तीन माह तक लगातार घटने के अप्रैल 2011 में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 43 फीसदी बढकर 3.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले साल इसी माह देश में कुल 2.17 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि एफडीआई के मौजूदा आंकड़े वैश्विक और विशेष रूप से यूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाते हैं। इस दौरान देश में मुख्य रूप से मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी औरऔरऔर भी

गंभीर मतभेदों और तीखी बयानबाजी के दौर के बाद सरकार और गांधीवादी अण्णा हज़ारे पक्ष के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई लोकपाल विधेयक मसौदा समिति की बैठक ‘सौहार्दपूर्ण’ रही। हालांकि, सरकार ने जहां बातचीत में बड़ी प्रगति होने का दावा किया, वहीं हज़ारे पक्ष ने कहा कि मतभेद वाले मुद्दों पर अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है। बैठक का ‘सौहार्दपूर्ण’ माहौल में होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली बैठक में गंभीर मतभेद उभरने केऔरऔर भी

शनिवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नए चेयरमैन प्रकाश चंद्रा ने दिल्ली में बयान दिया कि मॉरीशस भारत के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) में संशोधन पर विचार कर रहा है और दोनों पक्षों में जल्दी ही इसे ठोस रूप देने पर बैठक हो सकती है। रविवार को उनका यह बयान टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई अखबारों में छपा। हालांकि इसमें यह भी जोड़ दिया गया कि भारत अपने यहां लाभ कमानेवाली कंपनियों परऔरऔर भी

सुबह बाजार खुलने पर धीमी गिरावट चल रही थी कि दस बजे के आसपास एक बिजनेस चैनल ने खबर चला दी कि सरकार मॉरीशस से साथ टैक्स-संधि पर पुनर्विचार कर रही है और मॉरीशस से भारत में हुए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाया जा सकता है। फिर क्या था! बाजार खटाक से 3 फीसदी नीचे गिर गया। खबर आते ही तमाम शेयरों पर हमला शुरू हो गया भले ही उनमें मॉरीशस के जरिए आया धन लगाऔरऔर भी

ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (टीसीआई) माल की ढुलाई ही नहीं करती, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स सेवाएं भी मुहैया कराती है। 1958 में शुरुआत कोलकाता में एक ट्रक से की थी। अब दुनिया के 12 देशों तक पहुंच चुकी है। भारत में लॉजिस्टिक्स उद्योग की सबसे बड़ी कंपनी है। दावा है कि वह देश के कुल जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 2.5 फीसदी अकेले इधर से उधर करती है। फिलहाल ताजा घोषित नतीजों के अनुसार उसने वित्त वर्षऔरऔर भी

यूं तो हम सभी अंदर से सूरज की तरह तेजस्वी व मेधावी होते हैं। लेकिन बचपन से लेकर बड़े होने तक जमाने से मिले काले मेघ उसे घेर लेते हैं। चाहें तो हम हर मेघ को मेहनत-मशक्कत से काट सकते हैं।और भीऔर भी

जीत का मतलब यही क्यों होता है कि हम कितनों को पीछे छोड़ आगे निकल गए? जीत का मतलब यह क्यों नहीं होता कि कितने लोगों के साथ हमारा दिल धड़कता है, कितनों का दुख हमें अपना लगता है?और भीऔर भी

किशोर बियानी के फ्यूचर समूह ने दावा किया है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक वह अपने ऑनलाइन पोर्टल फ्यूचर बाजार से रोजाना कम से कम एक करोड़ रुपए की बिक्री हासिल कर सकता है। फ्यूचरबाजार डॉट काम के अध्यक्ष कश्यप देवरा ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया, “हमने चालू वित्त वर्ष के अंत तक फ्यूचरबाजार डॉट काम पर रोजाना एक करोड़ रुपए का बिक्री ऑर्डर का लक्ष्य रखा है।” उन्होंने कहा कि कंपनी कोऔरऔर भी

एक तरफ उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती कह रही हैं कि भूमि अधिग्रहण पर उनकी नीति हरियाणा सरकार से भी अच्छी है और केंद्र सरकार तक को इसे अपना लेना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ किसानों को इससे अपनी सांसत बढ़ने का अंदेशा है। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस रामचंद्रन पिल्लई ने कहा है कि माया सरकार द्वारा भट्टा-परसौल काण्ड के बाद अपनाए गए निदान से किसान खुश नहीं हैं। वे इसे भी सरकार द्वाराऔरऔर भी

लगता है कि सरकार अण्णा हजारे व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ किसी टकराव से बचना चाहती है। पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें लोकपाल के दायरे में आने में कोई आपत्ति नहीं है और अब इस मुद्दे पर सबसे मुखर, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्ब्ल कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री को पद पर रहते नहीं, लेकिन पद छोड़ने के बाद लोकपाल के दायरे में लाया जा सकता है। सिब्बल ने समाचार चैनलऔरऔर भी