सिर चढ़कर बोलता ऑप्शंस का जुनून
हर समय, हर जगह लोगबाग न्यूनतम मेहनत में अधिकतम नोट बनाने की फिराक में लगे रहते हैं। वित्तीय बाज़ार के आम ट्रेडर इसमें औरों से चार कदम आगे हैं। शेयर बाज़ार में पेनी स्टॉक्स का झांसा बरकरार है। अब डेरिवेटिव ट्रेडिंग का नया दौर चल निकला है तो सभी उसके पीछे भाग रहे हैं। इसमें भी फ्यूचर्स नहीं, ऑप्शंस के पीछे क्योंकि वो ऊपर-ऊपर काफी सस्ता नज़र आता है। यह कितना सही है? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
दुष्चक्र तोड़ें तो अवसर हैं बेइंतेहा
समृद्धि बढ़ने से खपत का स्तर बढ़ता है और बिजनेस के नए-नए अवसर बनते जाते हैं। देश की अर्थव्यवस्था बढ़ती जाती है। कुछ उद्यमी इतने तेज़ होते हैं कि वे देश की नहीं, विदेश तक के अवसरों को पकड़ लेते हैं। लेकिन कई उद्योग ऐसे हैं जिन्हें जीवन की तरह उतार-चढ़ाव के चक्र से गुजरना पड़ता है। प्रबंधन दुरुस्त हो तो हर दुष्चक्र तोड़ देता है। तथास्तु में विजय के मुहाने पर खड़ी एक ऐसी ही कंपनी…औरऔर भी
जो चले समय के साथ, सूरा सोई
जो समय और टेक्नोलॉज़ी के साथ न चल सके, उसे मिटने से कोई रोक नहीं सकता। ज़ेरॉक्स व कोडक जैसी नामी कंपनियों का यही हश्र हुआ। यही नहीं, इंटरनेट पर सबसे पहले छानेवाली ब्लूचिप कंपनी याहू भी मिटने की कगार पर पहुंची तो वेरिज़ोन ने उसे काफी सस्ते में खरीद लिया। लेकिन आज हम तथास्तु में भारतीय मनोरंजन जगत की ऐसी कंपनी पेश करने जा रहे हैं जो बदलते वक्त के साथ खुद को ढालती रही है…औरऔर भी







