शेयर बाज़ार में तेज़ी का फायदा दो लोगों को मिलता है। एक, जिनके पास कंपनियों के शेयर पहले से हैं और दो, जो बदलते रुख से ताल मिलाकर फटाफट ट्रेडिंग करते हैं। कमाल की बात है कि एयरलाइन का टिकट महंगा हो जाए तो हवाई सफर करनेवाला दुखी हो जाता है, लेकिन यहां तेज़ी के दौर में शेयरों के महंगा होने पर उसे न रखनेवाला चहककर बाज़ार की तरफ दौड़ पड़ता है। सोचिए-समझिए। अब मौके की बात…औरऔर भी

इधर प्रोफेशनल ट्रेडरों से मिलना जारी है। बड़े संत मानसिकता के होते हैं ऐसे ट्रेडर। दूसरे शब्दों में कहें तो आप अगर संत मानसिकता में रहते हैं तभी ट्रेडिंग में कामयाब होते हैं। नियम है कि आप ट्रेडिंग तभी करें, जब आप मन और भावना के स्तर पर खुश हों। जिस दिन किसी से लफड़ा हुआ हो, बीवी/पति से झगड़ा हुआ हो, मन से अशांत हों, उस दिन ट्रेडिंग कतई न करें। अब सुनें आगे का हाल…औरऔर भी