पकड़ें चंद इंडीकेटरों से संस्थाओं को
हम आपके लिए जो भी स्टॉक चुनते हैं, उसके मूल में रहता है कि किसी स्टॉक में संस्थागत ट्रेडर कहां पर एंट्री और एक्जिट ले सकते हैं। इसके लिए हम मुख्य रूप से कैंडल के आकार, स्थान, मूविंग औसत और आरएसआई जैसे गिने-चुने इंडीकेटरों का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही भावों की चाल को चार्ट पर अलग-अलग टाइमफ्रेम में देखते हैं। चार्टिंग का सॉफ्टवेयर हम बीएसई व एनएसई का ही इस्तेमाल करते हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
बैंकों की आस्तियां बन गई अस्थियां!
हम ऋण लेते हैं तो वह हमारे लिए बोझ या देनदारी होता है। मशहूर कहावत भी है कि अगर हमें बैंक को 100 रुपए लौटाने हैं तो यह हमारी समस्या है, लेकिन हमें अगर 100 करोड़ लौटाने हैं तो यह बैंक की समस्या है। दरअसल, बैंक जब ऋण देता है, तब वह उसके लिए आस्ति होती है क्योंकि मूलधन समेत उस पर मिला ब्याज़ ही उसकी कमाई का मुख्य ज़रिया है। इन ऋणों की वापसी अटक जाएऔरऔर भी
हम कम करें आपकी रिसर्च का बोझ
पिछले पौने चार साल में बहुतों ने यह सेवा ली, बहुत-से बाद में पीछे हट गए और बहुत-से अब भी मैदान में डटे हैं। जो डटे हैं, वे यकीनन ऐसे लोग हैं जिन्होंने ट्रेडिंग का अपना सिस्टम बनाया होगा। गांठ बांध लें कि अपना सिस्टम बनाए बिना आप सटीक सलाहों से भी बराबर नहीं कमा पाएंगे। हम आपकी रिसर्च का बोझ हल्का करते हैं ताकि आप न्यूनतम रिस्क में अधिकतम रिटर्न कमा सकें। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
अपने सिस्टम में ही सफलता का मंत्र
मासूम ट्रेडरों की ठगी को कैसे रोका जाए? ‘अर्थकाम’ ने ऐसे एक ठग को नजदीकी से पहचाना। हालांकि उस ठग की दुकान अब भी चालू है। उसमें एक राजनीतिक पार्टी के बड़े नेता तक ने निवेश कर रखा है। खैर, रिसर्च का क्रम शुरू हुआ। बहुत सारी किताबें पढ़ डालीं। कई महंगी-महंगी क्लासें कीं। टेक्निकल एनालिसिस भी सीखी। अहसास हुआ कि बगैर अपना सिस्टम बनाकर ट्रेड करने वाले बाजार में हमेशा पिटते हैं। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी
मासूम ट्रेडर ना बनें ठगों का शिकार
शेयर बाजार में ट्रेडिंग का यह कॉलम शुरू हुए करीब चार साल होने जा रहे हैं। इसकी प्रेरणा तब मिली, जब हमने देखा कि हिंदी, मराठी या गुजराती भाषी तमाम लोग टिप्स पर ट्रेडिंग करते हैं। कंपनी को ऑर्डर मिलनेवाले हैं, बड़ा एफआईआई खरीदने जा रहा है, म्यूचुअल फंड की खरीद आनेवाली है या बाज़ार का कोई बड़ा खिलाड़ी हाथ लगानेवाला है। ऐसे सफेद झूठ फैलाकर मासूम ट्रेडरों को ठगा जा रहा था। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी





