पटनी कंप्यूटर्स को छोड़ दें तो अभी तक कुल तीन चिरकुट किस्म की कंपनियों ने मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। असली सिलसिला शुक्रवार, 13 अप्रैल को इनफोसिस के नतीजों के साथ शुरू होगा। चौथी तिमाही के नतीजे बाजार की दशा-दिशा तय करने का मुख्य आधार बनेंगे। हां, इससे भी बड़ा ट्रिगर ठीक हफ्ते भर बाद आनेवाली रिजर्व बैंक की सालाना मौद्रिक नीति होगी। लेकिन लगता है जैसे बाजार अपना दम खो चुका है और उठनेऔरऔर भी

निफ्टी 5400 तो छोड़िए, 5338.40 को भी पार नहीं कर सका और 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 5322.90 पर बंद हुआ। किंगफिशर एयरलाइंस खुला तो थोड़ा बढ़कर। लेकिन 18.70 रुपए तक जाने के बाद 11.11 फीसदी की बढ़त लेकर 18.50 रुपए पर बंद हुआ। गिरते बाजार में भी शेयर बढ़ते हैं। बाजार से कमाई के लिए इसी पारखी नजर को विकसित करने की जरूरत है। यह नज़र या कला अभ्यास से एक न एक दिन आऔरऔर भी

विद्वानों के मुताबिक कई तरह के संकट भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं। यूरो ज़ोन के संकट का खिंचना इस पर भारी पड़ेगा। मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसलों में पंगु बनी हुई है। यूपीए गठबंधन में ममता ने ऐसा बवाल मचा रखा है कि सरकार को राष्ट्रीय आंतकवादी विरोधी केंद्र (एनसीटीसी) तक पर झुकना पड़ रहा है। ऊपर से घोटाले हैं कि थमने का नाम तक नहीं ले रहे। कोयला तो काला था ही। पवित्र गायऔरऔर भी

मैंने कहा था कि सेंसेक्स अगले कुछ सत्रों में 500 अंक बढ़ जाएगा। 250 अंक तो वो पहले ही बढ़ चुका था और आज ही एनएवी के चलते 300 से ज्यादा अंकों की बढ़त उसने और ले ली। यह कोई करिश्मा नहीं, पहले से तय था। इसका श्रेय डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की व्यवस्था को दिया जाना चाहिए। आईएफसीआई जैसे स्टॉक को पहले तोड़कर 39.5 रुपए तक ले जाया गया और वापस 42.5 रुपए पर पहुंचाऔरऔर भी

सेंसेक्स आज 300 अंक नहीं बढ़ा, बल्कि 200 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया। लेकिन रोलओवर की तकलीफ अब बीतती दिख रही है। मेरा मानना है कि जिन स्टॉक्स में रिटेल निवेशक व ट्रेडर लांग रहे हैं, वे बदतर स्तर पर बंद होंगे। इनमें एचडीआईएल, वोल्टास और वीआईपी जैसे स्टॉक्स शामिल हैं जिन्होंने इस सीरीज में अच्छा-खासा रिटर्न दिया है। आज एचडीआईएल 5.72 फीसदी, वोल्टास 3.99 फीसदी और वीआईपी इंडस्ट्रीज 4.19 फीसदी गिरा है। दूसरी तरफऔरऔर भी

बाजार का 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) से नीचे चले जाना कोई मामूली बात नहीं होती। लेकिन आज सुबह सवा दस बजे के आसपास यही हुआ, जब सेंसेक्स नीचे में 17,061.16 पर पहुंच गया। सेंसेक्स का 200 डीएमए फिलहाल 17,118.99 है। लेकिन कुछ ही समय बाद वित्त मंत्रालय की तरफ से बयान आ गया कि वे पी-नोट्स को निशाना नहीं बना रहे हैं तो बाजार खटाक से चहकने लग गया। सेंसेक्स कुल 204.58 अंक की बढ़तऔरऔर भी

मैंने कल जो कहा था, वो आज हो गया। कल अफवाहों और प्लांटेड खबरों के चलते बाजार तीखी गिरावट का शिकार हुआ था तो आज की दिशा लगभग तय थी। कल तय लक्ष्य था ट्रेडरों को भरमाना तो उस्तादों को लगा कि उन्हें दो बजे से बाजार बंद होने तक ही बेचने की जरूरत है। तीखी गिरावट के बावजूद कल एफआईआई शुद्ध खरीदार रहे थे। उन्होंने 2396.83 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी तो 2643.39 करोड़ कीऔरऔर भी

निफ्टी व सेंसेक्स भले ही थोड़ा बढ़कर बंद हुए हों, लेकिन बाजार में घबराहट का आलम अब भी बना हुआ है। मुझे तो दिसंबर तिमाही में जीडीपी की 6.1 फीसदी वृद्धि भी जमी नहीं। लगता है कि आंकड़ों में कुछ इधर का उधर हुआ है। निफ्टी फ्यूचर्स आज 5515.95 तक चला गया जो हमारे स्टॉप लॉस 5487 से ऊपर था। लेकिन वह खुद को वहां टिका नहीं सका। अंततः 5435 पर बंद हुआ। बाजार के खिलाड़ी निफ्टीऔरऔर भी

देश की आर्थिक विकास दर अक्टूबर से दिसंबर 2011 की तिमाही में घटकर 6.1 फीसदी पर आ गई है। यह पिछले करीब तीन सालों (11 तिमाहियों) में किसी भी तिमाही की सबसे कम आर्थिक विकास दर है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 की सितंबर तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर 6.9 फीसदी और उससे पहले जून तिमाही में 7.7 फीसदी रही थी। आर्थिक विकास दर में आई इस गिरावट की मुख्य वजह इस साल अबऔरऔर भी

फरवरी में बड़ा कुछ नहीं हुआ तो ऑपरेटरों ने इसका फायदा उठाकर निफ्टी को पिछले सेटलमेंट से खींचकर 5650 तक पहुंचा दिया। अब बहुप्रतीक्षित करेक्शन आना शुरू हुआ है तो यह सारे उम्मीदों को तोड़ता हुआ 5500, 5400, 5300 से 5200 की तरफ लिए जा रहा है। आखिरी दो दिनों में तेजड़ियों ने हाथ खड़े कर दिए। लांग सौदों का मामूली रोलओवर हुआ। जो थोड़े-बहुत रोल्स हुए, वे कैश व डेरिवेटिव सेगमेंट में ऑर्बिट्रेज का नतीजा हैंऔरऔर भी