खुद को जीतना सबसे बड़ी जीत है। यहीं से हर विजय-पथ की चाभी मिलती है। अगर अपने को नहीं जीत सके, संयम नहीं रख सके तो कुछ भी हासिल करना असंभव है क्योंकि बिखरी-बिखरी शक्तियां आपकी मारक क्षमता को ही मार देती हैं।और भीऔर भी

लोगों को आपसे नहीं, आपको लोगों से जुड़ना है। जोड़ और प्रेम में अहंकार नहीं चलता। आप होश में हो, लोग नशे में हैं तो उनको खींचकर सही मुकाम, सही राह पर लाने का जिम्मा तो आपका ही हुआ न!और भीऔर भी

दुनिया जंगल है और उसकी सारी राहें पत्तों से ढंकी हैं। बड़े होते ही मां-बाप का हाथ छोड़ राह की तलाश में जुट जाते हैं। सच्चा गुरु मिला तो मिल जाती है मंजिल। नहीं तो ताज़िंदगी भटकते रह जाते है।और भीऔर भी