शेयर बाज़ार में निवेश और ट्रेडिंग की राह निकालना किसी सैन्य युद्ध की योजना बनाने से कम नहीं। कितनी भी कुशल योजना बना लें, कुछ भी आपकी योजना के अनुरूप नहीं चलता। इसका मतलब यह नहीं कि बिना कोई योजना बनाए मैदान में कूद पड़ना चाहिए। योजना ज़रूर बनाएं, तैयारी भी पूरी करें। लेकिन हमेशा सतर्क रहें कि पल में सारे समीकरण बदल सकते हैं। इन बदलावों के माफिक ढलने की क्षमता रखें। बाज़ार अक्सर बड़ी तगड़ीऔरऔर भी

सारा ब्रह्माण्ड, दुनिया, ज़माना और हमारे इर्द-गिर्द अंदर-बाहर की हर चीज़ हल पल बराबर बदलती रहती है। पिछले दस सालों में तो ज़माना कुछ ज्यादा ही तेज़ी से बदला है। इसमें भी पिछले दो साल में तो कोरोना ने सारी दुनिया, हमारा समूचा जीवन ही बदल डाला। सबक यह है कि लम्बे समय का निवेश चुनते वक्त वैसे ही उद्योग की कंपनी चुनी जाए जिसमें समय के साथ चलने का दमखम हो। ऐसा न हो कि कैसेटऔरऔर भी

मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीमों की तरह क्रिप्टो एक्सचेंजों के पीछे भी राजनेताओं की मिलीभगत बताई जाती है। उनकी ताकतवर लॉबी ने सरकार व नियामक संस्थाओं के हाथ बांध दिए हैं। लेकिन ज़मीनी स्थिति विकराल होती दिख रही है। ब्लॉकचेन एंड क्रिप्टो एसेट काउंसिल (बीएसीसी) ने हाल ही में एक विज्ञापन में दावा किया कि क्रिप्टो करेंसी में डेढ़ करोड़ से ज्यादा भारतीय करीब 6 लाख करोड़ रुपए लगा चुके हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर सारी क्रिप्टो मुद्राओं काऔरऔर भी

क्रिप्टो करेंसी में इस्तेमाल होनेवाली ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी बड़े काम की है। कई नामी कंपनियों समेत हमारा कॉरपोरेट क्षेत्र इसे पिछले कुछ साल से अपना भी चुका है। लेकिन रिजर्व बैंक से लेकर सेबी व भारत सरकार तक जैसी ढिलाही बरत रहे हैं, उसमें आम लोगों के बीच क्रिप्टो करेंसी का धंधा मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीमों जैसे व्यापक फ्रॉड की शक्ल लेता जा रहा है। जगह-जगह कुकुरमुत्तों की तरह फर्जी क्रिप्टो एक्सचेंज बनते जा रहे है। हज़ारों गुना रिटर्नऔरऔर भी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार बिटकॉयन जैसी किसी भी क्रिप्टो या डिजिटल करेंसी के विज्ञापनों पर कोई बंदिश नहीं लगाने जा रही। ज़मीनी स्थिति यह है कि एनडीटीवी जैसा चैनल तक कॉफी एंड क्रिप्टो जैसा प्रायोजित शो चला रहा है। महानगरों पर कारों पर आपको क्रिप्टो से जुड़े विज्ञापन देखने को मिल जाते हैं। माहौल बनाया जा रहा है कि क्रिप्टो पर बैन लगाना गलत होगा। हमारी सरकार ने कहाऔरऔर भी