देश की अर्थव्यवस्था जल्दी ही 8-9 फीसदी की ऊंची सालाना विकास दर की राह पर वापस आ जाएगी। यूपीए सरकार की मुखिया के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सोमवार को यह दावा किया। वे संसद के बजट सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा  आर्थिक विकास दर भी अच्छी है। बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर साल भर के 8.4 फीसदी सेऔरऔर भी

सरकार ने खुद को लकवा का शिकार कहने को सरासर गलत बताया है। उसके बचाव का मोर्चा संभाला है गृह मंत्री पी चिदम्‍बरम और संसदीय कार्य व जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल ने। उन्हीं के शब्दों में, “यह कहना कि सरकार को लकवे ने जकड़ रखा है, पूरी तरह से ग़लत, अस्‍वीकार्य और बेतुका तर्क है।” इन मंत्रीगणों से गुरुवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन विधेयकों के बारे में विस्तार सेऔरऔर भी

देश की आवाज़ बन चुके गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ललकारा है कि अगर उन्हें लगता कि सरकार द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक इतना अच्छा है तो खुली बहस में सबसे सामने इसे साबित करके दिखाएं। वैसे, सरकार लोकपाल विधेयक संसद में पेश कर रही है, जिस पर पूरी बहस की तैयारी है। बहस के लिए संसद का शीतसत्र 27 से 29 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के अपनेऔरऔर भी

लोकपाल विधेयक पर सरकार अण्णा हज़ारे के आक्रामक तेवर के आगे नरम पड़ती दिख रही है। एक तरफ मुंबई के बांद्रा कुरला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में हज़ारे को 27 दिसंबर से 15 दिनों तक अनशन करने की सरकारी अनुमति मिल गई है। वहीं, इसकी नौबत न ही आए, इसके लिए कल, मंगलवार दोपहर दो बजे विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक विधेयक काऔरऔर भी

काले धन के मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को सरकार की जमकर घेराबंदी की। इतना कि उसे लाल कर डाला। हर किसी दल ने इस कदर हमला किया कि सरकार को कोई जवाब देते नहीं बना। विपक्ष ने विदेश में जमा काले धन को स्वदेश लाने, वहां खाता रखने वाले भारतीयों को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं देने और उनके नामों का खुलासा करने की मांग की। लोकसभा में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की ओर सेऔरऔर भी

सरकार ने अपने अनुमानों को जमीनी हकीकत से मिलाने की कोशिश की है। उसने अर्थव्यवस्था की छमाही समीक्षा में चालू वित्त वर्ष 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़ने का अनुमान 7.25 फीसदी से 7.50 फीसदी कर दिया है। फरवरी में बजट पेश करते वक्त इसके 9 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को संसद में देश के आर्थिक हालात की मध्य-वार्षिक समीक्षा पेश की। इस समीक्षा रिपोर्ट मेंऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यह तो माना है कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन उनका कहना है कि अब भी हालत इतनी खराब नहीं है कि हमारे सामने ‘छिपकली खाने’ की नौबत आ गई हो। वित्त मंत्री अंग्रेजी में ही बोलते हैं तो उनका असली कहा पेश है। उन्होंने बुधवार को लोकसभा में 2011-12 के बजट की अनूपूरक मांगों का प्रस्ताव पेश करते हुए लोकसभा में कहा: The economy is inऔरऔर भी

सरकार ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का फैसला तब तक टाल दिया है, जब तक इससे जुड़े सभी पक्षों में सहमति नहीं बन जाती। सरकार ने बुधवार को सुबह सर्वदलीय बैठक के बाद यह घोषणा की। इसके बाद नौ दिन से हंगामे की शिकार संसद की कार्यवाही सामान्य तरीके से चल पड़ी। सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “यह रिटेल व्यापार में एफडीआई कोऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि बुधवार को जब चार दिन के अंतराल के बाद संसद की बैठक होगी तो कार्यवाही सामान्य तरीके से चलेगी। सोमवार को राजधानी दिल्ली में नौसेना दिवस पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री से यह उम्मीद जताई। यह भी माना रहा है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी उसी दिन सर्वदलीय बैठक के बाद संसद में औपचारिक घोषणा कर देंगे कि मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) काऔरऔर भी

देश के गली-मोहल्लों तक बिखरी 55 लाख किराना दुकानों के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उनमें डर समा गया है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आने से उनका वजूद मिट सकता है। दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद में पांच करोड़ लोगों ने शिरकत की है। दावों की सत्यता नापने का कोई जरिया नहीं है। लेकिन यह सच है किऔरऔर भी