श्रम को सत्ता
संघर्ष तो एक ही है घर से लेकर दफ्तर और व्यापक समाज तक। वो यह कि जो मेहनत करते हैं, उन्हें उनका वाजिब श्रेय कैसे दिलाया जाए। घर में महिला को, फैक्टरी में कामगार को, दफ्तर में कर्मचारी को और राजनीतिक पार्टी में कार्यकर्ता को।और भीऔर भी
संघर्ष तो एक ही है घर से लेकर दफ्तर और व्यापक समाज तक। वो यह कि जो मेहनत करते हैं, उन्हें उनका वाजिब श्रेय कैसे दिलाया जाए। घर में महिला को, फैक्टरी में कामगार को, दफ्तर में कर्मचारी को और राजनीतिक पार्टी में कार्यकर्ता को।और भीऔर भी
अगले 48 सालों में जापान की आबादी 32 फीसदी घट जाएगी और उसमें भी ज्यादातर बुजुर्ग होंगे। जापान के स्वास्थ्य व कल्याण मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट का कहना है कि साल 2060 तक देश की आबादी घटकर 8.67 करोड़ रह जाएगी। अगर इसके बाद भी यही दशा जारी रही तो 2110 तक जापान में सिर्फ 4.92 करोड़ लोग बचे रहेंगे। फिलहाल जापान की आबादी 12.77 करोड़ है। जापान सरकार कोऔरऔर भी
केंद्र सरकार रोजगार केंद्रों में महिलाओं के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। यह जानकारी केन्द्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि देश में नौकरी ढूंढने वाली महिलाओं से संबंधित आंकड़ों का रख-रखाव रोजगार केन्द्रों द्वारा पहले से ही किया जा रहा है। रोजगार केन्द्रों के आधुनिकीकरण और कंप्यूटरीकरण की वजह से पंजीकरण आदिऔरऔर भी
तेरह की तारीख सत्ताधारी यूपीए गठबंधन के लिए कितनी शुभ होगी या अशुभ, इसका फैसला शुक्रवार को दोपहर तक हो जाएगा। चुनाव आयोग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अभी-अभी सम्पन्न विधानसभा चुनावों की मतगणना 13 मई को होगी और उस दिन दोपहर तक परिणाम आ जाने की उम्मीद है। वैसे, दो खास बातें इन चुनावों में गौर करने लायक रही हैं। एक यह कि इस बारऔरऔर भी
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिकी में बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाओं का मानना है कि उन्हें उनके पुरूष समकक्षों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। भले ही अनुभव और दक्षता के मामले में वे उनके बराबर ही क्यों न हों। रोजगार के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट कैरियल बिल्डर के सर्वे में 38 फीसदी महिला कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें पुरूष समकक्षों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। इससे पहले वर्ष 2008 में किएऔरऔर भी
देश के तकरीबन सारे परिवार वित्तीय रूप से बीमार हैं। यह कहना है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के निदेशक बोर्ड की इकलौती महिला सदस्य और ब्रोकर फर्म असित सी मेहता की प्रबंध निदेशक दीना मेहता का। उनके मुताबिक, “आज के दौर में महिलाओं और बच्चों को वित्तीय क्षेत्र से दूर रखना कोई भी परिवार गवारा नहीं कर सकता। अपनी बचत फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखने से कुछ नहीं होनेवाला क्योंकि मुद्रास्फीति आपके पैसे को खा जाती है।औरऔर भी
जल्दी ही देश के बहुत सारे नौकरीपेशा लोगों को टैक्स-रिटर्न भरने के झंझट से निजात मिल जाएगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2011-12 का आम बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उनका कहना था कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) जल्दी ही ऐसे नौकरीपेशा करदाताओं की श्रेणी घोषित करेगा जिन्हें आयकर रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि उनका टैक्स तो नियोक्ता द्वारा टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) के जरिए पहले ही अदाऔरऔर भी
स्त्री होने के नाते ही पत्नी का भाव-संसार पति से भिन्न हो जाता है। हमें इस भिन्नता को अंगीकार करना पड़ेगा। उसका चेहरा हमारे चेहरे में समा नहीं सकता, साथ जुड़कर नया चेहरा बनाता है।और भीऔर भी
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