हालात जितने मुश्किल हों, हमारी मुस्कान उतनी ही बढ़ जानी चाहिए। अन्यथा हम मुश्किलों से सीख नहीं पाएंगे। हम दुखी नहीं, खुश रहने पर ही सीख पाते हैं। और, खुश रहना एक मानसिक अवस्था है जिसकी कुंजी हमेशा हमारे हाथ में रहती है।और भीऔर भी

देश के लिए सोचना आसान है, करना कठिन। सोचने के लिए बस भावना चाहिए, जबकि करने के लिए सही हालात का सच्चा ज्ञान जरूरी है। भावना में सच्चे, ज्ञान में कच्चे रहे तो सत्ता के लिए लार टपकाता कोई समूह हमारा इस्तेमाल कर लेता है।और भीऔर भी

उन विचारों का क्या काम, जो हमारी अपनी गुत्थियों को न सुलझा सकें। फालतू हैं वे विचार हैं जो हमें पस्त हालत से निकाल न सकें। वो ज्ञान किस काम का जो महज दूसरों को प्रवचन देने के लिए है, लेकिन खुद हमें नया धरातल, संबल न दे सके।और भीऔर भी

हम अगर ताज़िंदगी एक ही जगह कदमताल करते रह जाते हैं तो इसके लिए हालात कम, हम ज्यादा दोषी हैं क्योंकि हालात किसी भगवान से नहीं, हमारे जैसे इंसानों से ही बनाए हैं जिनसे हम लोहा ले सकते हैं।और भीऔर भी