जोखिम से उपलब्धि की यात्रा तक
जीवन में हमेशा बहुत कुछ नया होता रहता है। इसी तरह अर्थव्यवस्था में भी बहुत कुछ नया और अच्छा होता रहता है। सरकार कुछ करे या करे, उद्यमी अपनी धुन में कुछ न कुछ नया रचते रहते हैं। समझदार निवेशक को हमेशा ऐसे उभरते उद्यमियों और उनकी कंपनियों पर नज़र रखनी चाहिए ताकि वे अपनी अतिरिक्त बचत को उनके साथ जोड़कर जोखिम से उपलब्धि की यात्रा कर सकें। आज तथास्तु में इसी यात्रा पर निकली एक कंपनी…औरऔर भी
ऑप्शंस की फसान है बहुत जबरदस्त
लोगबाग ऑप्शंस के दीवाने हैं, खासकर निफ्टी व बैंक निफ्टी ऑप्शंस के। इक्विटी डेरिवेटिव्स के टॉप-20 कॉन्ट्रैक्ट में आपको यही दो ऑप्शंस छाए मिलेंगे। धन भी ज्यादा नहीं लगता। मसलन, निफ्टी-8950 में कॉल का भाव है 16.75 रुपए और लॉट 75 का तो कुल लगे 1256 + 30 रुपए का ब्रोकरेज। डूबें तो यही 1286 रुपए, और फायदा महीने भर में 50-60%! बस डेल्टा, थीटा, गामा व वेगा सीख लें। फंसान है तगड़ी। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
बड़ों की चाल झलके ओपन इंटरेस्ट में
जिस चीज़ के चाहनेवाले बढ़ जाते हैं तो उसके भाव चढ़ जाते हैं। यह बात शेयर बाज़ार पर भी लागू होती है। हां, यह छोटे या रिटेल निवेशकों की नहीं, बड़ों की खरीद असरकारी होती है। ट्रेडिंग में सफलता की कुंजी है कि इसे कैसे पकड़ा जाए। कुछ लोग इसके लिए शेयरों के फ्यूचर्स के ओपन इंटरेस्ट को आधार बनाते हैं। वे फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस से बाहर के शेयरों को हाथ नहीं लगाते। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
काया से जा फंसे छाया के जोखिम में
कंपनियों में पांच-दस नहीं, बल्कि साल-दो साल के लिए भी निवेश करनेवालों की संख्या घटती जा रही है क्योंकि अधिकांश लोगों के लिए यह घाटे का सौदा साबित हुआ है। लगाया था सौ रुपए, दस साल में घटकर रह गया आठ रुपया। इसलिए आम निवेशक ट्रेडर बनते गए। उसमें भी कोई सिरा नहीं मिला तो मूल शेयरों के डेरिवेटिव्स, फ्यूचर्स व ऑप्शंस में खेलने लगे और कम से भयंकर जोखिम में धंस गए। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी






