प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया है कि देश के कुछ श्रम कानून ऐसे हैं जिन्होंने अपेक्षित नतीजे नहीं दिए हैं। ऐसे कानूनों ने रोजगार के विकास को चोट पहुंचाई है। आज जरूरत है कि हम इन कानूनों की समीक्षा करें। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में 43वें भारतीय श्रम सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, “हमने आजादी के बाद से कई प्रगतिशील श्रम कानून बनाए हैं और उससे पहले भी देशऔरऔर भी

जो बात अभी तक शेयर बाजार से ताल्लुक रखनेवाला हर कोई शख्स दबी जुबान से कहता रहा है, वह अब भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर डॉ. वाई वी रेड्डी की जुबान पर आ गई है। उनका कहना है कि शेयर बाजार में कॉरपोरेट क्षेत्र, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के बीच जिस तरह के रिश्ते हैं, वैसे में ये बाजार के साथ खेल करते होंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। कमऔरऔर भी

अहमदनगर फोर्जिंग्स (बीएसई कोड – 513325, एनएसई कोड – AHMEDFORGE) का शेयर पिछले एक महीने में 18.75 फीसदी बढ़ चुका है। 22 अक्टूबर को यह बंद हुआ था 142.15 रुपए पर और कल 22 नवंबर को इसका बंद भाव रहा है 168.80 रुपए। इस बीच में यह 9 नवंबर को 209.90 रुपए का शिखर भी बना चुका है। सवाल उठता है कि क्या इसमें अब भी उठने की ऊर्जा बची है? जवाब है – हां। कारण, इसकीऔरऔर भी

कोई भी काम इतना नया नहीं होता कि थोड़ा-बहुत सीखने के लिए पुराने अनुभव न हों और कोई भी काम इतना पुराना नहीं होता कि कोई खब्ती दावा कर सके कि यह काम तो हम बहुत पहले आजमा कर फेंक चुके हैं।और भीऔर भी

देश की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष 2010-11 की दूसरी तिमाही में भी पहली तिमाही में हासिल विकास दर 8.8 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद है। यह कहना है वित्त सचिव अशोक चावला। सोमवार को राजधानी दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह (सितंबर 2010 की तिमाही में जीडीपी विकास दर) पहली तिमाही से काफी करीब होगी।” बता दें कि सकल घरेलू उत्पाद याऔरऔर भी

गुजरात के सूरत जिले में सदियों से की जा रही जरी की कढ़ाई को भौगोलिक संकेत (ज्योग्राफिक इंडिकेशन या जीआई) का तमगा हासिल हो गया है जिससे इसे विशेष संरक्षण मिल गया है। प्रमुख उद्योग संगठन फिक्की (पश्चिमी क्षेत्र) के एक सदस्य ने कहा, ‘‘चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेत कार्यालय ने सूरत की जरी कढ़ाई को हाल ही में जीआई का दर्जा दिया है। इससे सूरत में जरी के काम से जुड़े डेढ़ लाख लोगों को अपने उत्पादोंऔरऔर भी

मंगलम ड्रग्स एंड ऑर्गेनिक्स (बीएसई कोड – 532637, एनएसई कोड – MANGALAM) कोई बड़ी कंपनी नहीं है। कुल बाजार पूंजीकरण अभी (शेयर के भाव और कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल = 20.45 X 1.318 करोड़) 26.953 करोड़ रुपए है। उसकी चुकता शेयर पूंजी 13.18 करोड़ रुपए है जो 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी है। गुरुवार को दुरुस्त नतीजे घोषित करने के बाद शुक्रवार को उसका शेयर 6.23 फीसदी बढ़कर 20.45 रुपए परऔरऔर भी

निर्वात कभी स्थाई नहीं होता, न अंदर न बाहर। वो बस कुछ पलों के लिए होता है क्योंकि बनते ही उसे भरने का तेज क्रम शुरू हो जाता है। वायुमंडल में हवाओं का तूफान आ जाता है तो समुंदर में लहरों का भूचाल।और भीऔर भी

यह महाभारत की एक कथा है जो शरशय्या पर पड़े भीष्म युधिष्ठिर को सुना रहे हैं,  यह सुझाते हुए कि राजकाज में किसी व्यक्ति के स्वभाव को पहचान कर ही उसके अधिकारों में वृद्धि करनी चाहिए। आज राजकाज तो रहा नहीं, लेकिन अपने व्यवसाय से लेकर नौकरी तक में हमें एक तरह का राजकाज ही चलाना होता है। योगेंद्र जोशी जी ने यह कथा अपने ब्लॉग – जिंदगी बस यही है, पर बड़े मनोयोग से लगाई है।औरऔर भी

भारत सरीखे उतार-चढ़ाव भरे मौसम वाले देश में, जहां के नागरिकों का सबसे पुराना पेशा कृषि है, फसल बीमा खेती-किसानी के लिए बड़ा कारगर है। इसे किसानों का संकटमोचक कहा जा सकता है। भारतीय बीमा कंपनियों ने इसे इतना सरल कर दिया है कि एक खास कंपनी से खाद खरीदने वाला किसान खुद-ब-खुद बीमाधारक बन जाता है। किसानों के लिए उपयोगी: ध्यान रहे कि अगर उचित प्रचार-प्रसार किया जाए तो फसल बीमा से देश के सबसे पुरानेऔरऔर भी