क्या आरडीबी है साल का जैकपॉट?

आरडीबी इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश चालू साल 2010 का जैकपॉट बन सकता है। यह चर्चा है बाजार के कारोबारियों में। 120 रुपए के आसपास के मौजूदा भावों पर इसमें खरीद शुरू हो चुकी है। पिछले 52 हफ्तों में यह शेयर ऊपर में 142 रुपए और नीचे में 49.75 रुपए तक गया है। यह कोलकाता की कंपनी है और इसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सुंदर लाल डूंगर हैं। कंपनी ने दिसंबर 2009 में खत्म तिमाही में 14.75 करोड़ रुपए की बिक्री पर 1.39 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है।

वित्त वर्ष 2007-08 में कंपनी ने 15.75 करोड़ रुपए की बिक्री पर 12,29 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसकी ईपीएस (प्रति शेयर आय – शुद्ध लाभ को इक्विटी पूंजी से भाग देने पर आई रकम) 11.43 रुपए थी। 2008-09 में कंपनी की बिक्री तो बढ़कर 31.43 करोड़ रुपए हो गई। लेकिन उसका शुद्ध लाभ 2.69 करोड़ रुपए ही रहा। नतीजतन उसका ईपीएस घटकर 2.50 रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2009-10 के लिए शानदार नतीजों का अनुमान है। कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 58.79 फीसदी है।

खास बात यह है कि कंपनी मुख्यतया रीयल एस्टेट व कंस्ट्रक्शन और सिगरेट-तंबाकू के कारोबार से ताल्लुक रखती है। अप्रैल 1994 में उसने कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद न्यू टोबैको कंपनी की आस्तियों को लीज पर लिया था। इसके तहत वह रीजेंट, नंबर टेन फिल्टर, नंबर टेन वर्जीनिया, कूल, प्रिंस हेनरी (पाइप टोबैको) और रीजेंट मिनी किंग नाम के सिगरेट बनाती है। कंपनी ने सिंगापुर की सम्पोएर्ना एशिया से टाई-अप कर रखा है।

यूं तो कंपनी की पुरानी वित्तीय उपलब्धियां बहुत उत्साहवर्धक नहीं लगतीं। लेकिन बाजार में माना जा रहा है कि यह शेयर इस साल काफी उछल सकता है। इसकी मुख्य वजह उसका रीयल्टी कारोबार बनेगा। बाजार की चर्चाओं को देखते हुए इस स्टॉक पर नजर रखने की जरूरत है।

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