भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र जनवरी से मार्च की चालू तिमाही के बिजनेस आउटलुक को लेकर काफी उत्साहित है। लेकिन जहां तक नई नियुक्तियों का सवाल है, वह बहुत संभल कर चलेगा और ज्यादातर एंट्री व जूनियर स्तर की नौकरियों के लिए छोटे शहरों के लोगों को लेना पसंद करेगा। यह निष्कर्ष है रोजगार के अवसरों पर किए गए एक ताजा अध्ययन का। जनवरी-मार्च 2011 के लिए टीमलीज की इम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तिमाहीऔरऔर भी

वैश्विक वित्तीय फर्म सिटी ने कहा है कि कर से बचने के लिए विदेश में अवैध रूप से पैसा जमा करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार को अभी बहुत कुछ करना होगा। इसके अनुसार सरकार ने हाल ही में जो कदम उठाए, उनका कुछ असर जरूर हुआ है। सिटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘सरकारी प्रयासों के कुछ परिणाम आ रहे हैं। लेकिन विदेश में काले धन के जमा होने सेऔरऔर भी

साल 2010 में दुनिया भर के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 1122 अरब डॉलर का आधे से अधिक हिस्सा विकासशील देशों में आया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब विकासशील देशों में विकसित देशों से अधिक एफडीआई आया है। अंकटाड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां सिंगापुर, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया, मलयेशिया और वियतनाम में एफडीआई में वृद्धि हुई, वहीं भारत में इसके प्रवाह में कमी आने से दक्षिण एशिया में एफडीआई में 14% कीऔरऔर भी

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को वर्ष 2008 में नई कंपनियों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित करने में प्रधानमंत्री, वित्त मंत्रालय और विधि मंत्रालय की सलाह को नजरअंदाज करने का दोषी करार दिया है। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में इस मामले में पेश कैग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार मंत्री के रूप में राजा के इस रवैये से सरकार को 1. 76 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व काऔरऔर भी

रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) के शेयर का भाव अभी बीएसई में 173.60 रुपए और एनएसई में 174.20 रुपए चल रहा है। इसकी बुक वैल्यू 118.10 रुपए है, जबकि ठीक पिछले बारह महीनों का (टीटीएम) ईपीएस 22.36 रुपए है। इस तरह यह शेयर 7.76 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, जबकि आईटी सॉफ्टवेयर उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों में विप्रो का पी/ई अनुपात 14.03, टीसीएस का 38.12 और इनफोसिस काऔरऔर भी

साल 2009 में एशिया में करोड़पतियों की संख्या बढ़कर 30 लाख हो गई है और यह आज तक के इतिहास में पहली बार यूरोप की बराबरी में आई है। यही नहीं, एशिया के करोड़पतियों की कुल संपत्ति 9.7 लाख करोड़ डॉलर रही है जबकि यूरोप के करोड़पतियों की कुल संपत्ति 9.5 लाख करोड़ डॉलर ही रही है। यह निष्कर्ष है मेरिल लिंच-कैपगेमिनी की ताजा वर्ल्ड वेल्थ रिपोर्ट का। रिपोर्ट ने चुटकी लेते हुए कहा है कि जबऔरऔर भी