सरकार ने डीम्ड निर्यात नीति के दुरुपयोग को रोकने और इसमें जरुरी सुधार के लिए सभी संबद्ध पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सरकार को इस नीति के दुरूपयोग की रिपोर्टें बराबर मिल रही हैं, विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र में। डीम्ड निर्यात ऐसा कारोबार है जिसमें वस्तुओं को देश से बाहर नहीं भेजा जाता है, बल्कि इसका इस्तेमाल देश में ही होता है। इस प्रकार के सौदों के लिए भुगतान भी किसी भी मुद्रा में किया जा सकता है।औरऔर भी

नौकरी हासिल करने के लिए संभावित नियोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा लोग गलत जानकारियां दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 की पहली तिमाही में इस तरह के मामलों में इजाफा हुआ है। नोट करने की बात है कि मुंबई, मेरठ और कानपुर उन शीर्ष तीन शहरों में हैं, जहां उम्मीदवारों द्वारा अपनी शिक्षा के बारे में सबसे ज्यादा गलत जानकारियां दी गईं। दुनिया के पैमाने पर इस तरह के जोखिम परऔरऔर भी

अच्छे उत्पादन के चलते भारत का मक्का निर्यात अक्तूबर को समाप्त होने वाले 2010-11 के विपणन वर्ष में 33 फीसदी बढ़कर 24 लाख टन रहने की उम्मीद है। इस दौरान रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन की संभावना है। अमेरिकी खाद्यान्न परिषद (यूएसजीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2009-10 के विपणन वर्ष (नवंबर से अक्तूबर) में 18 लाख टन मक्के का निर्यात किया था। यूएसजीसी के भारत स्थित प्रतिनिधि अमित सचदेव ने बताया कि भारत का मक्का निर्यातऔरऔर भी

दुनिया में कच्चे तेल और खाद्यान्नों के दाम बढ़ने की रफ्तार यदि धीमी नहीं पड़ी तो एशियाई देशों में करीब दो करोड़ लोग गरीबी का जीवन जीने पर मजबूर हो जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की वर्ष 2011 की एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक और सामजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (यूएन एस्केप) के अनुसार यदि वर्ष 2011 में खाद्यान्न मूल्यों से जुड़ी मुद्रास्फीति दोगुनी हो जाती है औरऔरऔर भी

कल सुबह शुक्रवार, 15 अप्रैल को बाजार खुलने से पहले इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के चौथी तिमाही के साथ-साथ वित्त वर्ष 2010-11 के नतीजे आ चुके होंगे। तीन तिमाहियों के नतीजे सामने हैं तो चौथी तिमाही का रहस्य खुलने का इंतजार पूरे बाजार को है। उम्मीद का जा रही है कि नतीजे सकारात्मक रूप से चौंकानेवाले होंगे। कुछ इसी उम्मीद में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इनफोसिस का शेयर 2.45 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अप्रैल को इसका बंदऔरऔर भी

चीन सरकार ने अमेरिकी सर्च इंजिन गूगल और उसकी तीन संबद्ध कंपनियों पर कर चोरी का आरोप लगाया है। अमेरिकी कंपनी ने हाल ही में चीन सरकार पर अपनी सेवा ब्लॉक करने का आरोप लगाया था। चीनी कर अधिकारियों के हवाले से सरकारी मीडिया इकनॉमिक डेली में गुरुवार को छपी रिपोर्ट के मुताबिक गूगल से संबद्ध तीन कंपनियां गलत बिल और बही खाते में हेरफेर करती पाई गई हैं। साथ ही 4 करोड़ युआन (60.6 करोड़ अमेरिकीऔरऔर भी

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने गरीबों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रखी गई रकम का बड़ा हिस्सा मंत्री के लिए हेलीकॉप्टर किराये पर लेने व जनसंपर्क गतिविधियों पर खर्च किया है। कैग द्वारा गुरुवार को संसद में पेश रपट में यह खुलासा किया गया है। इसमें कहा गया है कि सेल ने 2006-10 के दौरान देश भर में अपने संयंत्रों में चिकित्सा शिविर लगाने पर 17.21औरऔर भी

भारत दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है। यहां तक कि चीन से भी बड़ा। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2006-10 के दौरान दुनिया के कुल हथियार निर्यात का 9% हिस्सा सोख लिया, जबकि चीन 6% के साथ दूसरे नंबर पर चला गया। भारत के हथियार आयात का 82% हिस्सा रूस से आया है। अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है। उसके बाद रूस व जर्मनी का नंबर आताऔरऔर भी

एवरेस्ट कांटो सिलिंडर लिमिटेड (बीएसई – 532684, एनएसई – EKC) को जानी-मानी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 22 सितंबर 2009 को अपनी स्वतंत्र इक्विटी रिसर्च रिपोर्ट में पांच में से चार का फंडामेंटल ग्रेड और पांच में पांच का वैल्यूएशन ग्रेड दिया था। तब यह शेयर 212 रुपए पर चल रहा था। क्रिसिल ने कहा था कि वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी का ईपीएस 9.3 रुपए रहेगा और शेयर अभी उससे 22.8 गुने यानी पी/ई अनुपात पर ट्रेडऔरऔर भी

दुनिया भर में क्लाउड कंप्यूटिंग प्रणाली धीरे-धीरे पैर जमा रही है और 2014 तक वैश्विक क्लाउड सेवा बाजार बढ़कर 148.8 अरब डॉलर होने का अनुमान है। यह बाजार 2010 में 68.3 अरब डॉलर का रहा है। अनुसंधान फर्म केपीएमजी ने क्लाउड कंप्यूटिंग और कारोबार पर इसके असर के बारे में अपनी रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला है। इसमें कहा गया है कि क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनियों को वैश्विक बाजारों में बेहतर प्रतिस्पर्धी स्थिति में लाती है। इसके अनुसारऔरऔर भी