क़ासिद के आते-आते खत इक और लिख दूं, मैं जानता हूं जो वो लिखेंगे जवाब में। सायास या अनायास, जो भी मानें, देश में बजट के सालाना अनुष्ठान का आज यही हाल हो गया है। दो दशक पहले तक लोगों को धड़कते दिल से इंतज़ार रहता था कि वित्त मंत्री क्या घोषणाएं करने वाले हैं। इनकम टैक्स में क्या होने जा रहा है। कस्टम व एक्साइज़ ड्यूटी के बारे में जहां आयातकों व निर्यातकों से लेकर छोटी-छोटीऔरऔर भी

शेयर बाज़ार भले ही लंबे समय में कंपनियों के फंडामेंटल और निवेशकों के रवैये से चलता हो। लेकिन छोटे समय में वो ट्रेडरों के रुख और मानसिकता से चलता है। जिन लोगों ने पिछले तीन महीनों में बाज़ार को करीब 16.5% चढ़ाया था, उनके सब्र का बांध अब टूटने लगा है और वे मुनाफावसूली करने लगे हैं। इनमें से बहुतेरे ट्रेडर तो प्रति माह 1.5-2% ब्याज पर धन उठाकर लगाते हैं। मुनाफावसूली के माहौल में अगली रणनीति…औरऔर भी

बजट के आसपास भांति-भांति की चर्चाएं चल निकलती हैं। ऐसी ही एक चर्चा है कि मोदी सरकार मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पर खास मेहरबान हो सकती है। पीटीए पर एंटी डपिंग ड्यूटी लग सकती है। पॉलिमर पर एक्साइज ड्यूटी घट सकती है और कच्चे तेल के आयात पर सेस लगाया जा सकता है। प्राकृतिक गैस उत्पादन व रिफाइनरी पर टैक्स छूट की मीयाद बढ़ाई जा सकती है। इनको कतई न दें तवज्जो। अब नज़र बाज़ार पर…औरऔर भी

मेरे तईं रेल बजट बाजार के लिए कोई खास मायने नहीं रखता। हम बखूबी जानते हैं कि चाहे वो रेल बजट हो या आम बजट, सरकार के लिए धन जुटाना बड़ी समस्या है। फिर भी रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने सालों बाद किराया बढ़ाने की जुर्रत की है, जिसके लिए उनकी दाद देनी पड़ेगी। हालांकि मैं तो अर्थव्यवस्था की उस सूक्ष्म तस्वीर को पकड़ने की कोशिश कर रहा हूं जो निश्चित रूप से बजट के छोटे दायरेऔरऔर भी

बाजार इसलिए नहीं बढ़ रहा कि बजट में बहुत कुछ अच्छा होने वाला है, बल्कि उसके बढ़ने की सीधी वजह यह है कि ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू हो चुका है। 15 मार्च को रिजर्व बैंक रेपो दर में 0.25 फीसदी की कमी कर सकता है। इन्हीं उम्मीदों के बीच निफ्टी आज दिन के सर्वोच्च स्तर से एकदम करीब 5429.50 पर बंद हुआ है। यह कल से 1.31 फीसदी ऊपर है। निफ्टी फ्यूचर्स आज 5476औरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2012-13 का रेल बजट 5 मार्च को पेश किया जाएगा, जबकि आम बजट 6 मार्च को संसद में रखा जाएगा। आर्थिक समीक्षा रेल बजट के साथ सोमवार, 5 मार्च को ही पेश कर दी जाएगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को साफ कर दिया कि आम बजट इस बार पांच राज्यों  में घोषित विधानसभा चुनाव खत्म होने पर पेश किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी तारीख अभी तय नहीं है। लेकिन 3औरऔर भी

भारतीय रेल के जिन जनरल डिब्बों और लोकल उपनगरीय ट्रेनों में देश के बूढ़े, बच्चे, महिलाएं और युवा जानवरों की तरह सफर करते हैं, सरकार का मानना है कि उससे उसे सबसे ज्यादा घाटा हो रहा है और इनके किरायों में वृद्धि करना अब अपरिहार्य हो गया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (ट्रैफिक) वीनू एन माथुर का कहना है यात्री किरायों को बढ़ाए बगैर रेलवे के घाटे को संभालऔरऔर भी

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इस साल के रेल बजट में ऐसी कोई नीतिगत घोषणा नहीं की थी। लेकिन भारतीय रेल अब रिटायरिंग रूम्स या प्रतीक्षालय का प्रबंध निजी हाथों में सौंपने जा रही है। इसकी शुरुआती राजधानी दिल्ली से की जा रही है। कहा जा रहा है कि इससे रेलवे स्टेशनों के प्रतीक्षालयों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उत्तर रेलवे की योजना के अनुसार इस प्रकार के प्रतीक्षालयों में टीवी सेट और रूम सर्विसऔरऔर भी

यूं तो ममता बनर्जी का रेल बजट सिर्फ राजनीति का झुनझुना भर है। 85 पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाओं की घोषणा भी बहुत बढ़ी-चढ़ी लगती है। लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि भारतीय रेल निजीकरण की दिशा में बढ़ रही है। आज ही आई आर्थिक समीक्षा ने आम बजट को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। राजकोषीय घाटे को जीपीजी के 4.8 फीसदी पर लाना दिखाता है कि सरकार अपने खजाने को चाक-चौबंद करने के प्रतिऔरऔर भी

उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बजट से पहले केवल एक कारोबारी दिन बचा है। लेकिन बाजार में छाई निराशा सुरसा के मुंह की तरह विकराल होती जा रही है। निफ्टी आज साढ़े तीन फीसदी से ज्यादा गिरकर 5242 तक चला गया। सेंसेक्स भी 600 अंक से ज्यादा गिरकर 17,560 तक पहुंच गया। हालांकि बंद होते-होते बाजार थोड़ा संभला है। इस गिरावट के पीछे खिलाड़ियों के खेल अपनी जगह होंगे। लेकिन ट्रेडर और निवेशक अब नए फेरऔरऔर भी