दुनिया के बहुतेरे सफलतम बिजनेस संगठन मूल्य जोड़ने के लिए जिस कंपनी के 1.45 लाख लोगों पर भरोसा करते हैं, उस कंपनी इनफोसिस का दिसंबर तिमाही में 30.8 फीसदी ज्यादा बिक्री और 33.3 फीसदी ज्यादा शुद्ध लाभ हासिल करना भी शेयर बाजार को रास नहीं आया। तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद देश की इस दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी के शेयर 8.43 फीसदी गिरकर 2588.25 रुपए पर पहुंच गए। यह पिछले नौ महीनों में इनफोसिसऔरऔर भी

यहां कुछ भी अकारण नहीं होता। जो कुछ भी होता है, उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। यह हमारी ही सीमा है कि हम उस कारण को देख नहीं पाते। सुज़लॉन एनर्जी का शेयर बीते साल अप्रैल में 58.45 रुपए पर जाने के बाद गिरना शुरू हुआ तो गिरता ही चला गया। नए साल के पहले कारोबारी दिन 2 जनवरी को यह मुंह के बल 17.25 रुपए तक गिर गया। करीब नौ महीने मेंऔरऔर भी

शेयर बाजार किसी भी आस्ति वर्ग से ज्यादा रिटर्न देनेवाला माध्यम है। यहां निवेश करने के दो ही रास्ते हैं। एक, अपनी रिसर्च के दम पर सीधे शेयरों को चुनकर निवेश करना और दो, म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना। अगर आप अपनी रिसर्च नहीं कर सकते तो आपके लिए एकमात्र रास्ता म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों का है। वैसे, अपने स्तर पर रिसर्च मुश्किल नहीं है। हम इस कॉलम के जरिए यही साबित करने और सिखानेऔरऔर भी

एमटेक समूह की तीन लिस्टेड कंपनियां। तीनों का वास्ता ऑटो कम्पोनेंट उद्योग से। लेकिन तीनों के शेयरों की चाल अलग। एमटेक ऑटो का शेयर साल भर पहले 8 जनवरी 2011 को 174.40 रुपए के शिखर पर था। लेकिन 21 नवंबर 2011 तक 50 फीसदी से ज्यादा टूटकर 86.05 रुपए पर आ गया। फिलहाल 97.50 रुपए पर है। इस तरह निवेशकों को यह साल भर में 44 फीसदी का घाटा करा चुका है। समूह की अन्य कंपनी अहमदनगरऔरऔर भी

जनवरी 2008 में 130.35 रुपए और जून 2009 में 91.75 रुपए पर रहा जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर का एक रुपए का शेयर जून 2010 में जब 54.40 रुपए तक आ गया तो बाजार के लोगों ने बताया और हमें भी लगा कि यह शेयर जरूर ऊपर जाएगा। 15 जून 2010 को इसके बारे में हमने पहली बार लिखा तो ठीक एक दिन पहले यह 55.40 रुपए पर था और बीएसई व एनएसई को मिलाकर उसमें कुल करीब 35 लाखऔरऔर भी

उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी (ओएमडीसी) सार्वजिनक क्षेत्र की कंपनी है। देश भर में इसकी छह खदानें हैं जिनमें 20.6 करोड़ टन लौह अयस्क और 4.4 करोड़ टन मैंगनीज अयस्क का भंडार है। माना जाता है कि इन खदानों का फिर से आकलन किया जाए तो भंडारों की मात्रा दोगुनी हो सकती है। फिलहाल कंपनी पिछले तीन-चार साल से ठंडी पड़ी थी। लेकिन उड़ीसा के क्योंझर जिले में बरबिल के आसपास स्थित उसकी दो खदानों – कोल्हा रोएडाऔरऔर भी

साल भर में करीब 25,500 करोड़ रुपए का धंधा। करीब डेढ़ लाख लोगों को सीधा रोजगार। अभी सितंबर तिमाही में करीब 7500 करोड़ रुपए की आय पर 1822 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ। मौजूदा बाजार पूंजीकरण 1.65 लाख करोड़ रुपए। इनफोसिस है तो देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी। उसका नंबर टाटा समूह की कंपनी टीसीएस के बाद आता है जिसकी सालाना आय करीब 30,000 करोड़ और मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2.34 लाख करोड़ रुपए है।औरऔर भी

शेयर बाजार हमेशा कल की सोचकर चलता है। किसी भी स्टॉक के आज के भावों में कल की संभावना निहित होती है। लेकिन कल तो बड़ा अनिश्चित है। उसके बारे में कुछ भी कहना सही निकले, यह कतई जरूरी नहीं। ऐसे में हम जैसे आम निवेशकों के लिए सही यही लगता है कि कल की छोड़कर वर्तमान में जीना सीखें। कंपनी का कल क्या होगा, यह बाद में देखा जाएगा। निवेश करते वक्त यह देख लेना जरूरीऔरऔर भी

साल 2012 में बाजार का पहला दिन। हर ब्रोकरेज हाउस व बिजनेस अखबार नए साल के टॉप पिक्स लेकर फिर हाजिर हैं। चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प सामने हैं। ऐसे में आपको और क्यों उलझाया जाए! हालांकि अगर साल 2011 के टॉप पिक्स का हश्र आपके सामने होगा तो शायद आपने इस हो-हल्ले को कोई कान ही नहीं दिया होगा। इन पर ध्यान देना भी नहीं चाहिए क्योंकि ढोल, झांझ, मजीरा व करताल लेकर यह मंडलीऔरऔर भी

हर कोई दो का चार करने में जुटा है, बिना यह जाने कि असल में दो का चार होता कैसे है। यह धरती क्या, पूरा ब्रह्माण्ड कमोबेश नियत है, स्थाई है। यहां कुछ जोड़ा-घटाया नहीं जा सकता। कोई चीज एक महाशंख टन है तो आदि से अंत तक उतनी ही रहेगी। बस, उसका रूप बदलता है। द्रव्य दूसरे द्रव्य में ही नहीं, ऊर्जा तक में बदल जाता है। लेकिन ऊर्जा और द्रव्य का योगफल एक ही रहताऔरऔर भी