अमेरिकी बाजार के खिलाड़ियों ने आखिरकार स्वीकार कर लिया कि उनके यहां जमकर बिकवाली हो चुकी है और फिलहाल दूर-दूर तक गिरावट के आसार नहीं हैं। कंपनियों के तिमाही नतीजों का ताजा दौर भी बाजार को अच्छा सहयोग देगा। भारतीय बाजार भी खुद को लंबे समय से निफ्टी के 5200 और 5340 अंकों के बीच जमा चुका है। आज भी यह 5340 अंक तक चला गया और बंद हुआ 5300 अंक के एकदम करीब। 5370 अंक परऔरऔर भी

जब आप दुखी होकर बताते हैं कि बजाज हिंदुस्तान का शेयर ठीक से नहीं चला और नतीजतन नुकसान उठाना पड़ा, तब हमें आपकी ट्रेडिंग के तरीके को लेकर अफसोस होता है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि ए ग्रुप की ट्रेडिंग कोई विज्ञान नहीं है और उद्योग के महारथी तक इसमें घाटा उठाते हैं। इसलिए इसमें हमेशा स्टॉप लॉस लगाकर चलना चाहिए। लेकिन हमें इससे भी ज्यादा अफसोस तब होता है जब आप श्राडेर डंकन जैसे स्टॉकऔरऔर भी

विदेशी बाजार से अच्छी हवाएं आईं तो हमारा बाजार भी बढ़ गया। लेकिन यह बहुत तात्कालिक नजरिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के अपने फंडामेंटल इतने मजबूत हैं कि हमारे बाजार को बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अच्छा मानसून, पेट्रोलियम पदार्थों से मूल्य नियंत्रण हटाने जैसे साहसी सरकारी कदम, मुद्रास्फीति के दिसंबर तक 6 फीसदी पर आ जाने का भरोसा और इस साल कंपनियों की आय में 25 फीसदी से ज्यादा वृद्धि के संकेत। यह सारा कुछ कोराऔरऔर भी

रिलायंस पावर का 3.91 फीसदी बढ़कर 182 रुपए और आरएनआरएल का 27.10 फीसदी घटकर 46.40 रुपए पर बंद होना विलय के अनुपात के हिसाब से मूल्यों का समायोजन है। ऐसा तो होना ही था। श्राडेर डंकन को भी आज बढ़ना था और उस पर ऊपरी सर्किट ब्रेकर भी लगना ही था। कारण, समाचार एजेंसी ने वह खबर चला दी थी और प्रमुख आर्थिक अखबार ने छाप दी थी जिसकी हांक हम महीने भर पहले से लगा रहेऔरऔर भी

पानी की कीमत तो प्यासा ही जानता है। उसी तरह ज्ञान की असली जरूरत और भूख निवेशक समझता है। ट्रेडर की तुलना तो अधिक से अधिक उस बंदर की जा सकती है जो इस डाल से उस डाल, इस पेड़ से उस पेड़ पर फुदकता रहता है। वे तो उन बेचारे देहाती लोगों की तरह है जिनके पास दिन के आखिर में बस पैसा होता है और कुछ नहीं। सेरा, एस्ट्रा, एलएमएल, गिलैंडर… और क्या चाहिए हमेंऔरऔर भी

कल और आज में कुछ खास नहीं बदला है। बाजार के ऊपर रहने की कोई वजह नहीं थी। लेकिन हुआ यह कि डे ट्रेडरों ने अमेरिकी बाजार की हालत पस्त देखकर एकदम निचले स्तर पर शॉर्ट सेलिंग कर ली और फिर कवरिंग के चक्कर में उल्टी धारा में फंस गए। निफ्टी को करेक्शन के साथ 5140 तक जाना चाहिए ताकि बाजार ज्यादा सार्थक और स्वस्थ स्तरों पर आ सके। हमें कोई भी नई खरीद करने से पहलेऔरऔर भी

ब्याज दरें नहीं बढ़ीं तो जैसी कि उम्मीद थी, बाजार एक नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है। अब यह पक्का है कि निफ्टी 5500 और 5700 का स्तर छू लेगा। ए ग्रुप के शेयरों में वापसी तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी। आप ही देखिए कि जीटीएल इंफ्रा में इतनी बड़ी खबर आने के बावजूद शेयर 54.40 तक जाने के बाद 47 रुपए के आसपास बंद हुआ। हालांकि इस स्टॉक में दीर्घकालीन संभावना अब भी बरकरार है।औरऔर भी

तेल कीमतों पर नियंत्रण हटाने के सरकारी फैसले के बावजूद बाजार गिर कर बंद हुआ। हालांकि सभी तेल कंपनियों के शेयर 10-15 फीसदी बढ़ गए। मीडिया में आई खबर के मुताबिक खुफिया विभाग (आईबी) ने इसी हफ्ते ऑयल स्टॉक्स पर बिग बुल्स की गिरफ्त की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी थी। फिर भी इसी हफ्ते में तेल मूल्यों से नियंत्रण हटाने का फैसला हो गया। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार ने बिना इसका इंतजार किएऔरऔर भी

रोलओवर में केवल एक दिन बचा है। चूंकि बाजार (निफ्टी) ने खुद को 5300 के स्तर पर जमा लिया है, इसलिए लगता है कि नए सेटलमेंट में यह धमाके के साथ 5800 की ओर बढ़ सकता है। आईएफसीआई अभी के लिए प्यारा स्टॉक रहेगा। इस्पात, सेंचुरी व एस्सार ऑयल में गदर मचेगी और मेटल स्टॉक्स में फिर से रैली शुरू होगी। अभी तक हमने साबित कर दिया है कि निफ्टी में हमारी कॉल सबसे बेहतर रही हैंऔरऔर भी

गिरावट का आखिरी दौर अब निपट रहा है। इसके बाद निफ्टी कभी भी 5000 का स्तर नहीं छू सकता है। अब निफ्टी के 7000 तक पहुंचने की यात्रा शुरू हो चुकी है। अभी की गिरावट की बडी वजह रोलओवर है। क्या करें रोलओवर की अपनी अहमियत है और उससे गुजरने की अपनी तकलीफ भी। सब पाने के चक्कर में कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए मेरा कहना है कि हमें बी ग्रुप के शेयरों पर केंद्रित करना चाहिएऔरऔर भी