 दिन की ट्रेडिंग में 200-400% कमाया जा सकता है। उसके बाद जो आखिरकार घुस पड़ते हैं, उनमें से 99% रोते हैं कि उनका हाथ लगनेवाला शेयर ही डूब क्यों जाता है। सुलझाएंगे यह गुत्थी। पहले सोमवार का व्योम…औरऔर भी

बाज़ार में हर गिरा हुआ शेयर सस्ता नहीं होता। लेकिन बिजनेस मॉडल संभावनामय हो तो किन्हीं वजहों से गिरावट से सस्ता हुआ शेयर कंपनी में निवेश करने का अच्छा मौका देता है। आज हम तथास्तु में एक ऐसी ही कंपनी पेश कर रहे हैं जिसके शेयर इधर बाज़ार में गिरे हुए हैं। कंपनी को अपने कुछ हालिया फैसलों से घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन अगले दो-तीन सालों में इसमें किया गया निवेश अच्छा रिटर्न दे सकता है।औरऔर भी

कोई भी अर्थव्यवस्था नई रिसर्च, नए आविष्कार और नई चीजें लाने या नवाचार पर जोर देने से बढ़ती है। लेकिन भारत बिजनेस करने की आसानी में इधर थोड़ा सुधरने के बावजूद वैश्विक नवाचार सूचकांक (ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स) में 2007 के 23वें स्थान से खिसककर 2015 में 81वें स्थान पर पहुंच गया है। इसकी खास वजह यह है कि भारत में सरकार के साथ-साथ कॉरपोरेट क्षेत्र भी रिसर्च व अनुसंधान (आर एंड डी) पर खर्च घटाता जा रहाऔरऔर भी

इंसान का बुनियादी स्वभाव है कि वो सोचता है हादसा दूसरों के साथ होगा, उसके साथ नहीं। इसी सोच पर चलनेवाले बहुतेरे ट्रेडर मन ही मन स्टॉप लॉस लगाते हैं, जबकि सौदे के ऑर्डर के साथ ही उसे सिस्टम में डाल देना चाहिए। ऑनलाइन ट्रेडिंग में इसकी व्यवस्था है। साथ ही उसमें ऐसे अलॉर्म की भी व्यवस्था है कि जब भाव आपकी गणना के माफिक पहुंच जाए तो सिस्टम आपको अलर्ट कर दे। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

निवेश में नियम है कि पहले कंपनी अच्छी तरह ठोंक-बजाकर चुनो। फिर कई महीने व साल तक निश्चिंत हो जाओ। इसी तरह स्विंग, मोमेंटम या पोजिशनल ट्रेड में भी बाज़ार को दिन में एक ही बार देखने के नियम का पालन करें। ट्रेडिंग करने लायक शेयर चुनें, अपनी पोजिशन चेक करें और अगले दिन शाम तक निश्चिंत हो जाएं। इससे फालतू का तनाव बच जाता है और आप सुसंगत निर्णय ले पाते हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी