बीते वित्त वर्ष 2022-23 के मुनाफे/ईपीएस को आधार बनाएं तो सेंसेक्स अभी 25.41 और निफ्टी 23.97 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। निफ्टी-50 में शामिल कंपनियों का शुद्ध लाभ अगले दो साल में 13% की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ता है तो उसका फॉरवर्ड पी/ई घटकर 19 के आसपास आ जाता है। इसलिए कुछ जानकार बाज़ार को सस्ता बता सकते हैं। लेकिन सब कुछ मन का धन है। कंपनियों का मुनाफा ठहरा रहता है, तबऔरऔर भी

शेयर बाज़ार में सक्रिय सभी लोगों का सम्मिलित मनोविज्ञान शेयरों के भाव और शीर्ष सूचकांकों में झलकता है। इन लोगों में देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों के फंड मैनेजर, हाई नेटवर्थ व्यक्ति (एचएनआई), प्रोफेशनल ट्रेडर और सुलझे हुए धनवान निवेशक तक शामिल हैं। इन सबका आत्मविश्वास, आशावाद व सकारात्मक नज़रिया जब हद से पार चला जाता है तो बाज़ार में अतिशय लालच और निश्चिंतता का सुरूर चढ़ जाता है। सकारात्मक तत्व नकारात्मक हालात पैदा कर देते हैं। इतिहास गवाहऔरऔर भी

बाज़ार बढ़ जाता है तो दराज़ में रखी विशेषज्ञों की व्याख्याएं बाहर निकलकर फड़फड़ाने लगती हैं। वे बताते हैं कि मुद्रास्फीति घट रही है, ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला रुक चुका है, वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है, देश में राजनीतिक स्थिरता है, यूक्रेन पर रूस का हमला खत्म हो सकता है, आदि-इत्यादि। बाज़ार अचानक गिर जाए तो दराज़ से विशेषज्ञों की व्याख्या का दूसरा सेट निकल आएगा। सब बकवास है। पारम्परिक ज्ञान कहता है किऔरऔर भी

निफ्टी-50 सूचकांक 20,000 पर पहुंचते-पहुंचते रह गया। हफ्ते-दो हफ्तें में वहां पहुंच सकता है। फिर दो-चार साल में 30,000 तक भी चला जाएगा। हमारी अर्थव्यवस्था अभी 3.32 लाख करोड़ या ट्रिलियन डॉलर की है। कुछ साल में 5 ट्रिलियन और फिर 10 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। कुछ साल में जर्मनी, जापान से आगे निकल तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह विकास की सहज स्वाभाविक गति है। उसीऔरऔर भी

आप शेयर बाज़ार में निवेश करने जाएं तो साफ गिन लें कि कितना धन डुबाने का जोखिम ले रहे हैं। मुमकिन है कि किसी कंपनी में आपने जितना धन लगाया, वह सारा का सारा डूब जाए। जब जेब और मन इसके लिए तैयार हो, तभी निवेश करें। नहीं तो बेहतर होगा कि सरकार के बॉन्ड, बैंकों की एफडी या पीपीएफ वगैरह में अपना धन पार्क कर दें, जहां कम से कम मूलधन तो सुरक्षित बना हुआ दिखेगा।औरऔर भी