दिया वो कीमत, मिला वो मूल्य
शेयर बाज़ार का निवेश कोई सोना नहीं कि लेकर रख लिया जो मुसीबत में काम आएगा। शेयरों में हम निवेश रिटर्न के लिए करते हैं। जिस भाव पर उसे खरीदते हैं, वो उसकी कीमत और जो मिलता है वो उसका मूल्य। 100 का मूल्य अगर 80 के भाव पर खरीदेंगे तो 25% रिटर्न और 87 में खरीदें तो रिटर्न हुआ 15% से नीचे। इसलिए सही भाव पर निवेश करना ज़रूरी है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी
टिप्स बेचनेवालों से सदा सावधान रहें
कुछ दिनों पहले एक दुर्जन का फोन आया। बोले कि उनकी रिसर्च फर्म कैश व फ्यूचर्स में इंट्रा-डे टिप्स देती है। रोज़ एक पक्की सलाह। मैंने पूछा कि स्टॉक सेलेक्शन का उनका सिस्टम क्या है। लगे आंय-बांय बकने। लेकिन दावा कि उनकी दस में से आठ टिप्स सटीक बैठती है। फीस 11,000 रुपए प्रति माह। ऐसे ठगों से सावधान रहें। कमाना है तो ऐसा सिस्टम बनाइए कि लोग आपके बाद खरीदें या बेचें। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
मन का फंदा तोड़कर बुद्धि रखें ऊपर
रिटेल ट्रेडरों को अगर बाज़ार से कमाना है तो उन्हें सच्चाई को जस का तस समझने की कोशिश करनी होगी और अपनी सीमाओं को स्वीकार करना होगा। मन का फंदा तोड़कर उसके ऊपर बुद्धि को मांजकर रखना होगा। कोई कितना भी झांसा दे, हमें कम मेहनत में ज्यादा कमाई के लालच में नहीं फंसना है क्योंकि हमें लालच में फंसानेवाले दरअसल अपनी आसान कमाई का इंतज़ाम करने में लगे होते हैं। अब चलाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
रिटेल ट्रेडर पीछे चलते प्रोफेशनल के
सीधी-सी बात है कि ग्लोबल नेटवर्क से जुड़ी पूंजी या उसके साथ लयताल मिलाकर चले रहे लोकल ऑपरेटरों के प्रोफेशनल अंदाज़ को टक्कर देना रिटेल ट्रेडरों के वश की बात नहीं है। रिटेल ट्रेडर उनका अनुसरण ही कर सकते हैं। लेकिन टुच्चे अहंकारवश रिटेल ट्रेडरों को यह सच्चाई हजम नहीं होती। नतीजा यह होता है कि उनकी सारी पूंजी धीरे-धीरे बहकर प्रोफेशनल व संस्थागत ट्रेडरों के बैंक खातों में पहुंच जाती है। अब परखें मंगल की दृष्टि…औरऔर भी






