ट्रेडिंग में उतरनेवाला हर शख्स सस्ते में खरीदने और महंगे में बेचने की सोचता है। लेकिन बाज़ार में सस्ते में खरीदना तभी होता है, जब हर कोई बेच चुका होता है। चार्ट पर सभी कैंडल लाल दिखते हैं। कंपनी संबंधी बदतर खबरें चलती रहती हैं। लेकिन ऐसे माहौल में हमारा सहज दिमाग खरीदने नहीं, भागने को कहता है। जीवन के दूसरे क्षेत्रों में हम सेल में खरीदते हैं। मगर शेयर बाज़ार में नहीं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

अगर जीवन के अन्य क्षेत्रों में आपका अपने ऊपर नियंत्रण नहीं है तो इस गफलत में मत रहिए कि वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में इसे हासिल कर लेंगे। यहां तो हर पल आत्मनियंत्रण ही नहीं, आपके जीवन की अब तक की सीख की परीक्षा होगी। अमूमन हम अच्छी लगनेवाली चीज़ के पीछे और हर डरानेवाली चीज़ से दूर भागते रहे हैं। ट्रेडिंग व निवेश में सफलता के लिए हमें इसका उल्टा करना होगा। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में उतरनेवाले अक्सर केवल उसके फायदे देखते हैं। नहीं देखते कि उसमें चुनौतियां क्या हैं। नहीं समझते कि ये ऐसी चुनौतियां हैं जो बैंक बैलेंस ही नहीं, उनके आत्मविश्वास तक को ध्वस्त कर सकती हैं। बाजार की हकीकत यह है कि यहां जो लड्डू देखकर आते हैं, वे धन गंवाते हैं और उनका धन वे लोग ले जाते हैं जो इसकी चुनौतियों को ध्यान में रखकर ट्रेड करते हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

जब कोई शेयर या कमोडिटी जैसे वित्तीय बाज़ार में ट्रेडिग करने की सोचता है तो उसके मन में हर तरफ से लड्डू ही लड्डू फूटते हैं। कितना मज़ा आएगा! न कोई बॉस, न सुबह-सुबह ऑफिस जाने का झंझट! घर पर बैठकर अपने लैपटॉप से ट्रेडिंग। बचत से ढाई लाख रुपए भी लगाए तो महीने में 10% कमाने पर ही 25,000 आ जाएंगे। बाकी मूलधन सुरक्षित। इससे ज्यादा और क्या चाहिए रिटायरमेंट के बाद। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

जंगल को देखना और पेड़ों का न देखना, यह तरीका आम जीवन के लिए सही नहीं होता। निवेश में तो यह कतई कारगर नहीं। मसलन, इस समय एनएसई निफ्टी 23.65 और बीएसई सेंसेक्स 22.45 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 64.81 के पी/ई अनुपात पर। इससे कोई भी निष्कर्ष निकाल सकता है कि स्मॉलकैप स्टॉक इस समय बहुत महंगे हैं। तथास्तु में इस बार ऐसी स्मॉलकैप कंपनी जो अभी सस्ती है…औरऔर भी