सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी जनवरी-मार्च तिमाही में लौह अयस्क (आइरन ओर) की कीमतों में तीन फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। इससे जेएसडब्ल्यू, एस्सार और टाटा स्टील जैसी इस्पात कंपनियां दाम बढ़ाने को प्रोत्साहित हो सकती हैं। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रेस्ट के अनुसार कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘एनएमडीसी जनवरी से लौह अयस्क की कीमतें तीन फीसदी तक बढ़ा सकती है।’’ उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने और वैश्विकऔरऔर भी

ऐसा क्यों कि हम जो भी बनाते हैं वो भस्मासुर बन हमारा ही नाश करने पर उतारू हो जाता है? नेता से लेकर अभिनेता और भगवान तक हम ही बनाते हैं। लेकिन वो मालिक बन बैठता है और हम गुलाम।और भीऔर भी

यह सच है कि अंग्रेजी भाषा ने हम भारतीयों को दुनिया से लेने के काबिल बना रखा है। लेकिन आगे बढ़ने के लिए अंग्रेजी सीखने का दबाव न होता तो शायद हम लेने के बजाय दुनिया को दे रहे होते।और भीऔर भी

देश के हथकरघा क्षेत्र में लगे बुनकरों की संख्या पिछले 15 साल में करीब 33 फीसदी घटकर 43.3 लाख पर आ गई है। कामगारों के शहरी इलाकों में पलायन कर जाने के चलते संख्या में यह कमी आई। 1995 में कराई गई जनगणना के समय देश में हथकरघा बुनकरों की तादाद 65 लाख थी। हथकरघा विकास आयुक्त आर एन चौबे के मुताबिक, ‘‘बुनकरों की संख्या में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि इन बुनकरों की अगली पीढ़ी उच्चऔरऔर भी

सरकार ने सालाना रक्षा आयात बिल को 40,000 करोड़ रुपए से घटाकर 20,000 करोड़ रुपए करने की योजना बनाई है। यह कहना है कि रक्षा राज्यमंत्री एम.एम. पल्लम राजू का। उन्होंने गुरुवार को हैदराबाद में निजी क्षेत्र की कंपनी न्यूकॉन इंडस्ट्रीज की डिफेंस व एयरोस्पेस सिस्टम एकीकरण यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि आयात घटाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इस समय रक्षा सामग्रियों के लिए नियत रकम का करीब 65 फीसदी आयातऔरऔर भी

कुछ लोग इसे धर्मांध मुसलमानों का तुष्टीकरण बता सकते हैं, लेकिन बिजनेसवालों के लिए यह ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने दायरे में लाकर धंधा बढ़ाने या वित्तीय समावेश का तरीका है। जी हां, सोमवार 27 दिसंबर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) इस्लाम धर्म की मान्यताओं पर खरा उतरनेवाला एक सूचकांक शुरू कर रहा है। उसने इसे तक़वा एडवाइजरी एंड शरीया इनवेस्ट सोल्यूशंस (तासिस) के सहयोग से बनाया है। इनका नाम है बीएसई तासिल शरीया 50 इनडेक्स।औरऔर भी

नाम है तिलकनगर इंडस्ट्रीज, धंधा है दारू का। कुछ लोगों को परहेज हो सकता है कि शराब, सिगरेट व गुटखा जैसी नशीली चीजें बनानेवाली कंपनियों में निवेश नहीं करेंगे। अच्छी बात है। हालांकि धंधा तो धंधा होता है और हमें यही देखना है कि हमारी पूंजी कहां बढ़ सकती है। महाभारत खत्म होने पर श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को धर्म की शिक्षा लेने के लिए एक कसाई के पास भेजा था। खैर, तिलकनगर इंडस्ट्रीज (बीएसई – 507205,औरऔर भी

आठ घंटे सोना, आठ घंटे काम करना और आठ घंटे मौज-मस्ती। दिन के चौबीस घंटे का यह आदर्श विभाजन है। ऐसा संतुलन बन जाता तो मजा आ जाता। लेकिन आदर्श भी कभी सच होते हैं भला!और भीऔर भी

एक तरफ 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग पर बीजेपी की अगुआई में विपक्ष संसद से बाहर भी सरकार से भिड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के ही वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने इस मुद्दे पर विचार और सलाह मांगी है। श्री जोशी ने इस मुद्दे पर सोमवार, 27 दिसंबर को पीएसी की बैठक बुलाई है जिसमें लोगों कीऔरऔर भी

शायद आप भी उचित हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने की मुश्किल से रू-ब-रू हुए होंगे। पिछले दिनों ऐसी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्लिनिकल रिसर्च प्रोफेशनल अनुपम मिश्र को। 25 साल के अनुपम ने जब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के लिए बाजार की पड़ताल की तो वे अकबका रह गए। क्या लूं और क्या छोड़ दूं? बेसिक कवर, मेडिक्लेम, जटिल सर्जिकल प्रोसीजर्स, क्रिटिकल इलनेस, कैशलेश व हॉस्पिटल कैश री-इम्बर्समेंट जैसे प्लान्स ने अनुपम को कन्फ्यूज कर दिया।औरऔर भी