परायों में अपना
अपनों में शायद ही कोई अपना मिले, जिसके नाम खुद को किया जा सके। परायों में तलाशोगे, दर-दर भटकोगे तो जरूर कोई न कोई मिल जाएगा, खुद को जिसके नाम कर निश्चिंत हो सकते हो।और भीऔर भी
अपनों में शायद ही कोई अपना मिले, जिसके नाम खुद को किया जा सके। परायों में तलाशोगे, दर-दर भटकोगे तो जरूर कोई न कोई मिल जाएगा, खुद को जिसके नाम कर निश्चिंत हो सकते हो।और भीऔर भी
वित्त वर्ष 2011-12 के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का बजट अनुमान है 89,80,860 करोड़ रुपए, जबकि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने राजकोषीय घाटे का अनुमान रखा है 4,12,817 करोड़ रुपए। इस तरह नए वित्त वर्ष में वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.6 फीसदी तक सीमित रखने का मसूंबा बांधा है। लेकिन बहुतेरे जानकार व अर्थशास्त्री वित्त मंत्री के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को शक की नजर से देखते हैं। हालांकि एनम सिक्यूरिटीजऔरऔर भी
चालू खाते के बढ़ते घाटे से परेशान सरकार देश में विदेशी पूंजी को खींचने की हरचंद कोशिश कर रही है। इसी के तहत 2011-12 के बजट में जहां कॉरपोरेट बांडों को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निवेश सीमा बढ़ाकर 40 अरब डॉलर कर दी गई है, वहीं म्यूचुअल फंडों को अपनी इक्विटी स्कीमों में सीधे विदेशी निवेशकों से अभिदान या सब्सक्रिप्शन लेने की इजाजत दे दी गई है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यह घोषणा करते हुएऔरऔर भी
कृषि और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के बूते चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.2 फीसदी रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह दर 7.3 फीसदी रही थी। बजट वाले ही दिन सोमवार को योजना आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, तीसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 8.9 फीसदी रही है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाहीऔरऔर भी
पहले बुरी खबर बताएं या अच्छी? महंगी होने वाली चीजें गिनाएं या सस्ती? चलिए शुरुआत करते हैं सस्ती होनेवाली चीजों से। वर्ष 2010-11 के लिए संसद में पेश किए गए बजट में विभिन्न जिंसों और सेवाओं पर सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा करों आदि में फेरबदल किए जाने से जो वस्तुओं सस्ती हुई हैं वो हैं मोबाइल, फ्रिज, सोना और चांदी के ज़ेवर, कागज, सीमेंट, एलईडी टीवी, बैटरी से चलने वाली गाड़ियां, सौर उपकरण, कीमती नग, औरऔर भी
साल भर पहले जब सरकार ने घोषित किया था कि वह राजकोषीय घाटे को जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के 5.5 फीसदी तक सीमित रखेगी, तब उसका यह लक्ष्य और दावा बड़ा अतार्किक लग रहा था। लेकिन 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से मिले अतिरिक्त धन की बदौलत सरकार राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 फीसदी तक लाने में कामयाब रही है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की यह एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि आस्तियों को बेचना घाटे को पूराऔरऔर भी
बजट 2011-12 में साल भर में 60 लाख रुपए तक का टर्नओवर करनेवाले व्यक्तियों और अकेले प्रॉपराइटर करदाताओं को ऑडिट की औपचारिकता से मुक्त कर दिया है। वित्त मंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सर्विस टैक्स देनेवाले कई गुना बढ़ गए हैंम। इसमें भारी संख्या छोटे टर्नओवर वाले व्यक्तियों या अकेले प्रॉपराइटरों की है। जब भी कभी उनके दफ्तर में ऑडिट होता है तो ऑडिट के दौरान उन्हें अपना कामकाज समेटना या कहीं और लेऔरऔर भी
सरकार नए वित्त वर्ष 2011-12 से 15 लाख रुपए तक के होम लोन पर ब्याज में एक फीसदी की सब्सिडी देगी, बशर्ते मकान की कीमत 25 लाख रुपए से कम हो। अभी तक सरकार की तरफ से 20 लाख रुपए तक के मकान पर 10 लाख रुपए के होम लोन पर एक फीसदी ब्याज सब्सिडी दी जाती है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में बजट भाषण में कहा कि वे आवास ऋण पर एक फीसदी ब्याजऔरऔर भी
कंपनी विधेयक, 2009 संसद के चालू बजट सत्र में ही पेश किया जाएगा। यह विधेयक लगभग आधी सदी पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2011-12 का बजट पेश करते हुए यह प्रस्ताव किया। सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के घोटाले के सामने आने के बाद नया कंपनी विधेयक संसद में पेश किया गया था। नए कंपनी विधेयक में शेयरधारकों के लिए अधिक पारदर्शिता और कड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों काऔरऔर भी
जल्दी ही देश के बहुत सारे नौकरीपेशा लोगों को टैक्स-रिटर्न भरने के झंझट से निजात मिल जाएगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2011-12 का आम बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उनका कहना था कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) जल्दी ही ऐसे नौकरीपेशा करदाताओं की श्रेणी घोषित करेगा जिन्हें आयकर रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि उनका टैक्स तो नियोक्ता द्वारा टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) के जरिए पहले ही अदाऔरऔर भी
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